ईरान के शीर्ष राजनीतिक परिदृश्य में उस समय अचानक हलचल तेज हो गई जब सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई की स्थिति बिगड़ने के बाद उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराए जाने की खबर सामने आई। चैनल 14 तथा जेरूसलम पोस्ट द्वारा ईरानी प्रशासन और खुफिया नेटवर्क से जुड़े सूत्रों के हवाले से जारी जानकारियों के अनुसार, देश के शीर्ष प्रशासनिक हलकों में यह चर्चा तेजी से फैल रही है कि उनकी शारीरिक स्थिति अत्यंत गंभीर है। सुरक्षा प्रतिष्ठानों से जुड़े एक अंदरूनी सूत्र का तो यहां तक कहना है कि यदि निकट भविष्य में उनके निधन अथवा शहादत की आधिकारिक घोषणा होती है, तो इसमें कोई अचरज की बात नहीं होगी।
पदभार ग्रहण करने के बाद से सार्वजनिक उपस्थिति से दूरी
मुज्तबा खामेनेई ने 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा चलाए गए संयुक्त सैन्य अभियान में अपने पिता के मारे जाने के तुरंत बाद देश के सर्वोच्च नेता का पद संभाला था। हालांकि, कमान संभालने के बाद से वे आज तक एक बार भी किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में नजर नहीं आए हैं। उनके द्वारा जारी किए गए सभी संदेश और शासकीय निर्देश केवल लिखित बयानों तक ही सीमित रहे हैं। रणनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जिस समय उनके पिता के परिसर को निशाना बनाया गया था, उसी शुरुआती सैन्य हमले के दौरान वे स्वयं भी गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। इस हमले में उनके चेहरे पर भी गहरी चोटें आने की आशंका जताई गई थी, जिसके कारण उन्हें किसी सुरक्षित ठिकाने पर शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा।
बिचौलियों के नेटवर्क और सीमित संपर्क पर निर्भरता
सार्वजनिक रूप से सामने आने में असमर्थ रहने के कारण मुज्तबा खामेनेई को सरकारी मशीनरी और वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों तक अपने निर्देश पहुंचाने के लिए बिचौलियों के एक बेहद धीमे और गोपनीय नेटवर्क पर निर्भर रहना पड़ रहा है। इस जटिल व्यवस्था का असर शासन के कामकाज पर भी पड़ रहा है। खुद ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने राष्ट्रीय टेलीविजन को दिए एक साक्षात्कार में इस बात को स्वीकार किया कि मौजूदा परिस्थितियों में सुप्रीम लीडर से सीधा संपर्क स्थापित करना बेहद कठिन कार्य साबित हो रहा है। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके ठिकाने और निर्णय लेने की क्षमता को लेकर शंकाएं और अधिक गहरा गई हैं।
विदेश में होने के दावे और अंतरराष्ट्रीय खुफिया आकलन
मुज्तबा खामेनेई की कार्यकुशलता और मौजूदगी पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। इसी क्रम में जुलाई के महीने में सऊदी अरब के प्रमुख समाचार आउटलेट अल-हदाथ ने इजराइली सुरक्षा सूत्रों का हवाला देते हुए दावा किया था कि मुज्तबा खामेनेई अब ईरान की सीमाओं के भीतर मौजूद ही नहीं हैं। लगभग उसी समयावधि में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फॉक्स न्यूज़ के साथ बातचीत में टिप्पणी की थी कि सैन्य कार्रवाई के परिणामस्वरूप ईरान की मुख्य कमान और शीर्ष सैन्य नेतृत्व लगभग नष्ट हो चुका है। डोनाल्ड ट्रंप का दावा था कि उस सैन्य हमले के बाद खामेनेई 90% तक अक्षम हो चुके थे और शासकीय कार्यों का संचालन करने की स्थिति में नहीं रहे थे।
सरकारी दावों और वास्तविक स्थिति के बीच विरोधाभास
ईरानी प्रशासन की ओर से अब तक आधिकारिक तौर पर उनकी चोटों की गंभीरता को खारिज करने का प्रयास किया जाता रहा है। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ताओं और वरिष्ठ अधिकारियों ने शुरुआत में उनकी चोटों को मामूली और साधारण करार दिया था। सरकारी सूत्रों का निरंतर यही कहना रहा है कि सुप्रीम लीडर देश के रणनीतिक मामलों, रक्षा प्राथमिकताओं और नीतिगत फैसलों का मार्गदर्शन पूरी तरह से कर रहे हैं। हालांकि, पश्चिमी खुफिया एजेंसियों और ईरानी विपक्ष का स्पष्ट आकलन है कि उनके चेहरे और शरीर पर आई गंभीर क्षति ही उनके सीधे प्रसारण या जनता के सामने न आने की मुख्य वजह है। किसी भी लाइव संबोधन के अभाव में क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर ईरान की आंतरिक स्थिरता को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।



















