सोना और चांदी खरीदने की सोच रहे लोगों के लिए 6 जुलाई का दिन थोड़ी राहत लेकर आया। डॉलर में आई तेजी ने पूरे सर्राफा बाजार पर दबाव बनाया, जिसका सीधा असर कीमती धातुओं की कीमतों पर पड़ा। नतीजा यह रहा कि देशभर में सोने के भाव 1,100 रुपये तक नीचे आ गए, लेकिन असली झटका चांदी में लगा, जो सोने के मुकाबले कहीं तेजी से टूटी और प्रति किलो 5,000 रुपये तक सस्ती हो गई। आइए एक-एक कैरेट और हर वजन के हिसाब से नए भाव समझते हैं।
24 कैरेट सोने के ताजा भाव
सबसे शुद्ध माने जाने वाले 24 कैरेट सोने की कीमत में सबसे बड़ी कटौती दिखी। 100 ग्राम सोना 1,100 रुपये गिरकर 14,66,200 रुपये पर पहुंच गया, जबकि 10 ग्राम सोने का भाव 110 रुपये घटकर 1,46,620 रुपये रह गया। इसी तरह 8 ग्राम सोना 88 रुपये सस्ता होकर 1,17,296 रुपये और 1 ग्राम सोना 11 रुपये की गिरावट के साथ 14,662 रुपये पर आ गया। यानी छोटे से लेकर बड़े हर वजन में खरीदारों को आज पहले के मुकाबले कम पैसे चुकाने होंगे।
22 कैरेट सोने का हाल
गहनों के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले 22 कैरेट सोने में भी नरमी रही। 100 ग्राम का भाव 1,000 रुपये लुढ़ककर 13,44,000 रुपये पर आ गया और 10 ग्राम सोना 100 रुपये फिसलकर 1,34,400 रुपये का हो गया। यहां भी 8 ग्राम सोना 80 रुपये कम होकर 1,07,520 रुपये और 1 ग्राम सोना 10 रुपये घटकर 13,440 रुपये पर बिका। शादी-ब्याह या त्योहारों के लिए जेवर खरीदने वालों के लिहाज से यह गिरावट मायने रखती है।
18 कैरेट सोना कितना सस्ता हुआ
हल्के और मिश्रित गहनों में काम आने वाले 18 कैरेट सोने की कीमत भी नीचे आई। 100 ग्राम सोना 800 रुपये टूटकर 10,99,700 रुपये पर पहुंचा, वहीं 10 ग्राम सोना 80 रुपये गिरकर 1,09,970 रुपये का हो गया। इसके अलावा 8 ग्राम सोना 64 रुपये सस्ता होकर 87,976 रुपये और 1 ग्राम सोना 8 रुपये की गिरावट के साथ 10,997 रुपये पर आ गया।
चांदी में लगा तगड़ा झटका
सोने के मुकाबले 6 जुलाई को चांदी का प्रदर्शन कहीं कमजोर रहा और इसमें बड़ी गिरावट देखने को मिली। 1 किलो चांदी का भाव 5,000 रुपये लुढ़ककर 2.45 लाख रुपये पर आ गया, जबकि 100 ग्राम चांदी 500 रुपये गिरकर 24,500 रुपये की रह गई। इतना ही नहीं, 10 ग्राम चांदी 50 रुपये फिसलकर 2,450 रुपये पर आई। छोटे वजन की बात करें तो 8 ग्राम चांदी 40 रुपये सस्ती होकर 1,960 रुपये की हो गई और 1 ग्राम चांदी 5 रुपये की गिरावट के बाद 245 रुपये पर टिकी।
आखिर दाम क्यों गिरे
इस ताजा गिरावट की सबसे बड़ी वजह डॉलर में आई मजबूती को माना जा रहा है। डॉलर इस समय 100.97 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा है और इसकी यही तेजी बाजार को मिल रहे उन सकारात्मक संकेतों पर भारी पड़ गई, जो कच्चे तेल की गिरती कीमतों और ब्याज दर बढ़ने की घटती आशंका से मिल रहे थे। दरअसल, ब्याज दर बढ़ने की संभावना पहले जहां 66 फीसदी आंकी जा रही थी, वह अब घटकर 50 फीसदी पर आ गई है। जब डॉलर मजबूत होता है तो सोना-चांदी जैसी धातुएं दूसरे देशों के खरीदारों के लिए महंगी पड़ने लगती हैं, जिससे उन पर बिकवाली का दबाव बन जाता है।
एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर. के मुताबिक, "कमोडिटी बाजारों ने हफ्ते का अंत सतर्क सकारात्मक रुख के साथ किया, क्योंकि निवेशक अमेरिका के कमजोर आर्थिक आंकड़ों, फेडरल रिजर्व की नीति को लेकर बदलती उम्मीदों, ट्रेजरी यील्ड और डॉलर की चाल तथा वैश्विक ऊर्जा बाजारों की घटनाओं को तौल रहे थे।"
आगे क्या रह सकता है रुझान
दिन की गिरावट के बावजूद जानकार इस हफ्ते कीमती धातुओं को लेकर उम्मीद से भरे हैं। सोना और चांदी दोनों लगातार दो हफ्तों से बढ़त बना चुके हैं और पिछले हफ्ते सोने में करीब 1 फीसदी का उछाल दर्ज हुआ था। इसकी वजह अमेरिका के उम्मीद से कमजोर रोजगार आंकड़े रहे। एक्सिस डायरेक्ट के विश्लेषकों के मुताबिक, ISM मैन्युफैक्चरिंग PMI 53.3 पर रहा, जो बाजार की 53.8 की उम्मीद से नीचे था, जबकि नॉन-फार्म पेरोल में सिर्फ 57,000 की बढ़ोतरी हुई, जबकि अनुमान 114,000 का था। इन कमजोर आंकड़ों ने आगे ब्याज दर बढ़ने की उम्मीदों को घटा दिया, जिससे सोने की कीमतों को सहारा मिला।
इसके अलावा फेड चेयरमैन वार्श के कुछ नरम रुख ने भी तेजी के रुझान को मजबूती दी और निचले स्तरों पर कीमतों को संभाले रखने में मदद की। आगे की बात करें तो एक्सिस के विश्लेषकों का मानना है कि इस हफ्ते आने वाले FOMC बैठक के मिनट्स सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव बनाए रख सकते हैं, क्योंकि बाजार फेडरल रिजर्व की आगे की नीति को लेकर और स्पष्टता तलाश रहा है। पोनमुडी का भी मानना है कि कीमती धातुओं का रुझान आने वाले अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों और फेड की नीति की दिशा को लेकर बदलती उम्मीदों से करीबी तौर पर जुड़ा रहेगा।











