देश में करोड़ों नौकरीपेशा लोगों के लिए पीएफ खाता भविष्य की सबसे बड़ी बचत होता है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के आंकड़ों की मानें तो अभी करीब 8 करोड़ लोगों के पीएफ खाते चल रहे हैं। इस खाते में रिटायरमेंट और आगे की जरूरतों के लिए पैसा जमा होता रहता है, लेकिन अच्छी बात यह है कि जरूरत पड़ने पर आप इसमें से रकम निकाल भी सकते हैं। संगठन ने हाल ही में निकासी के नियमों में बदलाव किया है। अब घर बनाने, बीमारी, शादी और दिव्यांग हो जाने जैसी स्थितियों में भी खाते से पैसे निकालने की छूट दी गई है।
ताजा नियमों में सबसे बड़ी राहत उन खाताधारकों के लिए है जो दिव्यांग हो जाते हैं। संगठन का कहना है कि अगर कोई खाताधारक पूरी तरह विकलांग हो गया है और आगे काम करने की स्थिति में नहीं है, तो उसे खाते की पूरी यानी 100 फीसदी रकम निकालने की इजाजत मिल जाती है। वहीं आंशिक रूप से विकलांग होने पर भी हिस्से में निकासी की सुविधा है। खास बात यह है कि यह रकम नॉन रिफंडेबल रहेगी, यानी इसे वापस जमा करने की जरूरत नहीं होगी।
पूरी तरह दिव्यांग होने पर क्या मिलेगा
ईपीएफओ के प्रावधान के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति पूरी तरह दिव्यांग हो जाता है, तो पीएफ खाते में जमा 100 फीसदी राशि निकालने की सुविधा उसे मिलती है। इसके लिए शर्त सिर्फ इतनी है कि खाताधारक काम करने में पूरी तरह अक्षम हो। इस रकम में कर्मचारी और नियोक्ता, दोनों की ओर से जमा किया गया हिस्सा शामिल रहेगा। यानी खाते में जो कुल जमा है, वह पूरा का पूरा निकाला जा सकता है।
25 फीसदी वाला नियम किन पर लागू
आम तौर पर पीएफ से पैसे निकालते समय खाते में 25 फीसदी राशि बचाए रखना जरूरी होता है। लेकिन यह लॉक इन शर्त उन लोगों पर लागू नहीं होती जो पूरी तरह दिव्यांग हो जाते हैं, वे पूरी रकम निकाल सकते हैं। वहीं जो लोग आंशिक रूप से दिव्यांग होते हैं, उन पर 25 फीसदी राशि खाते में रखने की बाध्यता बनी रहती है।
आंशिक विकलांगता में कितनी निकासी
अगर कोई खाताधारक आंशिक रूप से विकलांग होता है, तो उसे इलाज और दूसरे खर्चों के लिए पैसे निकालने की छूट दी जाती है। इसके तहत बेसिक सैलरी और डीए को जोड़कर 6 महीने के बराबर की राशि निकाली जा सकती है। हालांकि इस दौरान भी खाते में जमा कुल रकम का 25 फीसदी हिस्सा हर हाल में बचा रहना चाहिए।
कागजी झंझट खत्म, तीन दिन में पैसा
संगठन ने इस तरह की निकासी को बेहद आसान बना दिया है और इसके लिए किसी दस्तावेज की जरूरत नहीं रह गई है। न कोई मेडिकल डॉक्यूमेंट लगेगा और न ही किसी प्रोफार्मा की जरूरत होगी। आंशिक दिव्यांग खाताधारक को पैसे निकालने के लिए बस फॉर्म 31 भरना होगा और उसके साथ एक हलफनामा लगाना होगा। अगर खाते की केवाईसी और बाकी दस्तावेज पूरे हैं, तो तीन दिन के भीतर रकम खाते में पहुंच जाएगी।













