डॉलर के एक साल से ज्यादा के ऊंचे स्तर पर टिके रहने और कीमती धातुओं में जोरदार बिकवाली के बावजूद 25 जून को एमसीएक्स पर सोना और चांदी ने निचले स्तरों से अच्छी वापसी की। एमसीएक्स पर सोना 380 रुपये यानी 0.3% चढ़कर 1,41,650 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जबकि चांदी ने इससे बेहतर प्रदर्शन करते हुए 1.5% से ज्यादा यानी 3,285 रुपये की छलांग लगाकर 2,16,360 रुपये प्रति किलो का दिन का नया उच्च स्तर छू लिया।
एमसीएक्स पर सोने-चांदी की चाल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोने के अहम स्तर के नीचे फिसलने और डॉलर के एक साल के ऊंचे स्तर पर बने रहने के बावजूद एमसीएक्स पर दोनों धातुओं ने तेजी पकड़ी। सोने ने कारोबार के दौरान 1,41,989 रुपये प्रति 10 ग्राम का इंट्राडे उच्च स्तर छुआ।
चांदी ने दिन में एक समय 824 रुपये यानी 0.4% की बढ़त के साथ 2,13,899 रुपये प्रति किलो का स्तर भी दिखाया, जबकि कारोबार की शुरुआत में यह 2,10,043 रुपये प्रति किलो के इंट्राडे निचले स्तर तक गिर गई थी। सोना भी सतर्क बढ़त के साथ चला और 1,40,543 रुपये प्रति 10 ग्राम के इंट्राडे निचले स्तर से उबरकर 1,41,476 रुपये पर आ गया, जो 200 रुपये से ज्यादा की बढ़त है।
बाजार का हाल: गौरव गर्ग का नजरिया
लेमन मार्केट्स डेस्क के रिसर्च एनालिस्ट गौरव गर्ग के मुताबिक, कमोडिटी बाजार में सोने में हल्की बढ़त दिखी और यह 0.28% की मामूली तेजी के साथ करीब 1,21,501 रुपये प्रति 10 ग्राम के बराबर स्तर पर रहा। दूसरी ओर चांदी में बड़ी गिरावट आई और यह करीब 1,73,692 रुपये प्रति किलो तक लुढ़क गई, जो दिसंबर 2025 के बाद इसका सबसे निचला स्तर है। कीमती धातुओं में यह व्यापक बिकवाली भू-राजनीतिक तनाव घटने और मजबूत होते अमेरिकी डॉलर की वजह से रही। इसके साथ ही कच्चे तेल में भी 1.25% की गिरावट आई और WTI क्रूड करीब 6,560 रुपये प्रति बैरल पर आ गया, क्योंकि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच मांग को लेकर चिंता बनी हुई है।
डॉलर और फेड की सख्ती से दबाव
पश्चिम एशिया में तनाव घटने के बावजूद पूरे जून 2026 में कीमती धातुएं भारी बिकवाली के दबाव में रहीं। इसकी सबसे बड़ी वजह अमेरिकी फेडरल रिजर्व का सख्त रुख और 2026 में दरें बढ़ने की आशंका है। प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर एक साल से ज्यादा के ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है और 101.50 के स्तर को पार कर गया है। डॉलर के महंगा होने से दूसरी मुद्राओं वाले खरीदारों के लिए सोने जैसी डॉलर में कीमत वाली कमोडिटी और महंगी हो जाती है।
पिछले हफ्ते फेड ने ब्याज दरों को स्थिर रखा, लेकिन सख्त मौद्रिक नीति की ओर बढ़ते समर्थन के संकेत दिए। फेड चेयर केविन वॉर्श ने महंगाई पर काबू पाने की अपनी प्रतिबद्धता जताई। बाजार अब सितंबर में दरें बढ़ने की संभावना मान रहा है और साल खत्म होने से पहले इनमें और इजाफा हो सकता है। ऊंची ब्याज दरें आमतौर पर सोने और चांदी जैसी बिना ब्याज वाली संपत्तियों का आकर्षण घटा देती हैं।
दरें बढ़ने की इन उम्मीदों ने अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता में हुई प्रगति के सकारात्मक असर को भी दबा दिया है। इस प्रगति से कच्चे तेल की कीमतें संघर्ष से पहले के स्तर पर लौट आई हैं और महंगाई का दबाव काफी कम हुआ है।
ETF में तेज गिरावट
कीमती धातुओं की कीमतों में लगातार दूसरे सत्र गिरावट के चलते सोने और चांदी के ETF भी तेजी से टूटे। सबसे ज्यादा मार चांदी के ETF पर पड़ी और कुछ फंड 8% तक गिर गए, जबकि ज्यादातर सोने के ETF में 1% से 4% तक की गिरावट रही। यह बिकवाली घरेलू एमसीएक्स और वैश्विक सर्राफा बाजार, दोनों की कमजोरी के बाद आई।
निवेशकों के लिए क्या है सलाह
बाजार के जानकारों का मानना है कि लंबी अवधि के निवेशकों को इस गिरावट को बाहर निकलने की वजह नहीं, बल्कि मौके की तरह देखना चाहिए। उनका सुझाव है कि SIP या थोड़ी-थोड़ी करके खरीदारी के जरिए धीरे-धीरे निवेश बढ़ाया जाए और कीमती धातुओं को विविधता वाले पोर्टफोलियो में करीब 5% से 15% तक रखा जाए। इसमें स्थिरता के लिए सोने को तरजीह दी जाए, जबकि चांदी को ज्यादा उतार-चढ़ाव वाली ग्रोथ एसेट की तरह देखा जाए।
आज के कैरेट के हिसाब से सोने के भाव
18 कैरेट में 100 ग्राम सोना 20,800 रुपये टूटकर 10,51,000 रुपये पर आ गया, 10 ग्राम सोना 2,080 रुपये गिरकर 1,05,100 रुपये, 8 ग्राम 1,664 रुपये फिसलकर 84,080 रुपये और 1 ग्राम सोना 208 रुपये घटकर 10,510 रुपये रह गया।
22 कैरेट सोने में 100 ग्राम का भाव 25,500 रुपये लुढ़ककर 12,84,500 रुपये, 10 ग्राम 2,550 रुपये गिरकर 1,28,450 रुपये, 8 ग्राम 2,040 रुपये टूटकर 1,02,760 रुपये और 1 ग्राम 255 रुपये घटकर 12,845 रुपये पर आ गया।
24 कैरेट सोने में 100 ग्राम की कीमत 27,800 रुपये गिरकर 14,01,300 रुपये रह गई, 10 ग्राम 2,780 रुपये टूटकर 1,40,130 रुपये, 8 ग्राम 2,224 रुपये फिसलकर 1,12,104 रुपये और 1 ग्राम 278 रुपये घटकर 14,013 रुपये पर आ गया।













