भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम यानी आईआरसीटीसी के शेयरों में लंबे समय से जारी दबाव के बाद अब वित्तीय विश्लेषकों का नजरिया सकारात्मक होता दिख रहा है। पिछले एक साल के दौरान लगभग 36 फीसदी का नुकसान झेल चुके इस रेलवे शेयर पर ब्रोकिंग फर्म चॉइस इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने तेजी का भरोसा जताया है। ब्रोकरेज फर्म का आंकलन है कि मौजूदा कीमत से यह शेयर करीब 20 प्रतिशत की बढ़त दर्ज कर सकता है, जिसके आधार पर निवेशकों को इस काउंटर में खरीदारी करने का सुझाव दिया गया है।
हालिया कारोबारी रुझान और शेयरों का प्रदर्शन
बीते कुछ कारोबारी सत्रों से आईआरसीटीसी के शेयरों में सुस्ती देखी गई है। सोमवार के दिन यह शेयर 471 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था। अल्पकालिक और मध्यम अवधि के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले एक महीने में इसकी कीमत में 2 फीसदी की कमजोरी आई है, जबकि छह महीने के अंतराल में इसमें 8 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। इसके अलावा साल 2026 में अब तक इस काउंटर ने 31 फीसदी का गोता लगाया है और एक साल की अवधि में यह शेयर कुल मिलाकर करीब 36 फीसदी नीचे आ चुका है।
टारगेट प्राइस और कंपनी का मौजूदा मूल्यांकन
चॉइस इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने इस रेलवे शेयर पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए इसे 'BUY' रेटिंग दी है और प्रति शेयर ₹560 रुपये का नया टारगेट प्राइस निर्धारित किया है। यह लक्ष्य मौजूदा भाव से लगभग 20% तक की संभावित रैली को रेखांकित करता है। बीएसई पर लगभग ₹37,700 करोड़ के मार्केट कैपिटलाइजेशन वाली इस कंपनी के शेयरों का 52 हफ्तों का उच्चतम स्तर ₹736.80 रहा है। ऐसे में विश्लेषकों का मानना है कि ऊपरी स्तरों से भारी बिकवाली के बाद मौजूदा भाव पर कंपनी का वैल्यूएशन काफी आकर्षक स्तर पर आ पहुंचा है।
बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन और सुपर ऐप से विकास को गति
एनालिस्ट्स के इस तेजी वाले दृष्टिकोण के केंद्र में कंपनी का जारी कारोबारी बदलाव यानी बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन है। आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में रेलवे के कुल आरक्षित टिकटों में से लगभग 89% टिकट पहले से ही ऑनलाइन माध्यम से बुक किए जा रहे हैं। इसका साफ संकेत यह है कि कोर टिकटिंग कारोबार में नए ग्राहकों को सीधे जोड़ने की गति अब एक निश्चित सीमा तक पहुंच रही है। इसी परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए कंपनी अपने विशाल यूजर बेस से प्रति यूजर औसत आय बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है। आईआरसीटीसी वर्तमान में एक एकीकृत सुपर ऐप पर काम कर रहा है, जिसके माध्यम से रेल टिकट के साथ होटल, फ्लाइट, बस सेवा, कैटरिंग और हॉलिडे टूर पैकेज की एंड-टू-एंड बुकिंग एक ही जगह उपलब्ध होगी। यह क्रॉस-सेलिंग व्यवस्था आने वाले समय में कंपनी की नॉन-टिकटिंग आमदनी को कई गुना तेज कर सकती है।
रेलवे आधुनिकीकरण और वंदे भारत नेटवर्क का असर
रेल नेटवर्क के व्यापक आधुनिकीकरण से आईआरसीटीसी की बैलेंस शीट को महत्वपूर्ण वित्तीय और परिचालन मजबूती मिल रही है। आंकड़ों से पता चलता है कि कुल आरक्षित टिकटिंग में प्रीमियम एसी वर्ग की हिस्सेदारी बढ़कर 51% के स्तर को पार कर चुकी है। इसके साथ ही वर्तमान में पूरे देश में लगभग 164 वंदे भारत ट्रेनें सेवाएं दे रही हैं। ब्रोकरेज के विश्लेषण के अनुसार वर्ष 2030 तक इन ट्रेनों की संख्या लगभग 800 और वर्ष 2047 तक 4,500 तक पहुंचाने की योजना पर काम चल रहा है। रेल नेटवर्क के इस अभूतपूर्व विस्तार से न सिर्फ हाई-मार्जिन टिकटिंग श्रेणी को मजबूती मिलेगी, बल्कि ऑन-बोर्ड फूड कैटरिंग तथा प्रीमियम पैकेजिंग व्यवसाय में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जाएगी।



















