तिरुवनंतपुरम के पालयम स्थित बेकरी जंक्शन के पास गोर्की भवन में शनिवार, 19 सितंबर को एक बार फिर किस्मत आजमाने वालों की निगाहें टिकी हुई हैं। केरल राज्य लॉटरी विभाग द्वारा कारुण्या केआर 769 लकी ड्रॉ का आयोजन दोपहर 3 बजे से शुरू किया गया है। इस साप्ताहिक लॉटरी में भाग लेने वाले लोग आधिकारिक तौर पर प्रक्रिया पूरी होने के बाद अपने टिकटों के नंबरों का मिलान कर सकते हैं, जबकि पूरे नतीजों की औपचारिक पीडीएफ शाम लगभग 4:30 बजे जारी की जाती है।
शीर्ष पर 1 करोड़ का नकद पुरस्कार और अन्य श्रेणियां
इस बार के कारुण्या केआर 769 लॉटरी संस्करण में कई स्तरों पर आकर्षक इनामी राशि रखी गई है। सबसे बड़ा आकर्षण इसका प्रथम पुरस्कार है, जिसमें भाग्यशाली विजेता को सीधे 1 करोड़ रुपये (1,00,00,000 रुपये) की भारी-भरकम राशि दी जाएगी। इसके ठीक बाद दूसरे स्थान के विजेता के लिए 30 लाख रुपये (30,00,000 रुपये) का नकद पुरस्कार तय किया गया है, जबकि तीसरे पायदान पर आने वाले टिकट धारक को 5 लाख रुपये (5,00,00,000 रुपये) मिलेंगे।
बड़े इनामों के अलावा अन्य प्रतिभागियों के लिए भी छोटी श्रेणियों में नकद राशि का प्रावधान है। चौथे पुरस्कार के रूप में 5,000 रुपये की राशि रखी गई है, जबकि पांचवें स्थान पर चयनित टिकट को 2,000 रुपये मिलेंगे। छठे इनाम के लिए 1,000 रुपये, सातवें के लिए 500 रुपये, आठवें के लिए 200 रुपये और नौवें पायदान के लिए 100 रुपये की इनामी राशि तय की गई है। इस तरह कुल नौ विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कारों का वितरण किया जाता है, जिससे कई प्रतिभागियों को नकद जीतने का अवसर मिलता है।
इनामी राशि पाने का नियम और दावा प्रक्रिया
लॉटरी में विजेता बनने वाले सभी प्रतिभागियों को अपनी जीती हुई राशि हासिल करने के लिए विभाग के तय दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करना होता है। नियमों के तहत पुरस्कार राशि के हिसाब से दावा करने के स्थान अलग-अलग निर्धारित किए गए हैं। जिन विजेताओं को 5,000 रुपये तक का पुरस्कार मिलता है, वे राज्य के किसी भी अधिकृत लॉटरी विक्रेता अथवा एजेंसी केंद्र पर जाकर सीधे नकद राशि ले सकते हैं।
दूसरी ओर, यदि जीती गई रकम 5,000 रुपये से अधिक है, तो प्रक्रिया अधिक औपचारिक हो जाती है। ऐसे मामलों में टिकट धारक को किसी अधिकृत बैंक शाखा या सरकारी लॉटरी कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना पड़ता है। वहां मूल विजयी टिकट के साथ सरकार द्वारा मान्य वैध पहचान पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होता है। टिकट जमा करने से पहले यह जांचना जरूरी है कि वह पूरी तरह असली और सुरक्षित स्थिति में हो, ताकि सत्यापन के दौरान किसी तरह की रुकावट न आए।
टैक्स कटौती और मिलने वाली शुद्ध राशि
लॉटरी में मिलने वाला पैसा पूरी तरह से कर कटौती और वैधानिक नियमों के अधीन होता है। नियमों के अनुसार, घोषित राशि में से 30 प्रतिशत की दर से आयकर की कटौती की जाती है। इसके अतिरिक्त, बिक्री व्यवस्था से जुड़े प्रावधानों के तहत 10 प्रतिशत की राशि एजेंट कमीशन के रूप में काटी जाती है।
इन अनिवार्य कटौतियों के बाद ही शेष शुद्ध राशि विजेता के खाते में हस्तांतरित की जाती है। चूंकि वास्तविक भुगतान विभिन्न श्रेणियों और वर्तमान विभागीय नियमों पर निर्भर करता है, इसलिए दावेदारों को सलाह दी जाती है कि वे अपने दस्तावेज जमा करने से पहले केरल राज्य लॉटरी विभाग या संबंधित आधिकारिक केंद्र से शुद्ध कटौती की ताजा जानकारी अवश्य पुख्ता कर लें।



















