केरल स्टेट लॉटरी डिपार्टमेंट द्वारा आज यानी रविवार, 23 अगस्त को समृद्धि एसएम-69 लॉटरी का ड्रा निकाला जा रहा है। इस ड्रा को लेकर लॉटरी में हिस्सा लेने वाले सभी प्रतिभागियों की निगाहें टिकी हुई हैं, जो दोपहर 3 बजे जारी होने वाले परिणामों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। केरल लॉटरी डिपार्टमेंट के लॉटरी इंफॉर्मेशन सिस्टम यानी लोटिस के अनुसार, इस लकी ड्रॉ का आयोजन तिरुवनंतपुरम में तय समय के मुताबिक दोपहर 3 बजे किया जाना है।
समृद्धि एसएम-69 के मुख्य पुरस्कार
इस लॉटरी योजना के तहत विजेताओं के लिए विभिन्न श्रेणियों में भारी पुरस्कार राशि रखी गई है। केरल समृद्धि एसएम-69 लॉटरी के मुख्य पुरस्कारों में पहला इनाम 1,00,00,000 रुपये का भारी भरकम अमाउंट है। इसके अलावा कंसोलेशन प्राइज के रूप में 5,000 रुपये तय किए गए हैं। दूसरे नंबर पर आने वाले विजेता को 25,00,000 रुपये दिए जाएंगे, जबकि तीसरे स्थान के लिए 5,00,000 रुपये का पुरस्कार निर्धारित है। चौथे पुरस्कार में 5,000 रुपये, पांचवें में 2,000 रुपये, छठे में 1,000 रुपये, सातवें में 500 रुपये, आठवें में 200 रुपये और नौवें स्थान पर रहने वाले प्रतिभागियों को 100 रुपये की पुरस्कार राशि मिलेगी।
जीत के बाद पुरस्कार का दावा करने की प्रक्रिया
जब एक बार एसएम-69 का रिजल्ट आधिकारिक रूप से जारी कर दिया जाता है, तो विजेताओं को अपने टिकट का मिलान आधिकारिक परिणाम दस्तावेज से जरूर करना चाहिए। केरल लॉटरी का कोई भी टिकट जीत जाने मात्र से ही बिना किसी जांच के सीधे तौर पर इनाम की राशि नहीं मिल जाती है। विजेताओं को अपना मूल टिकट सुरक्षित रखना होता है और केरल स्टेट लॉटरी डिपार्टमेंट की ओर से निर्धारित की गई क्लेम प्रक्रिया का पूरी तरह से पालन करना पड़ता है।
किसी भी पुरस्कार का दावा करने से पहले यह बेहद जरूरी है कि प्रतिभागी अपने टिकट नंबर का मिलान आधिकारिक केरल लॉटरी परिणाम या गैजेट से कर लें। अगर पुरस्कार की राशि बड़ी है, तो विजेता को अपनी जीत की टिकट और मांगे गए सभी जरूरी पहचान दस्तावेजों को तय समय सीमा के भीतर ही निर्धारित चैनलों के माध्यम से जमा कराना होगा।
फर्जी वेबसाइटों से सतर्क रहने की सलाह
लॉटरी प्रतिभागियों को सलाह दी जाती है कि वे उन अनधिकृत वेबसाइटों या फिर ऐसे लोगों से पूरी तरह सावधान रहें जो गारंटीड जीतने वाले नंबर देने का दावा करते हैं। किसी भी असमंजस की स्थिति में केवल आधिकारिक परिणाम को ही अंतिम और सर्वमान्य सत्य माना जाना चाहिए।



















