लैपटॉप डॉकिंग स्टेशन खरीदने की पूरी गाइड, डेस्क को ऐसे बनाएं और भी दमदार24 अगस्त को 5 राज्यों में मानसूनी तबाही का अलर्ट, 85 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी हवाएं और दिल्ली-एनसीआर में सताएगी उमसजब महज 17 साल की उम्र में फिल्मों में आईं माधुरी दीक्षित, शुरुआती 6 फिल्में फ्लॉप होने के बाद साल 1988 ने पलट दी किस्मतभारत को ग्लोबल डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना चाहते हैं राजनाथ सिंहअगरतला में भारी बारिश से हाहाकार, हावड़ा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपरकॉफी फिल्टर पेपर को फेंकने की बजाय ऐसे करें दोबारा इस्तेमाल, घर के कई कामों में आएगा कामअमेरिका के न्यूयॉर्क में पिज्जा डिलीवरी करने गए पंजाबी युवक गुरदीप सिंह की गोली मारकर हत्याझटपट बनाएं टेस्टी और हेल्दी वेजिटेबल सैंडविच, पोषण और स्वाद से भरपूर है रेसिपीगोंडा में मछली पालन से होगी तगड़ी कमाई, तालाब के रखरखाव और खानपान पर रखें खास नजरमुरादाबाद में गाय के गोबर से हवन टिकली और दीए बना रही महिलाएं, हर महीने हो रही बंपर कमाई
अगरतला में भारी बारिश से हाहाकार, हावड़ा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपरत्रिपुरा
23 अग॰ 2026, 3:59 pm (59 मिनट पहले)· 3

अगरतला में भारी बारिश से हाहाकार, हावड़ा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर

त्रिपुरा की राजधानी अगरतला और उसके आसपास के इलाकों में रातभर हुई भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। हावड़ा नदी का जलस्तर बढ़ने से कई रिहायशी इलाके जलमग्न हो गए हैं।

त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में रविवार को रातभर हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार बारिश के कारण हावड़ा नदी और आसपास की सहायक नहरों का जलस्तर तेजी से ऊपर उठ गया है, जिससे कई निचले इलाकों, सड़कों और घरों में पानी भर गया है। इस जलभराव के चलते स्थानीय नागरिकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और प्रशासन ने राहत व बचाव कार्यों को तेज कर दिया है।

असरग्रस्त क्षेत्र और उपमंडल

खराब मौसम और जलभराव की इस स्थिति से अगरतला के कई प्रमुख मोहल्ले बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। प्रभावित होने वाले मुख्य क्षेत्रों में चंद्रपुर, प्रतापगढ़, बाल्दखल, इंद्रनगर और अरलिया शामिल हैं। इसके अलावा, पश्चिम त्रिपुरा जिले के सदर और जिरानिया उपमंडलों के अंतर्गत आने वाली कई अन्य बस्तियों में भी पानी घुस गया है, खासकर वे बस्तियां जो हावड़ा नदी और कटकल नहर के करीब बसी हुई हैं।

ये भी पढ़ें

खतरे के निशान से ऊपर बह रही नदी

पहाड़ी इलाकों में हुई भारी मानसूनी बारिश के कारण हावड़ा नदी में उफान आ गया है और इसने खतरे के निशान को पार कर लिया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, रविवार सुबह करीब 4 बजे से ही नदी का जलस्तर बहुत तेजी से बढ़ना शुरू हो गया था, जिससे खैरपुर और बाल्दखल के निचले हिस्सों में स्थिति गंभीर हो गई। पानी घरों में घुसने के कारण लोगों को अपने जरूरी सामान को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाते हुए देखा गया है ताकि किसी भी तरह के बड़े नुकसान से बचा जा सके।

प्रशासनिक कदम और राहत शिविर

हालात की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तुरंत हरकत में आते हुए प्रभावित नागरिकों के लिए छह राहत शिविरों की स्थापना की है। पानी से घिरे इलाकों से लोगों को बाहर निकालने के लिए नौकाओं को तैनात किया गया है। बचाव कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए त्रिपुरा स्टेट राइफल्स, स्थानीय पुलिस और विभिन्न सरकारी विभागों के कर्मियों को मैदान में उतारा गया है। अगरतला नगर निगम और अन्य लाइन विभाग मिलकर राहत सामग्री और आवश्यक सहायता प्रभावित परिवारों तक पहुंचा रहे हैं।

अधिकारियों का मुआयना और उच्च स्तरीय निगरानी

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने पूरे घटनाक्रम पर बयान देते हुए कहा कि स्थिति पर चौबीसों घंटे कड़ी नजर रखी जा रही है। उन्होंने संबंधित जिला मजिस्ट्रेटों और उप-मजिस्ट्रेटों को सभी आवश्यक और उचित कदम उठाने के सख्त निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रशासन किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। पश्चिम त्रिपुरा के जिला मजिस्ट्रेट विशाल कुमार ने भी प्रशासनिक अधिकारियों के दल के साथ खुद जमीनी हालात का जायजा लेने के लिए प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया।

सुरक्षा और वर्तमान स्थिति

प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में रहने वाले नागरिकों को पूरी तरह सतर्क रहने की चेतावनी दी है क्योंकि जलस्तर अभी भी चिंता का विषय बना हुआ है। हालांकि, राहत की बात यह है कि अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस आपदा में अभी तक किसी भी प्रकार के जानमाल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और एहतियात के तौर पर सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

सवाल-जवाब

अगरतला में बाढ़ जैसे हालात किस नदी के कारण बने हैं?
अगरतला में भारी बारिश के बाद हावड़ा नदी का जलस्तर बढ़ने से कई इलाके जलमग्न हो गए हैं।
कौन-से इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं?
चंद्रपुर, प्रतापगढ़, बाल्दखल, इंद्रनगर और अरलिया के अलावा सदर और जिरानिया उपमंडल के इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
प्रशासन ने प्रभावित लोगों के लिए क्या कदम उठाए हैं?
जिला प्रशासन ने छह राहत शिविर खोले हैं और बचाव कार्यों के लिए नौकाओं तथा सुरक्षा बलों को तैनात किया है।
क्या इस आपदा में किसी के हताहत होने की खबर है?
अधिकारियों के अनुसार, अभी तक किसी भी प्रकार के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·22 मिनट पहले

यह आपदा प्रबंधन और प्रशासनिक सतर्कता का गंभीर मामला है। हावड़ा नदी के खतरे के निशान को पार करने से जो विस्थापन और जलभराव हुआ है, उसमें कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका सबसे अहम हो जाती है। त्रिपुरा स्टेट राइफल्स और स्थानीय पुलिस की तैनाती से यह सुनिश्चित करना होगा कि राहत शिविरों में शरण लेने वाले नागरिकों की संपत्ति सुरक्षित रहे और आपदा की आड़ में किसी तरह की आपराधिक या असामाजिक गतिविधियां न पनप सकें।

Rohan Verma@rohan-verma·21 मिनट पहले

यह आपदा सिर्फ प्राकृतिक नहीं बल्कि शहरी नियोजन और अनियंत्रित जल निकास प्रणालियों की विफलता को भी उजागर करती है। त्रिपुरा के इन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चंद्रपुर और प्रतापगढ़ जैसे निचले इलाकों में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान तभी संभव है जब जल निकासी के बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण किया जाए। प्रशासन द्वारा छह राहत शिविरों की स्थापना और नौकाओं की तैनाती तात्कालिक राहत के लिए ठीक है, लेकिन भविष्य में ऐसे संकटों से निपटने के लिए एक दीर्घकालिक और मजबूत कार्ययोजना की आवश्यकता होगी, ताकि नदी के करीब बसी बस्तियों को हर मानसूनी सीजन में इस तरह के विस्थापन का सामना न करना पड़े।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR