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दिल्ली के जंतर-मंतर पर जाति आधारित आरक्षण के विरोध में प्रदर्शन, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने दिया बड़ा बयानदिल्ली
23 अग॰ 2026, 2:59 pm (1 घंटे पहले)· 2

दिल्ली के जंतर-मंतर पर जाति आधारित आरक्षण के विरोध में प्रदर्शन, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने दिया बड़ा बयान

दिल्ली के जंतर-मंतर पर जातिगत आरक्षण को खत्म करने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन हुआ है। इस बीच केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा है कि यदि प्रदर्शनकारी अपनी बात कायदे से सामने रखते हैं, तो सरकार उनसे बातचीत करने को तैयार है।

दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर इन दिनों जाति आधारित आरक्षण के खिलाफ एक बड़ा विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है, जहां भारी संख्या में युवा और प्रदर्शनकारी एकत्र हुए हैं। हाथों में बैनर, पोस्टर और भगवा झंडे थामे इन लोगों ने जातिगत आरक्षण व्यवस्था को समाप्त करने और आरक्षण का आधार सिर्फ आर्थिक स्थिति को बनाए जाने की जोरदार मांग उठाई है। इस आंदोलन के चलते राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है।

चिराग पासवान की प्रतिक्रिया और सरकार का रुख

इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने पटना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए स्पष्ट किया कि यदि विरोध प्रदर्शन कर रहे लोग अपनी मांगों को एक व्यवस्थित और कायदे के तरीके से सामने रखते हैं, तो सरकार उनकी बात सुनने और बातचीत करने के लिए तैयार है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि आरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दे पर किसी भी तरह की गलतफहमी देश के एक बड़े वर्ग में गहरी नाराजगी पैदा कर सकती है, इसलिए इस पर बेहद संवेदनशीलता की जरूरत है।

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आर्थिक आधार पर आरक्षण और ईडब्ल्यूएस का मुद्दा

प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग रही है कि सरकारी सहायता और आरक्षण का लाभ देने के लिए जाति के स्थान पर केवल आर्थिक मानदंडों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इस पर अपनी बात रखते हुए चिराग पासवान ने याद दिलाया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार पहले ही आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों यानी ईडब्ल्यूएस के लिए 10 प्रतिशत का कोटा देश भर में लागू कर चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के प्रदर्शनों और बहसों के बीच विभिन्न राजनीतिक दलों की तरफ से भी लगातार तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

सवाल-जवाब

जंतर-मंतर पर किस बात का विरोध प्रदर्शन हो रहा है?
जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी जाति आधारित आरक्षण के खिलाफ नारे लगा रहे हैं और आरक्षण का आधार आर्थिक स्थिति को बनाने की मांग कर रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने प्रदर्शनकारियों की मांग पर क्या कहा है?
चिराग पासवान ने कहा है कि यदि प्रदर्शनकारी अपनी मांगें व्यवस्थित तरीके से सामने रखते हैं, तो सरकार उनसे बातचीत करने के लिए तैयार है।
आर्थिक आधार पर आरक्षण को लेकर सरकार की क्या नीति है?
सरकार पहले ही आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों यानी ईडब्ल्यूएस के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण लागू कर चुकी है।
यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से किस स्थान पर आयोजित किया गया है?
यह विरोध प्रदर्शन नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित किया गया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·35 मिनट पहले

जंतर-मंतर पर हुए इस प्रदर्शन और कानून-व्यवस्था के दृष्टिकोण से यह मामला बेहद संवेदनशील है। केंद्रीय मंत्री का यह बयान कि यदि मांगें कायदे से रखी जाएं तो सरकार बात को तैयार है, प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों स्तर पर स्थिति को संभालने का एक शुरुआती प्रयास है। हालांकि, राजधानी में ऐसे आयोजनों के दौरान सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखना और यातायात व्यवस्था को सुचारू रखना स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या प्रदर्शनकारी औपचारिक संवाद का मार्ग चुनते हैं या आंदोलन का दायरा और बढ़ता है।

Rohan Verma@rohan-verma·35 मिनट पहले

करण मल्होत्रा के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए, यह समझना जरूरी है कि राष्ट्रीय राजधानी के इस प्रदर्शन की गूं उत्तर प्रदेश जैसे राजनीतिक रूप से संवेदनशील राज्य में भी असर डाल सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर अन्य क्षेत्रों तक जातिगत समीकरण चुनावी राजनीति की धुरी रहे हैं, और आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग पर केंद्रीय मंत्री का रुख इस बहस को और हवा दे सकता है। यदि यह आंदोलन संगठित होता है, तो क्षेत्रीय दलों और राज्य की सियासत पर इसका स्पष्ट दबाव देखने को मिलेगा।

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