मिसीसिपी राज्य के अटॉर्नी जनरल के कार्यालय ने सीनाटोबिया में हुई एक घातक गोलीबारी की घटना में संलिप्त पुलिस अधिकारी को कानूनी रूप से सही ठहराते हुए मामले की आपराधिक जांच बंद कर दी है। यह मामला एक स्थानीय वॉलमार्ट स्टोर के बाहर कथित चोरी की सूचना पर कार्रवाई के दौरान हुआ था, जहां अधिकारी द्वारा चलाई गई गोली से कार के भीतर मौजूद एक वर्षीय मासूम कोहेन विली की मौत हो गई थी। इस फैसले के सामने आने के बाद टेनेसी के मेम्फिस शहर से लगभग 65 किलोमीटर दक्षिण में स्थित सीनाटोबिया नगर और पूरे देश में इस जांच के नतीजों को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई है।
वॉलमार्ट पार्किंग में घटी घटना का पूरा ब्यौरा
यह दुखद घटना जून के मध्य में उस समय घटित हुई जब सीनाटोबिया पुलिस विभाग के जवानों को एक वॉलमार्ट स्टोर से दुकानदारी के दौरान चोरी होने की सूचना मिली थी। कथित रूप से अधिकारियों को संदेह था कि स्टोर से डायपर और बच्चों के कपड़े चुराए गए हैं। जब पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे, तो उन्होंने वेलेसिया विली को अपने एक साल के बेटे कोहेन विली को गोद में लिए हुए अपनी एक महिला मित्र के साथ बाहर निकलते देखा। दोनों महिलाएं अश्वेत समुदाय से ताल्लुक रखती हैं।
अधिकारियों के अनुसार, जब पुलिस दल ने उस कार को रोकने का प्रयास किया जिसमें वे सवार हो रही थीं, तभी वाहन पुलिसकर्मियों की दिशा में आगे बढ़ने लगा। इस स्थिति में एक अधिकारी ने अपने हथियार से गोली चला दी। गोली चलने के बाद वाहन के अंदर बैठे मासूम कोहेन विली और गाड़ी चला रही महिला मित्र दोनों को गोलियां लगीं। एक साल के कोहेन की इस घटना में मौत हो गई, जबकि वाहन में सवार दूसरी महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। हालांकि, वेलेसिया विली ने शुरू से ही चोरी के आरोपों को सिरे से खारिज किया है, और ऑनलाइन राज्य तथा काउंटी अदालती रिकॉर्ड भी पुष्टि करते हैं कि न तो वेलेसिया और न ही उनकी मित्र के खिलाफ चोरी का कोई आधिकारिक मामला दर्ज किया गया है।
कानूनी पक्ष और बचाव पक्ष के अलग-अलग दावे
गोली चलाने वाले पुलिस अधिकारी का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील मार्टिन जुमाच ने राज्य के अटॉर्नी जनरल के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इस निर्णय से अधिकारी पर लगे सभी आपराधिक दोष हट गए हैं। बचाव पक्ष का मुख्य तर्क यह रहा है कि चालक ने कार का रुख सीधे पुलिसकर्मियों की ओर कर दिया था, जिससे अधिकारी की जान को गंभीर खतरा पैदा हो गया था। वकील मार्टिन जुमाच ने तर्क दिया, "उनके पास अपना हथियार चलाने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा था।"
इसके विपरीत, वेलेसिया विली ने एक सार्वजनिक वीडियो जारी कर पुलिस के इस पूरे विवरण को चुनौती दी है। उनका कहना है कि वाहन से किसी भी अधिकारी को कुचलने का कोई प्रयास नहीं किया गया था। इस मामले की जांच मिसीसिपी ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन द्वारा की गई थी, जिसने अपनी प्राथमिक रिपोर्ट में केवल इतना दर्ज किया था कि अधिकारी द्वारा गोली चलाए जाने के बाद बच्चा और महिला घायल हुए थे।
स्वतंत्र पोस्टमार्टम और तस्वीरों से उठते सवाल
पीड़ित परिवार की ओर से पैरवी कर रहे नागरिक अधिकार वकील बेन क्रम्प ने राज्य के इस निष्कर्ष पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने एक शुरुआती स्वतंत्र पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए खुलासा किया कि बच्चे के शरीर पर गोली का असर बगल की दिशा से हुआ था, जो इस दावे का खंडन करता है कि कार सीधे अधिकारियों के सामने से आ रही थी।
घटना के तुरंत बाद ली गई एक तस्वीर में भी वाहन की यात्री वाली तरफ भारी नुकसान देखा गया। उस तस्वीर में यात्री की खिड़की पूरी तरह टूटी हुई दिखाई दे रही थी और विंडशील्ड के उसी हिस्से पर गोली का एक छेद साफ नजर आ रहा था। वकील बेन क्रम्प ने सवाल उठाते हुए कहा, "जब कोहेन के परिवार और जनता को बॉडी कैमरे का फुटेज देखने की अनुमति नहीं दी गई, तो कोई इस निष्कर्ष को कैसे स्वीकार कर सकता है?" उन्होंने मांग की कि यदि वीडियो राज्य के फैसले का समर्थन करता है, तो उसे तुरंत सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
वाहनों पर गोलीबारी को लेकर विशेषज्ञों की राय
चलते वाहनों पर पुलिस बल के इस्तेमाल पर अध्ययन करने वाले विशेषज्ञ जॉन पी ग्रॉस ने इस तरह की कार्रवाई को अनुचित बताते हुए कहा कि ऐसे नाजुक पलों में पुलिसकर्मियों को वाहन पर गोली चलाने से बचना चाहिए। जॉन पी ग्रॉस के अनुसार, "यह गोलीबारी लगभग पूरी तरह से अनुचित थी।" उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिकारी की अपनी सुरक्षा, वाहन में सवार लोगों की जान और आम जनता की सुरक्षा के मानकों को देखते हुए गाड़ियों पर फायरिंग करना बेहद गैर-जिम्मेदाराना कदम है।
हथियार और बैलिस्टिक मामलों के विशेषज्ञ तथा बाल्टीमोर पुलिस के पूर्व लेफ्टिनेंट चार्ल्स जो की ने भी वाहन की क्षति वाली तस्वीर के आधार पर महत्वपूर्ण बिंदु रखे। उनका कहना था कि तस्वीर से स्पष्ट होता है कि गोली बगल की तरफ से चलाई गई थी। चार्ल्स जो की ने कहा, "यह दर्शाता है कि गोली चलाने वाला अधिकारी उस समय व्यक्तिगत रूप से किसी खतरे में नहीं था।" उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी कार्रवाई तभी जायज मानी जा सकती थी जब अधिकारी सीधे अपनी ओर आ रही तेज रफ्तार कार के रास्ते में फंसे होते। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि घटना के समय वास्तविक खतरे का आकलन करने के लिए बॉडी कैमरे की रिकॉर्डिंग सबसे अहम सबूत है।
पारदर्शिता की मांग और सीनाटोबिया में पुराना तनाव
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता मार्केल ब्रिजेस ने पीड़ित परिवार के समर्थन में आवाज उठाते हुए पुलिस रिकॉर्डिंग को तुरंत सार्वजनिक करने पर बल दिया। मार्केल ब्रिजेस ने कहा, "उसका परिवार सच जानने का हकदार है और जनता पारदर्शिता की हकदार है।" उन्होंने स्पष्ट किया कि समुदाय इस मामले में चुप नहीं रहेगा और किसी अश्वेत बच्चे के जीवन को यूं ही नजरअंदाज नहीं होने देगा।
यह दुखद गोलीबारी सीनाटोबिया पुलिस और वहां के अश्वेत निवासियों के बीच पहले से चले आ रहे तनावपूर्ण संबंधों की पृष्ठभूमि में हुई है। पिछले साल भी एक विवादित घटना घटी थी, जब एक सुलभ पार्किंग स्थल को लेकर हुए विवाद के बाद एक पुलिसकर्मी ने एक अश्वेत महिला को टेजर से धमकाया, उसे जबरन कार से बाहर खींचा और हिरासत में ले लिया था।
उससे दो साल पहले, सीनाटोबिया नगर प्रशासन ने एक ऐसे पुलिस अधिकारी को सेवा से बर्खास्त कर दिया था जिसने सार्वजनिक स्थान पर पेशाब करने के आरोप में 10 साल के एक अश्वेत बच्चे को गिरफ्तार कर लिया था। इसके अतिरिक्त, हाल ही में शहर के बोर्ड ऑफ एल्डरमेन ने पूर्व पुलिस प्रमुख हेरोल्ड वेंडरफोर्ड को उनके पद से हटा दिया था, क्योंकि उनके द्वारा निजी संदेशों में नस्लीय टिप्पणियां करने के गंभीर आरोप सामने आए थे।
आगे की राह और अनुत्तरित प्रश्न
यद्यपि राज्य के अटॉर्नी जनरल के कार्यालय ने इस मामले में आपराधिक समीक्षा को बंद घोषित कर दिया है, लेकिन पुलिस के बॉडी कैमरे की फुटेज को सार्वजनिक करने की मांग लगातार तेज हो रही है। पूरा विवाद इस एक बिंदु पर टिका है कि क्या कार वास्तव में पुलिसकर्मियों की तरफ आ रही थी और गोली किस कोण से चलाई गई। चूंकि चोरी का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ और भौतिक साक्ष्य सीधे टकराव के दावे से मेल नहीं खाते दिखते, इसलिए जनता और विशेषज्ञ दोनों ही पूर्ण पारदर्शिता और साक्ष्यों की मांग पर अड़े हुए हैं।



















