अमेरिकी इक्विटी बाजार 19 अक्टूबर 2026, सोमवार को अपने निर्धारित सामान्य कारोबारी घंटों के अनुसार पूरी तरह खुला रहेगा। पिछले सप्ताह बाजार में तेज उठापटक और त्योहारी सत्रों की सुगबुगाहट के बीच कारोबारियों के मन में यह सवाल उठ रहा था कि क्या नए सप्ताह के पहले दिन अमेरिकी शेयर बाजारों में छुट्टी रहेगी। न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज की अवकाश तालिका में अक्टूबर 2026 के पूरे महीने में किसी भी तरह के विशेष ट्रेडिंग अवकाश का कोई प्रावधान नहीं है। केवल नियमित सप्ताहांत अवकाश के अलावा बाजार सामान्य रूप से सक्रिय रहता है। अमेरिकी वित्तीय बाजारों में आगामी प्रमुख अवकाश थैंक्सगिविंग डे रहेगा, जिसका आयोजन 26 नवंबर 2026 को तय किया गया है। तब तक वॉल स्ट्रीट पर किसी अन्य व्यापारिक अवकाश की घोषणा नहीं है, जिसके चलते डॉव जोन्स, नैस्डैक और एसएंडपी 500 फ्यूचर्स का कारोबार 19 अक्टूबर 2026 को नियमित समय पर ही संचालित होगा।
19 से 23 अक्टूबर के बीच दिग्गजों की वित्तीय नतीजे तय करेंगे दिशा
19 अक्टूबर से 23 अक्टूबर 2026 का आगामी व्यापारिक सप्ताह अमेरिकी शेयर बाजार के लिए बेहद हलचल भरा साबित होने जा रहा है। इस दौरान बाजार की पूरी दिशा बड़े पूंजीकरण वाली बहुराष्ट्रीय कंपनियों के आने वाले तिमाही वित्तीय परिणामों पर टिकी होगी। प्रमुख प्रौद्योगिकी और विनिर्माण कंपनियों में मेटा, टेस्ला, स्पेसएक्स और नेटफ्लिक्स अपने नवीनतम तिमाही नतीजे प्रस्तुत करने वाली हैं। इनके साथ ही अमेरिकन एयरलाइंस तथा प्रमुख रक्षा निर्माण कंपनियों के परिणाम भी इसी कारोबारी सप्ताह के दौरान जारी किए जाएंगे। इन नतीजों से कॉर्पोरेट जगत के मुनाफे, मार्जिन पर दबाव और मांग के वास्तविक रुख का आकलन किया जाएगा, जिसका असर सीधे तौर पर संस्थागत निवेशकों की धारणा पर देखने को मिल सकता है।
बीते हफ्ते प्रमुख सूचकांकों का मिला-जुला और दबाव भरा प्रदर्शन
आगामी सप्ताह की शुरुआत से पहले वॉल स्ट्रीट ने पिछले कारोबारी सप्ताह का समापन काफी मिले-जुले रुझान के साथ किया था। बैंकॉक में आयोजित आईएमएफ की बैठक में वार्श के संबोधन के पश्चात बाजार में उतार-चढ़ाव तीव्र हो गया। 16 अक्टूबर के कारोबारी सत्र के दौरान डॉव जोन्स 175.28 अंक अथवा 0.34 प्रतिशत फिसलकर 52,002.41 के स्तर पर आ गया था। इसके बावजूद पूरे 12 से 16 अक्टूबर के सप्ताह पर नजर डालें तो डॉव जोन्स मामूली बढ़त दर्ज करने में सफल रहा था और 237.09 अंक यानी 0.5 प्रतिशत की तेजी के साथ हरे निशान में बंद हुआ।
दूसरी ओर, तकनीकी कंपनियों के प्रभुत्व वाले प्रमुख सूचकांक नैस्डैक कंपोजिट में भारी बिकवाली देखी गई। 16 अक्टूबर को नैस्डैक 573 अंक अथवा 2.14 प्रतिशत का भारी गोता लगाकर 26,140.03 के स्तर पर बंद हुआ। इस तेज गिरावट ने पूरे सप्ताह में नैस्डैक का कुल नुकसान बढ़ाकर 1,212.48 अंक यानी 4.4 प्रतिशत तक पहुंचा दिया। इसी प्रकार व्यापक बाजार का प्रतिनिधित्व करने वाला एसएंडपी 500 सूचकांक भी शुक्रवार को 84.62 अंक यानी 1.09 प्रतिशत फिसलकर 7,659.44 के स्तर पर बंद हुआ। पूरे सप्ताह के दौरान एसएंडपी 500 में 153.60 अंक अथवा 1.97 प्रतिशत का समग्र नुकसान दर्ज किया गया।
नीतिगत दरों पर अनिश्चितता और आर्थिक दृष्टिकोण
बैंकॉक में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की बैठक के दौरान अपने भाषण में वार्श ने एफओएमसी के आगामी ब्याज दर फैसलों पर कोई भी स्पष्ट संकेत या अग्रिम मार्गदर्शन देने से स्पष्ट रूप से परहेज किया। फेडरल रिजर्व इस महीने के अंत में अपनी द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करने वाला है, जिस पर वैश्विक बाजारों की निगाहें टिकी हुई हैं। वार्श ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा के बढ़ते मूल्यों, लगातार बनी हुई महंगाई और कर्ज की ऊंची लागत पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ये कारक मिलकर समूची वैश्विक अर्थव्यवस्था पर अप्रत्याशित अनिश्चितता का दबाव बना रहे हैं। इन चुनौतियों के बावजूद, उन्होंने भविष्य में अमेरिकी अर्थव्यवस्था के विकास को लेकर आशावादी रुख जाहिर किया और यह रेखांकित किया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI आने वाले दौर में आर्थिक प्रगति का एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रेरक कारक सिद्ध होगा।
महंगाई में उछाल और ऊर्जा कीमतों का व्यापक दबाव
अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति का दबाव एक बार फिर तेज होता दिख रहा है। हाल ही में जारी हुए अमेरिकी सीपीआई मुद्रास्फीति के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर 2026 में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक उछलकर 3.7 प्रतिशत पर पहुंच गया। यह आंकड़ा बाजार के 3.6 प्रतिशत के अनुमान से अधिक रहा। इससे पूर्ववर्ती महीने में यह दर 3.4 प्रतिशत पर दर्ज की गई थी। इस महंगाई में तेजी का मुख्य कारण ऊर्जा की कीमतों में आया जबर्दस्त उछाल रहा। आंकड़ों के अनुसार गैसोलीन की कीमतों में सालाना आधार पर 34.2 प्रतिशत की तीव्र वृद्धि हुई, जबकि ईंधन तेल की कीमतें साल-दर-साल आधार पर 74.2 प्रतिशत तक बढ़ गईं। इस बीच, वार्षिक कोर मुद्रास्फीति की दर 0.3 प्रतिशत पर स्थिर बनी रही।
कच्चे तेल के अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी उतार-चढ़ाव बना हुआ है। एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर के अनुसार, ब्रेंट क्रूड ने अपने सप्ताह की समाप्ति 110 डॉलर प्रति बैरल के करीब की, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड 99 डॉलर प्रति बैरल के स्तर के समीप बंद हुआ। जारी भू-राजनीतिक तनावों और ऊर्जा आपूर्ति में लंबे समय तक आने वाले संभावित व्यवधानों के जोखिम ने कच्चे तेल की कीमतों में जोखिम प्रीमियम को लगातार उच्च स्तर पर बनाए रखा है। हालांकि अमेरिकी प्रतिबंध नीति में संभावित परिवर्तनों को लेकर चली चर्चाओं के बीच सत्र के दौरान कुछ समय के लिए तेल की कीमतों में मामूली नरमी आई थी, किंतु कच्चे तेल की समग्र वैश्विक आपूर्ति का परिदृश्य अभी भी अनिश्चितता के घेरे में बना हुआ है।



















