केरल राज्य की बहुप्रतीक्षित तिरुवोनम बंपर बीआर 111 लॉटरी का परिणाम घोषित हो गया है। इस खास ओणम बंपर के पहले इनाम का भाग्यशाली टिकट कन्नूर जिले से बिका है, जिसका नंबर टीएल 360615 है। इस वर्ष ओणम बंपर लॉटरी में 30 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक प्रथम पुरस्कार तय किया गया था, जो देश की किसी भी लॉटरी प्रणाली में अब तक की सबसे बड़ी इनामी राशि मानी जा रही है। इससे पूर्व सीजन में यह बंपर राशि 25 करोड़ रुपये थी, जिसमें इस वर्ष सीधे 5 करोड़ रुपये का इजाफा किया गया। कन्नूर में इस विजेता टिकट को बेचने वाले एजेंट का नाम अनीश एम वी है, जिनका एजेंसी नंबर सी 3789 दर्ज है।
लॉटरी का टिकट जीतने की खुशी जितनी बड़ी होती है, उसके साथ जुड़े कानूनी और वित्तीय नियम भी उतने ही महत्वपूर्ण होते हैं। लॉटरी की इनामी राशि आयकर के दायरे में आती है और इसमें एजेंट कमीशन से लेकर सरकारी करों की अनिवार्य कटौती की जाती है। नतीजतन, 30 करोड़ रुपये का पहला इनाम जीतने वाले को पूरी राशि नहीं मिलती है। सभी कटौतियों के बाद प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार विजेताओं के खाते में आने वाली रकम काफी घट जाती है।
दूसरे और तीसरे पुरस्कार के विजेता टिकटों का ब्योरा
तिरुवोनम बंपर बीआर 111 में द्वितीय पुरस्कार के तहत कुल 20 विजेताओं का चयन किया गया है, जिनमें से प्रत्येक को 1 करोड़ रुपये की राशि दी जाएगी। इस प्रकार दूसरे पुरस्कार की कुल इनामी राशि 20 करोड़ रुपये बैठती है। 1 करोड़ रुपये के इनाम वाले 20 भाग्यशाली टिकटों के नंबर और उनके स्थान इस प्रकार हैं
- टीए 300530 (त्रिशूर)
- टीए 957486 (चित्तूर)
- टीबी 439962 (एर्नाकुलम)
- टीबी 642974 (अटिंगल)
- टीसी 810428 (पालक्काड़)
- टीसी 952340 (वाइकम)
- टीडी 279706 (पालक्काड़)
- टीडी 305900 (कोट्टायम)
- टीई 328611 (कायमकुलम)
- टीई 970611 (अटिंगल)
- टीजी 355002 (अदिमाली)
- टीजी 805847 (कोट्टायम)
- टीएच 192282 (कोझिकोड)
- टीएच 902375 (एर्नाकुलम)
- टीजे 150990 (अलाप्पुझा)
- टीजे 978616 (त्रिशूर)
- टीके 375661 (कोल्लम)
- टीके 976006 (कायमकुलम)
- टीएल 792519 (पालक्काड़)
- टीएल 888018 (अलाप्पुझा)
तीसरे पुरस्कार के लिए भी 20 विजेताओं को चुना गया है, जिसमें प्रत्येक विजेता को 25 लाख रुपये मिलेंगे। इस वर्ग में कुल वितरित राशि 5 करोड़ रुपये होती है। 25 लाख रुपये जीतने वाले 20 टिकटों का विवरण इस प्रकार है
- टीए 190509 (कोझिकोड)
- टीए 398143 (चित्तूर)
- टीबी 342811 (पय्यन्नूर)
- टीबी 884286 (तिरुवनंतपुरम)
- टीसी 429837 (तिरुवनंतपुरम)
- टीसी 790518 (कायमकुलम)
- टीडी 391100 (त्रिशूर)
- टीडी 539041 (चित्तूर)
- टीई 574804 (पालक्काड़)
- टीई 683330 (पट्टाम्बी)
- टीजी 132958 (चित्तूर)
- टीजी 971190 (अटिंगल)
- टीएच 190728 (कोझिकोड)
- टीएच 838226 (मलप्पुरम)
- टीजे 484920 (पुनालुर)
- टीजे 857456 (पट्टाम्बी)
- टीके 117233 (कायमकुलम)
- टीके 540538 (मूवाट्टुपुझा)
- टीएल 214267 (कन्नूर)
- टीएल 340163 (चित्तूर)
संपूर्ण केरल ओणम बंपर ड्रा के तहत कुल मिलाकर 5,34,670 पुरस्कार प्रदान किए जा रहे हैं, जिनकी कुल इनामी राशि 125.54 करोड़ रुपये तक पहुंचती है।
टैक्स और कटौतियों का गणित: विजेता के हाथ में कितनी रकम आएगी?
केरल की अन्य लॉटरियों की तरह ओणम बंपर के पहले से तीसरे पुरस्कार की राशियों पर चार प्रमुख कटौतियां लागू की जाती हैं। सबसे पहले 10 प्रतिशत एजेंट कमीशन काटा जाता है। इसके पश्चात 30 प्रतिशत की दर से आयकर, 4 प्रतिशत स्वास्थ्य एवं शिक्षा उपकर तथा लागू होने वाला सरचार्ज काटा जाता है।
प्रथम पुरस्कार का पूरा हिसाब: 30 करोड़ रुपये की इनामी राशि में से 10 प्रतिशत एजेंट कमीशन (3 करोड़ रुपये) घटाया जाता है। इसके बाद 30 प्रतिशत कर की दर, 37 प्रतिशत सरचार्ज और 4 प्रतिशत उपकर काटने के उपरांत वास्तविक शुद्ध राशि 15,45,91,200 रुपये बचती है। यानी 30 करोड़ रुपये जीतने वाले व्यक्ति के बैंक खाते में लगभग 15.5 करोड़ रुपये ही जमा होंगे।
द्वितीय पुरस्कार का पूरा हिसाब: 1 करोड़ रुपये के विजेता के लिए 10 प्रतिशत एजेंट कमीशन कटने के बाद राशि 90 लाख रुपये रह जाती है। यह राशि 50 लाख रुपये से 1 करोड़ रुपये के स्लैब में आती है, जहां सरचार्ज की दर केवल 10 प्रतिशत होती है। इस कारण 30 प्रतिशत टैक्स, 10 प्रतिशत सरचार्ज और 4 प्रतिशत उपकर कटने के बाद विजेता को 59,11,200 रुपये शुद्ध प्राप्त होते हैं, जो कुल मूल इनामी राशि का लगभग 59 प्रतिशत है।
तृतीय पुरस्कार का पूरा हिसाब: 25 लाख रुपये के तीसरे इनाम में से 10 प्रतिशत कमीशन कटने के बाद 22.5 लाख रुपये बचते हैं। चूंकि यह राशि 50 लाख रुपये की सीमा से नीचे है, इसलिए इस पर कोई अतिरिक्त सरचार्ज नहीं लगता। केवल 30 प्रतिशत टैक्स और 4 प्रतिशत उपकर कटने के बाद विजेता को 15,48,000 रुपये मिलते हैं, जो घोषित इनामी राशि का करीब 62 प्रतिशत बैठता है।
इनामी राशि का दावा कैसे और किन दस्तावेजों के साथ करें?
नियमों के अनुसार लॉटरी विजेता को ड्रा की तारीख से 90 दिनों के भीतर सभी आवश्यक वैध दस्तावेजों के साथ मूल विजेता टिकट जमा करना अनिवार्य होता है। 1 लाख रुपये तक के छोटे पुरस्कारों का दावा संबंधित जिला लॉटरी कार्यालयों से सीधे किया जा सकता है। वहीं 1 लाख रुपये से अधिक की इनामी राशि वाले टिकटों को राज्य लॉटरी निदेशक के समक्ष जमा कराना होता है। टिकट जमा करने से पहले विजेता को उसके पिछले हिस्से पर अपने हस्ताक्षर, पूरा नाम और पता दर्ज करना होगा। इसके साथ निम्नलिखित दस्तावेज संलग्न करने होते हैं
- दावा आवेदन पत्र, जिसके साथ टिकट के दोनों पक्षों की स्व-प्रमाणित फोटोकॉपी लगी हो।
- राजपत्रित अधिकारी या नोटरी द्वारा विधिवत सत्यापित विजेता की दो पासपोर्ट साइज फोटो।
- विजेता के पूरे पते के साथ 1 रुपये का राजस्व टिकट चिपकाकर निर्धारित प्रारूप में भरी गई रसीद।
- यदि विजेता नाबालिग है, तो सक्षम प्राधिकारी से प्राप्त अभिभावक प्रमाणपत्र।
- संयुक्त दावों के मामले में किसी एक विजेता को राशि प्राप्त करने के लिए अधिकृत किया जाना चाहिए और इसके लिए 50 रुपये के स्टांप पेपर पर संयुक्त घोषणा पत्र निष्पादित होना चाहिए।
- पैन कार्ड की स्व-प्रमाणित फोटोकॉपी।


















