केरल में इस साल के सबसे बड़े भाग्यशाली ड्रॉ यानी थिरुवोनम ओणम बंपर लॉटरी के नतीजे घोषित करने की पूरी तैयारी कर ली गई है। 500 रुपये की कीमत वाले इस टिकट पर इस मर्तबा 30 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक पहला पुरस्कार रखा गया है, जो इस लॉटरी के इतिहास में अब तक की सर्वाधिक इनामी रकम है। तिरुवनंतपुरम में बेकरी जंक्शन के निकट स्थित गोर्की भवन में 26 सितंबर 2026 को दोपहर 2:00 बजे आधिकारिक रूप से ड्रॉ निकाला जाएगा। लॉटरी प्रेमियों में 30 करोड़ रुपये के जैकपॉट को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है, लेकिन वास्तविक नियम यह तय करते हैं कि मुख्य विजेता को खाते में पूरी 30 करोड़ रुपये की राशि कभी नहीं मिलती। विभिन्न स्तरों पर लागू होने वाले वैधानिक टैक्स, उपकर और लॉटरी एजेंट के कमीशन के बाद मिलने वाली शुद्ध रकम काफी बदल जाती है।
चार प्रमुख कटौतियों का गणित और शीर्ष पुरस्कार पर असर
ओणम बंपर के पहले से लेकर तीसरे पुरस्कार तक की इनामी राशि पर कुल चार अलग-अलग तरह की कटौतियां लागू की जाती हैं। सबसे पहली कटौती 10 प्रतिशत एजेंट कमीशन की होती है, जो टिकट बेचने वाले अधिकृत विक्रेता को जाती है। इसके पश्चात शेष बची कर योग्य आय पर आयकर कानून के तहत सीधे 30 प्रतिशत की दर से फ्लैट टैक्स काटा जाता है। इसके अतिरिक्त, इस देय कर पर 4 प्रतिशत की दर से स्वास्थ्य एवं शिक्षा उपकर यानी हेल्थ एंड एजुकेशन सेस देय होता है। सबसे अंतिम और सबसे बड़ा प्रभाव डालता है 37 प्रतिशत का सरचार्ज, जो 5 करोड़ रुपये से अधिक की शुद्ध आय वाले स्लैब पर केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार लगाया जाता है।
इस गणितीय फॉर्मूले की वजह से 30 करोड़ रुपये के मुख्य विजेता को सभी कटौतियों के पश्चात लगभग 15.5 करोड़ रुपये ही बैंक खाते में क्रेडिट होंगे। यानी मूल घोषित राशि का लगभग आधा हिस्सा सरकारी करों और विक्रेता कमीशन के रूप में कट जाता है। पहले पुरस्कार के विक्रेता को भी विजेता की इनामी राशि में से 10 से 12 प्रतिशत तक का कमीशन प्राप्त होगा, जिससे एजेंट भी सीधे तौर पर करोड़पति बन जाता है।
दूसरे और तीसरे पुरस्कारों पर क्यों बचती है अधिक हिस्सेदारी?
दिलचस्प बात यह है कि दूसरे और तीसरे पुरस्कार विजेताओं की जेब में कुल इनामी राशि का अपेक्षाकृत अधिक प्रतिशत बचता है। इसका मुख्य कारण आयकर स्लैब में सरचार्ज की घटती दरें हैं। दूसरे पुरस्कार के रूप में चयनित प्रत्येक विजेता को 1 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। 10 प्रतिशत कमीशन कटने के बाद शुद्ध राशि 90 लाख रुपये रह जाती है। यह 90 लाख रुपये का दायरा 50 लाख रुपये से 1 करोड़ रुपये वाले इनकम टैक्स ब्रैकेट में आता है, जहाँ सरचार्ज केवल 10 प्रतिशत ही लगता है। यही वजह है कि दूसरे पुरस्कार के विजेता को टिकट पर छपी मूल 1 करोड़ रुपये की राशि का लगभग 59 प्रतिशत हिस्सा अपने पास रखने को मिल जाता है।
तीसरे पुरस्कार की स्थिति और भी अधिक अनुकूल रहती है। तीसरे पुरस्कार में 25 लाख रुपये की राशि निर्धारित है, जिसमें से कमीशन कटने के बाद 22.5 लाख रुपये बचते हैं। यह 22.5 लाख रुपये की रकम 50 लाख रुपये की न्यूनतम सरचार्ज सीमा से भी नीचे रहती है, जिसके कारण इस पर कोई अतिरिक्त सरचार्ज लागू नहीं होता। परिणामस्वरूप, तीसरे पुरस्कार के भाग्यशाली विजेता को कुल छपी हुई राशि का लगभग 62 प्रतिशत शुद्ध रूप से प्राप्त होता है।
विजेताओं की पूरी सूची और विभिन्न श्रेणियों में इनामी वितरण
केरल ओणम बंपर के अंतर्गत इस बार कुल 5,34,670 पुरस्कार वितरित किए जा रहे हैं, जिनकी समग्र पुरस्कार राशि 125.54 करोड़ रुपये बैठती है। टिकट बिक्री और पुरस्कारों के आकार दोनों के लिहाज से यह बेहद व्यापक आयोजन है। विभिन्न श्रेणियों में मिलने वाले पुरस्कार इस प्रकार तय किए गए हैं
- पहला पुरस्कार: इस साल का पहला पुरस्कार पिछले साल के 25 करोड़ रुपये की तुलना में 5 करोड़ रुपये बढ़ाकर 30 करोड़ रुपये कर दिया गया है। यह बंपर पुरस्कार केवल 1 भाग्यशाली विजेता को मिलेगा, जबकि टिकट विक्रेता को 10 से 12 प्रतिशत कमीशन मिलेगा।
- दूसरा पुरस्कार: दूसरे पुरस्कार के लिए कुल 20 विजेताओं का चयन किया जाएगा और उनमें से प्रत्येक को 1 करोड़ रुपये की धनराशि दी जाएगी, जिससे इस श्रेणी का कुल वितरण 20 करोड़ रुपये बनता है।
- तीसरा पुरस्कार: तीसरे पुरस्कार में भी 20 विजेताओं को चुना जाएगा, जहाँ प्रत्येक विजेता को 25 लाख रुपये का भुगतान किया जाएगा, जिसकी कुल राशि 5 करोड़ रुपये होती है।
- चौथा पुरस्कार: इस वर्ग में 10 विजेताओं को चुना जाएगा और प्रत्येक को 5 लाख रुपये मिलेंगे, जिससे कुल भुगतान 50 लाख रुपये होगा।
- पाँचवाँ पुरस्कार: पाँचवें स्थान के लिए 10 विजेताओं का चयन होगा और प्रत्येक को 2 लाख रुपये की इनामी राशि मिलेगी, जिसका कुल योग 20 लाख रुपये बनता है।
- छठा पुरस्कार: छठे पुरस्कार के तहत 54,000 विजेताओं को 5,000 रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से इनामी राशि दी जाएगी।
- सातवाँ पुरस्कार: इस पायदान पर 81,000 विजेताओं को 2,000 रुपये प्रति टिकट की दर से भुगतान किया जाएगा।
- आठवाँ पुरस्कार: आठवें पुरस्कार वर्ग में 1,24,200 विजेताओं को 1,000 रुपये प्रति व्यक्ति मिलेंगे।
- नौवाँ पुरस्कार: नौवें पुरस्कार में सबसे अधिक 2,75,400 विजेताओं को 500 रुपये प्रति टिकट दिए जाएंगे, जो टिकट के खरीद मूल्य के बराबर है।
- सांत्वना पुरस्कार: इसके अलावा 5 लाख रुपये के सांत्वना पुरस्कार के लिए 9 विजेताओं को चुना जाएगा, यानी प्रत्येक को 5 लाख रुपये मिलेंगे। सांत्वना पुरस्कार उन टिकट धारकों को दिया जाता है जिनके नंबर पहले पुरस्कार के अंकों से मेल खाते हैं लेकिन उनकी सीरीज अलग होती है।
सीरीज और टिकटों की उपलब्धता
इस मेगा लॉटरी के लिए कुल 10 अलग-अलग सीरीज में टिकट जारी किए गए हैं। इन सीरीज के नाम TA, TB, TC, TD, TE, TG, TH, TJ, TK और TL हैं। केरल सरकार के लॉटरी विभाग ने इस सीजन के लिए इन सभी सीरीज को मिलाकर कुल 90 लाख टिकट छापे हैं। त्योहारों के मौके पर निकलने वाला यह ड्रा राज्य के राजस्व और स्थानीय रोजगार का एक प्रमुख जरिया माना जाता है, जहाँ लाखों लोग अपनी किस्मत आजमाते हैं।


















