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अब एनएचएआई की तर्ज पर बिहार की सड़कों और पुलों पर भी वसूला जाएगा टोल टैक्सबिहार
2 जुल॰ 2026, 12:19 am (41 दिन पहले)· 2

अब एनएचएआई की तर्ज पर बिहार की सड़कों और पुलों पर भी वसूला जाएगा टोल टैक्स

बिहार मंत्रिमंडल ने बुधवार को राज्य की सड़कों और पुलों पर एनएचएआई की तरह टोल वसूलने को मंजूरी दी, जिसमें फास्टैग से भुगतान को प्राथमिकता दी जाएगी और हल्के वाहनों के लिए दर 1.25 रुपये प्रति किलोमीटर तय की गई है।

बिहार में अब राज्य सरकार के स्वामित्व वाली सड़कों और पुलों से गुजरने वाले वाहनों से भी टोल वसूला जाएगा, ठीक उसी तरह जैसे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी एनएचएआई राष्ट्रीय राजमार्गों पर वसूलता है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 29 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें यह नई टोल व्यवस्था भी शामिल है। बैठक के बाद सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में हुई प्रेस वार्ता में मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने बताया कि सरकार ने ‘बिहार सरकार के स्वामित्व वाले पथ अवसंरचनाओं पर पथ कर लिए जाने के निर्णय के फलस्वरूप पथ उपयोगकर्ता शुल्क (दरों का निर्धारण एवं संग्रहण) नियमावली, 2026’ को मंजूरी दे दी है।

टोल की नई व्यवस्था कैसे काम करेगी

नई व्यवस्था लागू होने के बाद राज्य सरकार की सड़कों, बड़े पुलों और बाईपास से गुजरने वाले वाहनों को श्रेणी के हिसाब से पथ उपयोगकर्ता शुल्क चुकाना होगा। अरविंद कुमार चौधरी ने बताया कि हल्के मोटर वाहनों के लिए आधार दर 1.25 रुपये प्रति किलोमीटर तय की गई है। शुल्क वसूलने का तरीका पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी रखा जाएगा, इसके लिए फास्टैग और अन्य मान्यता प्राप्त इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों से भुगतान को प्राथमिकता दी जाएगी। अलग-अलग तरह के वाहनों के लिए अलग-अलग दरें तय हैं और इन दरों की समीक्षा हर साल की जाएगी। महंगाई और सड़क की हालत को देखते हुए दरों में बदलाव भी किया जा सकता है। जिन वाहनों में फास्टैग नहीं लगा होगा, उनसे सामान्य दर से ज्यादा शुल्क वसूला जाएगा, वहीं तय सीमा से ज्यादा वजन ढोने वाले यानी ओवरलोडेड वाहनों पर अतिरिक्त दंडात्मक शुल्क भी लगेगा। रोज सफर करने वाले स्थानीय यात्रियों को राहत देने के लिए तय श्रेणियों के हिसाब से छूट, रियायती पास और एक साथ कई बार यात्रा करने यानी मल्टीपल ट्रिप की सुविधा भी दी जाएगी।

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ग्रामीण विकास के लिए बड़ा फंड मंजूर

मंत्रिमंडल ने 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक केंद्र सरकार से मिलने वाले 51,923 करोड़ रुपये के बेसिक और निष्पादन अनुदान के बंटवारे और खर्च को भी हरी झंडी दे दी। यह पूरी रकम ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों के बीच बांटी जाएगी। सरकार का कहना है कि इस पैसे से गांवों में सड़क, नाली और पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के काम में तेजी आएगी और पंचायतें आर्थिक रूप से मजबूत होंगी।

उद्योग और इंफ्रास्ट्रक्चर को रफ्तार

औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए मंत्रिमंडल ने बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार यानी आयडा को राज्य सरकार की गारंटी पर 25,000 करोड़ रुपये तक का कर्ज लेने की इजाजत दे दी है। सरकार के मुताबिक इससे औद्योगिक इलाकों में बुनियादी ढांचा मजबूत होगा और निवेश तथा रोजगार के नए मौके बनेंगे। इसके अलावा अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर परियोजना के तहत गया जिले के डोभी इलाके में राष्ट्रीय राजमार्ग-2 से चंदाग्राम होते हुए बभनदेव जंगल तक फोरलेन सड़क बनाई जाएगी। इसके लिए मंत्रिमंडल ने 35.19 एकड़ गैर-मजरुआ सरकारी जमीन को पथ निर्माण विभाग के नाम पूरी तरह मुफ्त और स्थायी रूप से अंतर्विभागीय हस्तांतरण करने की मंजूरी दे दी।

पटना में शहरी विकास के लिए बॉन्ड

शहरी विकास से जुड़े एक अहम फैसले में मंत्रिमंडल ने पटना नगर निगम को 200 करोड़ रुपये तक का नगर निगम बॉन्ड जारी करने की अनुमति दी है। सरकार का कहना है कि इस रकम से यातायात व्यवस्था सुधारने, अतिक्रमण हटाने और सड़कों पर अवैध वेंडिंग की समस्या सुलझाने के लिए जरूरी पैसा मिल सकेगा।

बस अड्डों का कायाकल्प पीपीपी मॉडल से

परिवहन क्षेत्र में बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के अधीन आने वाले 31 बस डिपो और बस स्टैंड अब सार्वजनिक-निजी भागीदारी यानी पीपीपी मॉडल पर बनाए जाएंगे। सरकार का दावा है कि इस मॉडल से निगम को 200 से 300 करोड़ रुपये तक की कमाई हो सकती है और साथ ही सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ भी नहीं पड़ेगा।

अन्य अहम फैसले

मंत्रिमंडल ने शास्त्रीनगर, पटना स्थित राजस्व (सर्वे) प्रशिक्षण संस्थान की तत्कालीन निलंबित राजस्व अधिकारी-सह-कानूनगो सोनी कुमारी को गंभीर लापरवाही, अनुशासनहीनता और मनमानी बरतने के आरोप में सरकारी सेवा से बर्खास्त करने की भी मंजूरी दी। इसके अलावा राज्य का राजस्व बढ़ाने के मकसद से खनन योग्य पत्थर के भूखंडों की बंदोबस्ती अब ई-नीलामी-सह-निविदा के जरिए कराने का अधिकार जिला समाहर्ताओं को दे दिया गया है। इसके तहत न्यूनतम सुरक्षित मूल्य तय करने के लिए खनन योग्य पत्थर की मात्रा और रॉयल्टी दर के गुणनफल में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाएगी।

सवाल-जवाब

बिहार में यह नया टोल टैक्स किसने मंजूर किया?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इसे मंजूरी दी गई।
नई व्यवस्था का नाम क्या है?
इसे 'पथ उपयोगकर्ता शुल्क (दरों का निर्धारण एवं संग्रहण) नियमावली, 2026' नाम दिया गया है।
हल्के वाहनों के लिए टोल की दर क्या तय की गई है?
हल्के मोटर वाहनों के लिए आधार दर 1.25 रुपये प्रति किलोमीटर तय की गई है।
फास्टैग न होने पर क्या होगा?
बिना फास्टैग वाले वाहनों से सामान्य दर से ज्यादा शुल्क वसूला जाएगा।
ओवरलोडेड वाहनों पर क्या असर होगा?
तय सीमा से ज्यादा वजन ले जाने वाले वाहनों पर अतिरिक्त दंडात्मक शुल्क लगाया जाएगा।
मंत्रिमंडल ने कुल कितने प्रस्तावों को मंजूरी दी?
बैठक में कुल 29 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई, जिनमें टोल व्यवस्था भी शामिल है।
ग्रामीण विकास के लिए कितनी राशि मंजूर हुई?
16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक 51,923 करोड़ रुपये के बेसिक और निष्पादन अनुदान के वितरण को मंजूरी दी गई है।
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