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अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में गर्दन के 29 सेंटीमीटर लंबे निशान से खुला जगन गुर्जर हत्याकांडराजस्थान
2 जुल॰ 2026, 8:06 pm (40 दिन पहले)· 3

अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में गर्दन के 29 सेंटीमीटर लंबे निशान से खुला जगन गुर्जर हत्याकांड

अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में दस्यु जगन गुर्जर की मौत के मामले में मेडिकल रिपोर्ट ने हत्या के एंगल की पुष्टि की है, गर्दन पर करीब 29 सेंटीमीटर लंबे दबाव के निशान मिले हैं और आरोपी विष्णु जाट का नाम सामने आया है.

अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद दस्यु जगन गुर्जर की मौत का मामला अब नए सिरे से सुर्खियों में है. मेडिकल जांच रिपोर्ट में ऐसे तथ्य सामने आए हैं जिन्होंने पूरे घटनाक्रम की दिशा ही बदल दी है. अब तक इस मौत को लेकर कई तरह के दावे और अटकलें चल रही थीं, लेकिन रिपोर्ट के बाद जांच एजेंसियां इसे सीधे हत्या के एंगल से जांच रही हैं. पुलिस अब घटना की एक-एक कड़ी जोड़कर पूरी सच्चाई तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है.

गर्दन पर मिले गहरे निशान से बढ़ी सवालों की गिनती

जांच में सामने आई जानकारी के मुताबिक जगन गुर्जर की गर्दन पर गहरे दबाव के निशान मिले हैं. इस खुलासे के बाद यह सवाल और गहरा गया है कि इतनी कड़ी सुरक्षा वाली जेल के अंदर आखिर यह वारदात कैसे अंजाम दी गई. पुलिस अब जेल के भीतर के हालात, वहां मौजूद हर व्यक्ति और घटना से जुड़ी बारीकियों को खंगाल रही है. इसी दौरान एक इंजेक्शन दिए जाने की बात भी सामने आई है. हालांकि इसकी पूरी सच्चाई अभी सामने नहीं आई है और इसका खुलासा एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा.

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मेडिकल रिपोर्ट का बड़ा खुलासा, तीन से चार मिनट में वारदात

जांच से जुड़ी जानकारी बताती है कि मेडिकल रिपोर्ट में जगन गुर्जर की हत्या किए जाने की पुष्टि हुई है. रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी विष्णु जाट ने महज तीन से चार मिनट के भीतर पूरी वारदात को अंजाम दे दिया. मेडिकल जांच में गर्दन पर करीब 29 सेंटीमीटर लंबा और गहरा दबाव का निशान पाया गया है. बताया जा रहा है कि गर्दन पर इतनी ताकत से दबाव डाला गया कि गर्दन की नसें ही ब्लॉक हो गईं. जांच में एक और अहम बात सामने आई है कि जगन गुर्जर हाई लेवल शुगर की बीमारी से जूझ रहा था, जिसकी वजह से उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता पहले से ही काफी कमजोर हो चुकी थी. यही कमजोरी उसके लिए घातक साबित हुई और वह ज्यादा देर तक खुद को बचाने के लिए संघर्ष भी नहीं कर पाया. जांच में यह बात भी उभरकर आई है कि वारदात को पूरी तरह पेशेवर अंदाज में अंजाम दिया गया.

एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार, पुलिस हर एंगल से जुटी जांच में

पूरे प्रकरण में इंजेक्शन को लेकर भी सवाल बरकरार है. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि वह इंजेक्शन आखिर किस चीज का था और इस पूरी घटना से उसका क्या संबंध है. इसकी पुख्ता पुष्टि एफएसएल रिपोर्ट आने पर ही हो सकेगी. उधर सिविल लाइन थाना पुलिस पूरे मामले की तह तक जाने में जुटी है. पुलिस मेडिकल रिपोर्ट, जेल के भीतर के हालात और अन्य सबूतों को आपस में जोड़कर पूरी घटना की स्पष्ट तस्वीर बनाने में लगी है. जांच अधिकारी हर पहलू पर बारीकी से पड़ताल कर रहे हैं ताकि यह साफ हो सके कि इस वारदात की योजना कैसे बनाई गई और क्या इसमें कोई और व्यक्ति भी शामिल था. फिलहाल जांच जारी है और पुलिस वैज्ञानिक रिपोर्ट के साथ-साथ अन्य सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी.

सवाल-जवाब

जगन गुर्जर की मौत कहां हुई?
उसकी मौत अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल के अंदर हुई.
मेडिकल रिपोर्ट में क्या सामने आया है?
रिपोर्ट में गर्दन पर करीब 29 सेंटीमीटर लंबा और गहरा दबाव का निशान मिला है, जिससे हत्या की पुष्टि होती है.
आरोपी कौन है और उसने वारदात कितनी देर में अंजाम दी?
आरोपी विष्णु जाट है, जिसने करीब तीन से चार मिनट के भीतर वारदात को अंजाम दिया.
इंजेक्शन को लेकर क्या कहा जा रहा है?
जांच में एक इंजेक्शन दिए जाने की बात सामने आई है, लेकिन उसकी पूरी सच्चाई एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगी.
जगन गुर्जर ज्यादा देर तक संघर्ष क्यों नहीं कर पाया?
वह हाई लेवल शुगर की बीमारी से पीड़ित था, जिससे उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी कमजोर हो चुकी थी.
मामले की जांच कौन कर रहा है?
सिविल लाइन थाना पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और मेडिकल रिपोर्ट व अन्य सबूतों को जोड़कर घटनाक्रम स्पष्ट करने का प्रयास कर रही है.
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