दलाल स्ट्रीट में तेजी की रफ्तार बरकरार, 10 से 14 अगस्त के कारोबारी हफ्ते में रिकॉर्ड ऊंचाई छू सकते हैं निफ्टी और सेंसेक्सबुंदेलखंड के ऐतिहासिक राणा तालाब को मिला नया जीवन, 2 करोड़ रुपये से संवरेगा चित्रकूट का यह जलस्रोतआज का राशिफल 9 अगस्त 2026: मेष से मीन तक जानें रविवार का ज्योतिषीय फलादेश, इन 6 राशियों की चमकेगी किस्मतकर्मा के 40 साल: सुभाष घई ने अमरीश पूरी की जगह अनुपम खेर को चुना और बदल गई इस क्लासिक की कहानीबॉलीवुड में अपार प्रसिद्धि के बाद भी भागलपुर की गलियों में लौटते थे किशोर कुमार, जानें बिहार से उनकी आत्मीयता का किस्साछाया ग्रह राहु और केतु की नई चाल से बदलेगा 12 राशियों का भाग्य, जानें किसे बरतनी होगी सतर्कताश्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से बाहर हुए साई सुदर्शन, भारतीय टीम की बढ़ीं मुश्किलेंभारत में सिर्फ 102 बचे सफेद मालवी ऊंट, बीकानेर में NRCC ने 12 ऊंटों से शुरू की विशेष ब्रीडिंग मुहिमसंसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के तंज पर राहुल गांधी का पलटवार, तीन साल से महिला आरक्षण कानून अटकने पर उठाए सवालप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, गणेश प्रतिमा भेंट कर जताया आभार
राजस्थान में 16 अगस्त के बाद रुक सकती है एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति, 38 लाख उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी अभी भी बाकीराजस्थान
8 अग॰ 2026, 2:34 pm (2 घंटे पहले)· 0

राजस्थान में 16 अगस्त के बाद रुक सकती है एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति, 38 लाख उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी अभी भी बाकी

राजस्थान के 38 लाख एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए 16 अगस्त तक आधार आधारित ई-केवाईसी कराना अनिवार्य है, अन्यथा सब्सिडी दर पर सिलेंडर की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी।

राजस्थान में रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए 16 अगस्त की समय सीमा बेहद महत्वपूर्ण साबित होने जा रही है। राज्य के सभी एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए आधार पर आधारित ई-केवाईसी सत्यापन पूरा करना अनिवार्य किया गया है। लंबे समय से चल रही इस प्रक्रिया के तहत राजस्थान के 1.85 करोड़ कुल उपभोक्ताओं में से अब तक 38 लाख उपभोक्ता ऐसे हैं जिन्होंने अपनी ई-केवाईसी पूरी नहीं की है। प्रतिदिन गैस एजेंसियों पर 20 हजार से अधिक लोग सत्यापन कराने पहुंच रहे हैं, लेकिन भारी भीड़ के बावजूद बड़ी संख्या में सत्यापन बकाया हैं। यदि निर्धारित तिथि तक प्रक्रिया पूरी नहीं हुई, तो संबंधित उपभोक्ताओं को घरेलू रियायती दरों पर मिलने वाले एलपीजी सिलेंडर की सुविधा से वंचित होना पड़ सकता है।

तेल कंपनियों के आंकड़े और लंबित मामलों की स्थिति

राजस्थान में तीनों प्रमुख सार्वजनिक तेल विपणन कंपनियां सेवाएं प्रदान कर रही हैं, जिनके कुल 1.85 करोड़ सक्रिय उपभोक्ता पंजीकृत हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, ई-केवाईसी न कराने वाले उपभोक्ताओं में सबसे बड़ा आंकड़ा इंडेन गैस का है, जहां 17.3 लाख उपभोक्ताओं का सत्यापन लंबित है। इसके अलावा एचपी गैस के 11.7 लाख उपभोक्ता और बीपीसीएल अर्थात भारत गैस के लगभग 9 लाख उपभोक्ताओं ने अब तक ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी नहीं की है। तेल कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों और गैस एजेंसी संचालकों का स्पष्ट कहना है कि 16 अगस्त की अंतिम तिथि समाप्त होने के बाद बिना सत्यापन वाले खातों को रियायती दर पर सिलेंडर प्रदान नहीं किया जाएगा।

ये भी पढ़ें

उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए तीन मुख्य विकल्प

लाखों लंबित पड़े सत्यापनों को समय पर पूरा करने के लिए तेल कंपनियों ने अपने अभियान को तेज कर दिया है और उपभोक्ताओं को तीन अलग-अलग माध्यम प्रदान किए हैं। उपभोक्ता अपनी सुविधानुसार निम्नलिखित तरीकों से ई-केवाईसी करवा सकते हैं

  • मोबाइल ऐप द्वारा ऑनलाइन ई-केवाईसी: इंडेन के उपभोक्ता अपने स्मार्टफोन में इंडियनऑयल वन ऐप का उपयोग करके घर बैठे सत्यापन कर सकते हैं। वहीं भारत गैस के ग्राहकों के लिए हेलो बीपीसीएल ऐप और एचपी गैस के ग्राहकों के लिए एचपी पे ऐप पर यह सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
  • गैस एजेंसी पर बायोमेट्रिक सत्यापन: उपभोक्ता अपनी निकटतम गैस एजेंसी पर स्वयं जाकर आधार कार्ड प्रस्तुत कर बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट के माध्यम से प्रक्रिया पूरी करवा सकते हैं।
  • सिलेंडर डिलीवरी के समय फेस स्कैन: सिलेंडर पहुंचाने वाले डिलीवरी कर्मी भी डिलीवरी के वक्त चेहरे के स्कैन के जरिए तुरंत ई-केवाईसी की सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं।

निष्क्रिय कनेक्शनों के नियम और जयपुर में नया कंपोजिट सिलेंडर

ऐसे उपभोक्ता भी हैं जिन्होंने लंबे समय से न तो कोई नया सिलेंडर बुक किया है और न ही कोई डिलीवरी प्राप्त की है। इन निष्क्रिय खातों के लिए विशेष नियम तय किए गए हैं। ऐसे ग्राहकों को अपनी संबंधित गैस एजेंसी पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर 426 रुपये के निर्धारित शुल्क का भुगतान करना होगा और ई-केवाईसी करानी होगी, तभी उनका गैस कनेक्शन पुनः सक्रिय किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, बीपीसीएल कंपनी ने उपभोक्ताओं के लिए पहली बार जयपुर में 10 किलोग्राम वजन वाला हल्का जिप कंपोजिट एलपीजी सिलेंडर भी बाजार में उतारा है, जो आधुनिक डिजाइन और हल्की बनावट के साथ आता है।

सवाल-जवाब

राजस्थान में एलपीजी ई-केवाईसी कराने की अंतिम तिथि क्या है?
राजस्थान में एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए आधार आधारित ई-केवाईसी कराने की अंतिम तिथि 16 अगस्त तय की गई है।
16 अगस्त तक ई-केवाईसी पूरी न होने पर क्या होगा?
निर्धारित तिथि तक ई-केवाईसी न कराने पर उपभोक्ताओं को घरेलू रियायती दरों पर एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति नहीं मिलेगी।
घर बैठे मोबाइल ऐप से ई-केवाईसी कैसे करें?
इंडेन ग्राहक इंडियनऑयल वन ऐप, भारत गैस ग्राहक हेलो बीपीसीएल ऐप और एचपी ग्राहक एचपी पे ऐप का उपयोग करके ऑनलाइन ई-केवाईसी कर सकते हैं।
लंबे समय से बंद पड़े गैस कनेक्शन को चालू कराने का क्या नियम है?
निष्क्रिय कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को अपनी गैस एजेंसी जाकर 426 रुपये शुल्क का भुगतान करना होगा और ई-केवाईसी करानी होगी।
राजस्थान में कुल कितने उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी लंबित है?
राज्य के कुल 1.85 करोड़ उपभोक्ताओं में से 38 लाख उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी अभी बकाया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR