राजस्थान की राजधानी जयपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए करीब 1600 किलोग्राम सोहनपापड़ी नष्ट करवा दी है। यह कार्रवाई आनंद धाबास की निर्माण इकाई पर की गई, जहां नियमों को ताक पर रखकर मिठाइयों का उत्पादन और बिक्री की जा रही थी। निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि उत्पादित सोहनपापड़ी पर न तो पैकेजिंग की तारीख दर्ज थी और न ही उपभोग की अंतिम तिथि यानी एक्सपायरी डेट का कोई जिक्र था। इसके साथ ही मौके पर साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा के अन्य मानकों की भी गंभीर अनदेखी पाई गई, जिसके बाद विभाग ने कड़ा कदम उठाया।
शुद्ध आहार मिलावट पर वार अभियान के तहत कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई राज्य में चल रहे विशेष अभियान के तहत अमल में लाई गई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के मार्गदर्शन में यह अभियान चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य आम जनता तक शुद्ध खाद्य सामग्री पहुंचाना है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग की सेंट्रल टीम ने इस छापेमारी को अंजाम दिया। इस पूरी कार्रवाई का निर्देशन आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण डॉ. टी. शुभमंगला द्वारा किया गया था, जिनकी देखरेख में टीम ने जयपुर स्थित इस निर्माण इकाई की सघन जांच की।
सैंपल भेजे गए प्रयोगशाला और नोटिस जारी
छापेमारी के दौरान विभागीय अधिकारियों ने सोहनपापड़ी और बादाम कटिंग के एक-एक नमूने एकत्रित किए। इन सभी नमूनों को विस्तृत जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला में भेजा जा रहा है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इसमें किसी प्रकार की अन्य मिलावट तो नहीं थी। खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन अत्यंत गंभीर श्रेणी में पाए जाने के कारण मौके पर मौजूद भारी मात्रा यानी 1600 किलो सोहनपापड़ी को तत्काल प्रभाव से नष्ट कर दिया गया ताकि वह बाजार में न बिक सके।
आगे की कानूनी प्रक्रिया और सुधार नोटिस
उत्पादन इकाई में निरीक्षण के दौरान मिली अन्य अनियमितताओं और कमियों को देखते हुए प्रतिष्ठान को इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि राज्य खाद्य प्रयोगशाला से नमूनों की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि त्योहारी या आम दिनों में खाद्य पदार्थों में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ इसी तरह का अभियान आगे भी जारी रहेगा।



















