तमिलनाडु में महिला कर्मचारियों को तीसरे बच्चे पर मिलेगी 365 दिन की छुट्टी, थलापति विजय प्रशासन ने बदला नियमएपीजे अब्दुल कलाम और राजा रामन्ना के नेतृत्व में कैसे तैयार हुआ भारत का स्वदेशी मिसाइल ढालकरौली में थाई एप्पल की खेती से किसानों की चांदी, कम पानी और सह-फसली चक्र से बढ़ा मुनाफाकश्मीर को भारत का हिस्सा बताने पर अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के बयान की पूर्व डीजीपी एसपी वैद्य ने की सराहना, पाकिस्तान को दिया कड़ा जवाबसूर्य केतु और बुध का सिंह राशि में गोचर इन 4 राशियों के लिए अगले 17 दिन लाएगा विशेष लाभलंदन के रोलेक्स स्टोर में बेझिझक घुसा 500 डॉलर का नकली रोलेक्स, सर्विसिंग के दौरान कंपनी के अपने कारीगर भी धोखा खा गएश्रीनगर दौरे पर अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कश्मीर की सुरक्षा व्यवस्था को सराहा, उमर अब्दुल्ला से बातचीत के बाद ट्रैवल एडवाइजरी में ढील देने के संकेतस्वादिष्ट और पोषक तत्वों से भरपूर ड्रैगन फ्रूट खाने से पहले जानें किन स्थितियों में यह पहुंचा सकता है नुकसानचाय का बर्तन चढ़ाते ही पानी डालें या दूध, जानिए कड़क स्वाद पाने का असली नियमजापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी पहुंचे भारत, नई दिल्ली में राजनाथ सिंह संग सुरक्षा और तकनीक पर करेंगे अहम बैठक
बादल फटने से हिमाचल की बोह घाटी में छह मकान बहे, कांगड़ा-मंडी-सिरमौर में स्कूल-कॉलेज की छुट्टीभारत
21 जुल॰ 2026, 11:30 pm (29 दिन पहले)· 0

बादल फटने से हिमाचल की बोह घाटी में छह मकान बहे, कांगड़ा-मंडी-सिरमौर में स्कूल-कॉलेज की छुट्टी

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के रेड अलर्ट के बीच कांगड़ा की बोह घाटी में बादल फटने से छह घर बह गए, जबकि कांगड़ा, मंडी, सिरमौर सहित कई इलाकों में स्कूल-कॉलेज बंद रहे और किन्नौर में नेशनल हाईवे-5…

हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश ने भारी तबाही मचा रखी है। नदियां उफान पर हैं, पहाड़ों से मलबा गिर रहा है और कई इलाकों में बादल फटने की घटनाएं सामने आ रही हैं। मौसम विभाग ने राज्य में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है, जिसके बाद मंगलवार को कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों में सभी स्कूल-कॉलेज बंद रखे गए। लगातार हो रही बारिश के चलते शिमला जिले के ठियोग, चंबा के सलूणी और कुल्लू के निरमंड में भी शिक्षण संस्थान बंद रहे। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में 27 जुलाई तक भारी बारिश जारी रहने का अलर्ट दिया है, यानी अगले कुछ दिन राहत मिलने की उम्मीद फिलहाल कम ही है।

सपेड़ी और गरुड़ गांवों में बादल फटा, छह घर बहे

मंगलवार को कांगड़ा जिले के शाहपुर उप-संभाग की बोह घाटी में बादल फटने से भारी तबाही हुई। इस हादसे में सपेड़ी और गरुड़ गांवों के छह घर तेज पानी के बहाव में बह गए। राहत की बात यह रही कि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। हालांकि लाम गांव पर अब भी खतरा मंडरा रहा है और प्रशासन वहां स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। इस बादल फटने की घटना ने गांवों को जोड़ने वाले कई रास्तों को भी नुकसान पहुंचाया है, जिससे स्थानीय लोगों की आवाजाही काफी मुश्किल हो गई है और राहत सामग्री पहुंचाना भी चुनौती बन गया है।

ये भी पढ़ें

किन्नौर में राष्ट्रीय राजमार्ग-5 यातायात के लिए बंद

किन्नौर जिले में भूस्खलन के कारण पुराना हिंदुस्तान-तिब्बत मार्ग, यानी राष्ट्रीय राजमार्ग-5, वाहनों की आवाजाही के लिए पूरी तरह बंद करना पड़ा। शलखर के पास पहाड़ी से मलबा गिरने और सामदो के पास चट्टानें टूटकर सड़क पर आ गिरने से यह मार्ग बाधित हुआ। इससे काजा, स्पीति, पूह और रिकांग पिओ के बीच यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। इसके अलावा नूरपुर-लाहड़ू, चौबाड़ी-दलहौजी, शाहपुर-सिहुंता-चौबाड़ी सड़कों के साथ-साथ राष्ट्रीय राजमार्ग-154ए भी बंद रहा। शिमला में मंगलवार को सुबह से दोपहर तक रुक-रुककर बारिश होती रही, जिससे शहर में भी हलचल बनी रही और लोग एहतियातन घरों में ही रहे।

36 सड़कें बंद, 43 पेयजल योजनाएं और पांच ट्रांसफार्मर प्रभावित

राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के मुताबिक, सोमवार शाम हुई बारिश के बाद प्रदेश भर में 36 सड़कें बंद हो गई हैं। इसके अलावा 43 पेयजल योजनाएं और पांच ट्रांसफार्मर भी बारिश की वजह से प्रभावित हुए हैं, जिससे कई इलाकों में पानी और बिजली की सप्लाई ठप पड़ सकती है। प्रशासन ने लोगों से नदियों, नालों और भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की अपील की है। साथ ही, किसी भी आपात स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करने की सलाह दी गई है ताकि समय रहते मदद पहुंचाई जा सके।

अनावश्यक यात्रा से बचें, जम्मू-कश्मीर में भी बारिश का कहर

प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जब तक हालात सामान्य नहीं होते, लोग बेवजह यात्रा करने से बचें, क्योंकि पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और बादल फटने का खतरा अभी टला नहीं है। इसी बीच पड़ोसी राज्य जम्मू-कश्मीर में भी तेज बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, जहां गाड़ियां तेज बहाव में खिलौनों की तरह बहती नजर आईं।

सवाल-जवाब

हिमाचल प्रदेश में किन जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद रहे?
मंगलवार को कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों के साथ-साथ शिमला के ठियोग, चंबा के सलूणी और कुल्लू के निरमंड में भी सभी स्कूल-कॉलेज बंद रहे।
बादल फटने की घटना कहां हुई और कितने घर बहे?
कांगड़ा जिले के शाहपुर उप-संभाग की बोह घाटी में बादल फटने से सपेड़ी और गरुड़ गांवों के छह घर बह गए।
क्या इस हादसे में किसी की जान गई?
नहीं, किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, हालांकि लाम गांव पर खतरा अभी भी बना हुआ है।
किन्नौर में कौन सा हाईवे बंद है?
किन्नौर में भूस्खलन के कारण पुराना हिंदुस्तान-तिब्बत मार्ग यानी राष्ट्रीय राजमार्ग-5 वाहनों के लिए बंद कर दिया गया है।
मौसम विभाग का भारी बारिश का अलर्ट कब तक जारी रहेगा?
मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में 27 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
प्रदेश में कुल कितनी सड़कें और सुविधाएं प्रभावित हुई हैं?
राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के अनुसार 36 सड़कें बंद हैं, जबकि 43 पेयजल योजनाएं और पांच ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं।
क्या पड़ोसी राज्यों में भी बारिश से नुकसान हुआ है?
हां, जम्मू-कश्मीर में भी तेज बारिश से लोगों की मुश्किलें बढ़ी हैं, जहां गाड़ियां तेज बहाव में बहती देखी गईं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR