हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश ने भारी तबाही मचा रखी है। नदियां उफान पर हैं, पहाड़ों से मलबा गिर रहा है और कई इलाकों में बादल फटने की घटनाएं सामने आ रही हैं। मौसम विभाग ने राज्य में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है, जिसके बाद मंगलवार को कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों में सभी स्कूल-कॉलेज बंद रखे गए। लगातार हो रही बारिश के चलते शिमला जिले के ठियोग, चंबा के सलूणी और कुल्लू के निरमंड में भी शिक्षण संस्थान बंद रहे। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में 27 जुलाई तक भारी बारिश जारी रहने का अलर्ट दिया है, यानी अगले कुछ दिन राहत मिलने की उम्मीद फिलहाल कम ही है।
सपेड़ी और गरुड़ गांवों में बादल फटा, छह घर बहे
मंगलवार को कांगड़ा जिले के शाहपुर उप-संभाग की बोह घाटी में बादल फटने से भारी तबाही हुई। इस हादसे में सपेड़ी और गरुड़ गांवों के छह घर तेज पानी के बहाव में बह गए। राहत की बात यह रही कि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। हालांकि लाम गांव पर अब भी खतरा मंडरा रहा है और प्रशासन वहां स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। इस बादल फटने की घटना ने गांवों को जोड़ने वाले कई रास्तों को भी नुकसान पहुंचाया है, जिससे स्थानीय लोगों की आवाजाही काफी मुश्किल हो गई है और राहत सामग्री पहुंचाना भी चुनौती बन गया है।
किन्नौर में राष्ट्रीय राजमार्ग-5 यातायात के लिए बंद
किन्नौर जिले में भूस्खलन के कारण पुराना हिंदुस्तान-तिब्बत मार्ग, यानी राष्ट्रीय राजमार्ग-5, वाहनों की आवाजाही के लिए पूरी तरह बंद करना पड़ा। शलखर के पास पहाड़ी से मलबा गिरने और सामदो के पास चट्टानें टूटकर सड़क पर आ गिरने से यह मार्ग बाधित हुआ। इससे काजा, स्पीति, पूह और रिकांग पिओ के बीच यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। इसके अलावा नूरपुर-लाहड़ू, चौबाड़ी-दलहौजी, शाहपुर-सिहुंता-चौबाड़ी सड़कों के साथ-साथ राष्ट्रीय राजमार्ग-154ए भी बंद रहा। शिमला में मंगलवार को सुबह से दोपहर तक रुक-रुककर बारिश होती रही, जिससे शहर में भी हलचल बनी रही और लोग एहतियातन घरों में ही रहे।
36 सड़कें बंद, 43 पेयजल योजनाएं और पांच ट्रांसफार्मर प्रभावित
राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के मुताबिक, सोमवार शाम हुई बारिश के बाद प्रदेश भर में 36 सड़कें बंद हो गई हैं। इसके अलावा 43 पेयजल योजनाएं और पांच ट्रांसफार्मर भी बारिश की वजह से प्रभावित हुए हैं, जिससे कई इलाकों में पानी और बिजली की सप्लाई ठप पड़ सकती है। प्रशासन ने लोगों से नदियों, नालों और भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की अपील की है। साथ ही, किसी भी आपात स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करने की सलाह दी गई है ताकि समय रहते मदद पहुंचाई जा सके।
अनावश्यक यात्रा से बचें, जम्मू-कश्मीर में भी बारिश का कहर
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जब तक हालात सामान्य नहीं होते, लोग बेवजह यात्रा करने से बचें, क्योंकि पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और बादल फटने का खतरा अभी टला नहीं है। इसी बीच पड़ोसी राज्य जम्मू-कश्मीर में भी तेज बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, जहां गाड़ियां तेज बहाव में खिलौनों की तरह बहती नजर आईं।



















