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कश्मीर को भारत का हिस्सा बताने पर अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के बयान की पूर्व डीजीपी एसपी वैद्य ने की सराहना, पाकिस्तान को दिया कड़ा जवाबजम्मू-कश्मीर
19 अग॰ 2026, 8:22 pm (1 घंटे पहले)· 2

कश्मीर को भारत का हिस्सा बताने पर अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के बयान की पूर्व डीजीपी एसपी वैद्य ने की सराहना, पाकिस्तान को दिया कड़ा जवाब

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के कश्मीर दौरे और जम्मू-कश्मीर को भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताने पर पूर्व डीजीपी एसपी वैद्य ने इसे बड़ा कूटनीतिक संदेश बताया है। साथ ही उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर पर पाकिस्तान की आपत्तियों पर भी करारा हमला बोला।

श्रीनगर की अपनी यात्रा के दौरान भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने जम्मू और कश्मीर को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण बयान दिया है। बुधवार को कश्मीर पहुंचे अमेरिकी राजदूत ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से औपचारिक मुलाकात की और स्पष्ट रूप से कहा कि जम्मू और कश्मीर भारत का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके साथ ही उन्होंने घाटी में वर्तमान सुरक्षा व्यवस्था की भी जमकर सराहना की। अमेरिकी राजदूत के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व डीजीपी एसपी वैद्य ने इसे क्षेत्र के लिए एक बड़ा कूटनीतिक संदेश बताया है और कहा है कि किसी वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी का यह कदम काफी मायने रखता है।

अमेरिकी रुख में बदलाव और ट्रैवल एडवाइजरी पर सकारात्मक संकेत

पूर्व डीजीपी एसपी वैद्य ने अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की इस टिप्पणी को अत्यंत महत्वपूर्ण करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह पहला मौका है जब किसी शीर्ष अमेरिकी पदाधिकारी ने सार्वजनिक तौर पर जम्मू और कश्मीर की स्थिति पर इतनी स्पष्ट बात कही है। सर्जियो गोर को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बेहद करीबी माना जाता है, इसलिए उनका यह बयान केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक मजबूत संदेश देता है। इस दौरे के दौरान अमेरिकी राजदूत ने सुरक्षा व्यवस्था की तारीफ करने के साथ-साथ अमेरिकी नागरिकों के लिए जारी ट्रैवल एडवाइजरी की समीक्षा करने का भी सकारात्मक संकेत दिया है।

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ट्रैवल एडवाइजरी में समीक्षा के इस कदम का कश्मीर के पर्यटन क्षेत्र ने स्वागत किया है। पूर्व डीजीपी एसपी वैद्य के अनुसार, यात्रा पाबंदियों के कारण घाटी के टूरिज्म पर लंबे समय से बुरा असर पड़ता रहा है। यदि अमेरिका अपनी ट्रैवल एडवाइजरी में ढील देता है या इसे हटाता है, तो इससे कश्मीर के आर्थिक विकास और पर्यटन उद्योग को बहुत बड़ी गति मिलेगी। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी अमेरिकी राजदूत के इस सकारात्मक रुख का स्वागत किया है।

अनुच्छेद 370 के बाद सुरक्षा में सुधार और पीओके से तुलना

अनुच्छेद 370 के हटने के बाद से कश्मीर घाटी में सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था एक नए चरण में प्रवेश कर चुकी है। अमेरिकी राजदूत ने भी इस सुरक्षा ढांचे को काफी बेहतर और संतोषजनक माना है। इस पर टिप्पणी करते हुए पूर्व डीजीपी एसपी वैद्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जिस तरह से घाटी की परिस्थितियों को संभाला गया है, उससे सीमा पार बैठे लोगों में जलन होना स्वाभाविक है।

उन्होंने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि वहां के हालात आज पूरी दुनिया के सामने उजागर हो चुके हैं। पीओके में आम लोग बिजली और आटे जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए तरस रहे हैं और उन्हें गोलियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे समय में जब पड़ोसी क्षेत्र संकट से जूझ रहा है, अमेरिकी राजदूत का श्रीनगर आकर भारत की व्यवस्था और सुरक्षा की तारीफ करना बेहद काबिले गौर है।

ऑपरेशन सिंदूर डॉक्यूमेंट्री पर पाकिस्तान को कड़ा जवाब

इसके अलावा पूर्व डीजीपी एसपी वैद्य ने 15 अगस्त 2026 को डिस्कवरी चैनल पर रिलीज हुई नई डॉक्यूमेंट्री 'ऑपरेशन सिंदूर' पर पाकिस्तान की आपत्तियों का भी करारा जवाब दिया। इस डॉक्यूमेंट्री में सैन्य ऑपरेशन की योजना और वॉर-रूम के फैसलों को दिखाया गया है, जिस पर पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने आपत्ति जताते हुए इसे पूरी तरह भारत के पक्ष में बताया था।

पाकिस्तानी सेना के दावों को खारिज करते हुए पूर्व डीजीपी एसपी वैद्य ने कहा कि केवल हवा में बयानबाजी कर देने से किसी बात की अहमियत नहीं बन जाती। अगर पाकिस्तान के दावों में कोई सच्चाई है, तो उन्हें मलबा और ठोस सबूत दुनिया के सामने पेश करने चाहिए। उन्होंने देश के एनएसए के बयान का स्मरण कराते हुए कहा कि हमारे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने भी साफ किया था कि सैन्य कार्रवाई के दौरान हमारी एक खिड़की भी नहीं टूटी थी। एसपी वैद्य ने सलाह दी कि पाकिस्तान को बिना किसी प्रमाण के ऐसे ओछे और हवा-हवाई बयानों से बचना चाहिए।

सवाल-जवाब

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कश्मीर दौरे के दौरान क्या कहा?
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात के दौरान स्पष्ट किया कि जम्मू और कश्मीर भारत का बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है और घाटी की सुरक्षा व्यवस्था की सराहना की।
पूर्व डीजीपी एसपी वैद्य ने अमेरिकी राजदूत के बयान को क्यों अहम माना?
पूर्व डीजीपी एसपी वैद्य ने कहा कि यह पहली बार है जब किसी शीर्ष अमेरिकी पदाधिकारी ने इतना स्पष्ट बयान दिया है, जो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी होने के कारण पूरे क्षेत्र के लिए बड़ा संदेश है।
क्या अमेरिका कश्मीर के लिए अपनी ट्रैवल एडवाइजरी में बदलाव करेगा?
अमेरिकी राजदूत ने अमेरिकी नागरिकों के लिए जारी ट्रैवल एडवाइजरी की समीक्षा करने के प्रति सकारात्मक रुख दिखाया है, जिसका स्वागत मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पूर्व डीजीपी दोनों ने किया।
ऑपरेशन सिंदूर डॉक्यूमेंट्री पर पाकिस्तान ने क्या आपत्ति जताई थी?
15 अगस्त 2026 को डिस्कवरी चैनल पर रिलीज हुई डॉक्यूमेंट्री में दिखाए गए वॉर-रूम फैसलों पर पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने इसे भारत के पक्ष में एकतरफा बताया था।
पाकिस्तानी सेना के बयानों पर पूर्व डीजीपी एसपी वैद्य ने क्या जवाब दिया?
एसपी वैद्य ने कहा कि हवा में बयानबाजी की कोई अहमियत नहीं है और अगर पाकिस्तान के पास सबूत हैं तो वह मलबा दिखाए। उन्होंने एनएसए के बयान का भी हवाला दिया कि हमारी एक खिड़की भी नहीं टूटी थी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·54 मिनट पहले

अमेरिकी राजदूत का यह बयान और पूर्व डीजीपी एसपी वैद्य का विश्लेषण कूटनीतिक और आंतरिक सुरक्षा दोनों मोर्चों पर गहरे निहितार्थ रखता है। ट्रैवल एडवाइजरी की समीक्षा से अमेरिकी नागरिकों की आवाजाही बढ़ने की संभावना है, जिससे घाटी की अर्थव्यवस्था और पर्यटन को सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावा, अनुच्छेद 370 के बाद सुधरे सुरक्षा ढांचे पर अंतरराष्ट्रीय मुहर लगना सीमा पार के दुष्प्रचार को कमजोर करता है।

Rohan Verma@rohan-verma·54 मिनट पहले

घाटी में अमेरिकी राजदूत के इस दौरे और सकारात्मक संकेतों का सीधा असर ज़मीनी स्तर की आर्थिकी पर दिखेगा। अमेरिका द्वारा ट्रैवल एडवाइजरी में संभावित संशोधन से वैश्विक स्तर पर यह संदेश जाएगा कि सुरक्षा व्यवस्था अब पर्यटकों के लिए पूरी तरह अनुकूल है। इससे यूरोपीय देशों का रुख भी बदल सकता है, जिससे विदेशी पर्यटकों की आवक में भारी उछाल आने की उम्मीद है।

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