बेंगलुरु के रामोहल्ली झील में मंगलवार को एक ऐसा नजारा देखने को मिला जिसने आसपास के लोगों की रूह कंपा दी। झील की सतह पर पानी में हिचकोले खाता एक सूटकेस दिखा, जिसे बाहर निकालकर खोला गया तो अंदर साड़ी में लिपटा एक शव निकला। जांच में पता चला कि यह शव 61 साल की जयम्मा का था, जो चलाघट्टा की रहने वाली थीं और पिछले कुछ दिनों से लापता चल रही थीं। कर्नाटक पुलिस को शक है कि जयम्मा की हत्या गहने लूटने के मकसद से की गई, और फिर सबूत मिटाने के लिए उनका शव झील में फेंक दिया गया।
तैरते सूटकेस ने खोला राज
मंगलवार सुबह गांव के कुछ लोग जब रामोहल्ली झील किनारे पहुंचे तो पानी में इधर उधर डोलता एक सूटकेस उनकी नजर में आया। करीब जाकर देखा तो उसमें से साड़ी में लिपटा एक अंग बाहर झांक रहा था, यह देखकर सब सहम गए। देर किए बिना उन्होंने कुंबलगोडु थाने को फोन कर पूरी बात बताई। खबर मिलते ही पुलिस दल झील पर पहुंचा और गांव वालों की मदद लेकर सूटकेस को बाहर निकलवाया।
जानवरों के नोचने के निशान मिले शरीर पर
सूटकेस खोलते ही पुलिस के होश उड़ गए। अंदर जयम्मा का शव था, जिसके कुछ अंगों पर जंगली जानवरों के नोचने के साफ निशान मौजूद थे। पुलिस का अनुमान है कि हत्यारों ने सबूत मिटाने और पहचान छुपाने की नीयत से ही शव को सूटकेस में भरकर पानी में बहाने की कोशिश की।
15 जुलाई को घर से निकलीं, वापस नहीं लौटीं
पुलिस पड़ताल के मुताबिक जयम्मा आखिरी बार 15 जुलाई को दोपहर 3:35 बजे अपने घर से निकलते हुए देखी गई थीं। इसके बाद वह कभी घर नहीं लौटीं। परिजनों ने रिश्तेदारों और नजदीकी इलाकों में उन्हें ढूंढने की पूरी कोशिश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। उनका फोन भी लगातार बंद बता रहा था। आखिरकार 16 जुलाई को उनके बेटे ने कुंबलगोडु थाने पहुंचकर मां की गुमशुदगी दर्ज करा दी।
गायब मिले मंगलसूत्र, अंगूठी और बालियां
घटनास्थल की शुरुआती जांच में पुलिस को एक अहम सुराग मिला, जयम्मा के शरीर पर न तो मंगलसूत्र था, न सोने की अंगूठी और न ही कानों में बालियां। यही वजह है कि जांच अधिकारी इसे लूट के इरादे से की गई हत्या मान रहे हैं। शक है कि पहले गहनों के लिए उन पर हमला किया गया, और फिर पहचान छुपाने के लिए शव को सूटकेस में भरकर झील में बहा दिया गया।
पुलिस ने दर्ज किया हत्या का मामला, सीसीटीवी खंगाल रही टीम
फिलहाल कुंबलगोडु पुलिस ने इस मामले में हत्या की एफआईआर दर्ज कर ली है। जांच टीम आरोपियों तक पहुंचने के लिए झील के आसपास और उस रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि 15 जुलाई की शाम जयम्मा के साथ आखिरी बार कौन देखा गया था।



















