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बुरहानपुर में 25 हजार हेक्टेयर तक फैला केले का कारोबार, 1955 में बैलगाड़ी से हुई थी शुरुआतभारत
18 अग॰ 2026, 1:55 pm (70 दिन पहले)· 3

बुरहानपुर में 25 हजार हेक्टेयर तक फैला केले का कारोबार, 1955 में बैलगाड़ी से हुई थी शुरुआत

मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में 1955 में बैलगाड़ी से लाई गई रोपण सामग्री से शुरू हुई केले की खेती आज 25 हजार हेक्टेयर में फैल चुकी है। जीआई टैग प्राप्त यह फसल अब जिले की बड़ी आबादी को रोजगार दे रही है।

मध्य प्रदेश का बुरहानपुर जिला कृषि क्षेत्र में एक अनूठी मिसाल कायम कर रहा है। कभी पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र से बैलगाड़ी के जरिए लाए गए पौधों से शुरू हुई खेती आज इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुकी है। बुरहानपुर के किसानों की मेहनत से पैदा होने वाले केले अब न केवल देश के विभिन्न राज्यों की मंडियों में बिक रहे हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी निर्यात किए जा रहे हैं।

बैलगाड़ी से शुरू हुआ ऐतिहासिक सफर

स्थानीय किसान सुनील महाजन के अनुसार, बुरहानपुर में केले की खेती की नींव लगभग वर्ष 1955 में रखी गई थी। उस दौर में यातायात के साधन सीमित थे, इसलिए महाराष्ट्र से बैलगाड़ी के माध्यम से केले के बीज और पौधे बुरहानपुर लाए गए थे। शुरुआत में किसानों ने इसे केवल एक छोटे प्रयोग के रूप में अपने खेतों में आजमाया। जैसे-जैसे पैदावार के बेहतर नतीजे सामने आए, अन्य किसानों ने भी पारंपरिक फसलों के बजाय केले के उत्पादन को अपनाना शुरू कर दिया।

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25 हजार हेक्टेयर में फैला केले का दायरा

किसान हेमंत पाटिल बताते हैं कि वर्तमान समय में बुरहानपुर जिले में लगभग 25 हजार हेक्टेयर भूमि पर केले का उत्पादन हो रहा है। आज जिले के गांवों में दूर-दूर तक केले के हरे-भरे बागान दिखाई देते हैं। केले के इस विशाल उत्पादन ने स्थानीय स्तर पर व्यापारिक गतिविधियों को पंख लगा दिए हैं। फसल की कटाई के साथ-साथ पैकेजिंग, परिवहन और प्रसंस्करण से जुड़ी गतिविधियां यहां लगातार बढ़ रही हैं।

जीआई टैग और अर्थव्यवस्था को मजबूती

बुरहानपुर के केले को 23 जून 2026 को जीआई टैग प्रदान किया गया, जिससे इसकी खास पहचान को आधिकारिक मान्यता मिली है। इस टैग के मिलने से स्थानीय किसानों और व्यापारियों के बीच काफी उत्साह है। सुनील महाजन का कहना है कि इस कारोबार ने जिले की आर्थिक स्थिति को बहुत मजबूत किया है। बुरहानपुर की कुल आबादी में से करीब 25 से 30 प्रतिशत लोगों को केले के कारोबार से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिल रहा है। कई लोग केले से विविध उत्पाद बनाकर भी देश-विदेश में सप्लाई कर रहे हैं।

सवाल-जवाब

बुरहानपुर में केले की खेती कब शुरू हुई थी?
बुरहानपुर में केले की खेती की शुरुआत लगभग वर्ष 1955 में हुई थी, जब बैलगाड़ी के जरिए महाराष्ट्र से इसके बीज लाए गए थे।
वर्तमान में बुरहानपुर में कितने क्षेत्र में केले उगाए जा रहे हैं?
बुरहानपुर जिले में वर्तमान में लगभग 25 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में केले की खेती हो रही है।
बुरहानपुर के केले को जीआई टैग कब मिला?
बुरहानपुर के केले को 23 जून 2026 को जीआई टैग प्रदान किया गया।
केले के कारोबार से कितने लोगों को रोजगार मिल रहा है?
बुरहानपुर जिले के लगभग 25 से 30 प्रतिशत लोगों को केले की खेती और इसके व्यापार से प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार मिलता है।
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