बिहार के बख्तियारपुर स्थित पुरानी बाइपास क्षेत्र में शनिवार की शाम एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां एक दुकान और उसके पिछले हिस्से में बने आवासीय मकान में अचानक आग लग गई। लपटें इतनी तेजी से फैलीं कि अंदर मौजूद लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल सका। इस भयानक दुर्घटना में छह महीने की एक मासूम बच्ची समेत तीन लोगों की जलकर जान चली गई।
स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह मकान पंकज कुमार की बाइक स्पेयर पार्ट्स की दुकान के ठीक पीछे स्थित था। आग सबसे पहले दुकान वाले हिस्से में भड़की और देखते ही देखते उसने पूरे घर को अपनी गिरफ्त में ले लिया। आग की विकरालता इतनी अधिक थी कि अंदर फंसे परिवार के सदस्य खुद को बचा नहीं पाए।
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान
इस दुखद अग्निकांड में जिन तीन लोगों की मौत हुई है, उनमें 45 वर्षीय रीमा देवी, उनकी 70 वर्षीय सास गीता देवी और छह महीने की नन्हीं बच्ची सुंदरी कुमारी शामिल हैं। रीमा देवी इस दुकान के संचालक पंकज कुमार की पत्नी थीं। वहीं, जान गंवाने वाली छह महीने की बच्ची सुंदरी कुमारी रिश्ते में उनकी भगिनी बताई जा रही है, जो अपने माता-पिता के साथ बख्तियारपुर आई हुई थी।
माता-पिता ने छत से कूदकर बचाई जान
दुर्घटना के वक्त बच्ची के माता-पिता भी वहीं मौजूद थे। नवादा जिले के हिसुआ के रहने वाले मोनी कुमारी और उनके पति शिवम कुमार ने किसी तरह जान बचाने के लिए मकान की छत का रुख किया और वहां से नीचे छलांग लगा दी। इस दौरान मोनी कुमारी का पैर टूट गया। दोनों घायलों को तुरंत उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल भेज दिया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
प्रशासनिक कार्रवाई और जांच जारी
घटना की खबर मिलते ही स्थानीय पुलिस थाना और दमकल विभाग की गाड़ियां तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गईं। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और तीन जिंदगियां इस हादसे की भेंट चढ़ चुकी थीं। अधिकारियों का कहना है कि आग लगने के वास्तविक कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस मामले की गंभीरता से छानबीन कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आखिर इस भयंकर आग की शुरुआत कैसे हुई थी। इस अप्रत्याशित तबाही के बाद से पूरे इलाके में गहरा शोक और मातम पसरा हुआ है।


















