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उत्तराखंड के ऊंचे पहाड़ों पर अगस्त में ही बर्फबारी, हेमकुंड साहिब और फूलों की घाटी में बदला मौसम का मिजाजउत्तराखंड
23 अग॰ 2026, 7:58 am (58 मिनट पहले)· 3

उत्तराखंड के ऊंचे पहाड़ों पर अगस्त में ही बर्फबारी, हेमकुंड साहिब और फूलों की घाटी में बदला मौसम का मिजाज

उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में मौसम ने अचानक करवट ली है। अगस्त के महीने में ही हेमकुंड साहिब और फूलों की घाटी की चोटियों पर बर्फबारी शुरू हो गई है, जबकि निचले क्षेत्रों में लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है।

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। चमोली जिले में स्थित जोशीमठ नगर के सामने वाली चोटियों पर इस सीजन की पहली बर्फबारी दर्ज की गई है। इसके अलावा विश्व प्रसिद्ध हेमकुंड साहिब और फूलों की घाटी के आसपास की ऊंची पहाड़ियों पर भी बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है, जिससे ठंडक बढ़ गई है।

निचले इलाकों में बारिश और तापमान में गिरावट

पहाड़ों पर हो रही इस बर्फबारी और लगातार बारिश के कारण निचले मैदानी और घाटी वाले इलाकों के तापमान में खासी गिरावट आई है। चमोली जिले में हो रही मूसलाधार बारिश की वजह से आम जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। बारिश के कारण भूस्खलन और मलबा आने से करीब एक दर्जन से अधिक सड़कें बंद हो चुकी हैं, जिन्हें दोबारा सुचारu करने का काम युद्धस्तर पर जारी है।

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मौसम विभाग का सात जिलों में अलर्ट

इस बीच मौसम विभाग ने राज्य के सात जिलों में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, पिथौरागढ़, बागेश्वर और उधमसिंह नगर जिलों के लिए विशेष अलर्ट घोषित किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक अगले चौबीस घंटों के दौरान कुछ स्थानों पर तेज बारिश होने की संभावना है, जिसके मद्देनजर येलो अलर्ट भी जारी किया गया है।

सवाल-जवाब

उत्तराखंड में किन जगहों पर बर्फबारी हुई है?
चमोली जिले में जोशीमठ के सामने की चोटियों के साथ-साथ हेमकुंड साहिब और फूलों की घाटी के आसपास के इलाकों में बर्फबारी दर्ज की गई है।
मौसम विभाग ने किन जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है?
मौसम विभाग ने देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, पिथौरागढ़, बागेश्वर और उधमसिंह नगर जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
खराब मौसम के कारण यातायात पर क्या असर पड़ा है?
चमोली जिले में लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन के चलते करीब एक दर्जन से अधिक सड़कें बंद हो गई हैं, जिन्हें साफ करने का कार्य जारी है।
अगले 24 घंटों के लिए मौसम कापूर्वानुमान क्या है?
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान कुछ स्थानों पर तेज बारिश होने की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·22 मिनट पहले

अगस्त के महीने में उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी होना और सात जिलों में भारी बारिश का अलर्ट सीधे तौर पर पर्वतीय क्षेत्रों की सुरक्षा और बुनियादी ढांचे के लिए गंभीर चुनौती है। मौसम के इस अचानक बदलाव से चारधाम यात्रा और तीर्थयात्रियों की आवाजाही पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। लगातार बारिश के कारण बंद हुई सड़कों को युद्धस्तर पर खोलने के साथ ही संवेदनशील इलाकों में आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह मुस्तैद रखना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके।

Rohan Verma@rohan-verma·21 मिनट पहले

सहकर्मी करण मल्होत्रा के इस विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए यह ध्यान देना आवश्यक है कि मौसम विभाग द्वारा जारी सात जिलों का यह अलर्ट केवल तात्कालिक आवाजाही को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों की दीर्घकालिक बुनियादी ढांचा रणनीति पर भी सवाल खड़े करता है। चमोली जैसे संवेदनशील जिलों में एक दर्जन से अधिक सड़कों का बार-बार बंद होना और भूस्खलन का सक्रिय होना यह साबित करता है कि मानसून के दौरान पर्वतीय इंजीनियरिंग और ड्रेनेज सिस्टम को युद्धस्तर पर मजबूत करने की जरूरत है। यदि प्रशासन ने समय रहते ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर स्थायी समाधान नहीं निकाला, तो तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और स्थानीय आजीविका दोनों पर संकट गहराता जाएगा।

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