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चंबा की ठाकरी मट्टी पंचायत में दोबारा मतगणना से पलटा नतीजा, भारती ठाकुर 44 मतों से बनीं प्रधानहिमाचल प्रदेश
25 सित॰ 2026, 7:54 am (42 दिन पहले)· 2

चंबा की ठाकरी मट्टी पंचायत में दोबारा मतगणना से पलटा नतीजा, भारती ठाकुर 44 मतों से बनीं प्रधान

हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले की ठाकरी मट्टी पंचायत में चार महीने बाद मतों की दोबारा गिनती होने पर परिणाम पूरी तरह बदल गया, जहां पहले हारी घोषित की गईं भारती ठाकुर ने 44 वोटों से जीत हासिल की।

हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले से पंचायत चुनाव के नतीजों में एक अप्रत्याशित उलटफेर सामने आया है। डलहौज़ी विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाले सलूणी विकासखंड की ठाकरी मट्टी ग्राम पंचायत में प्रधान पद के चुनाव की कहानी चार महीने बाद पूरी तरह बदल गई है। पहले राउंड की गिनती में जिस महिला उम्मीदवार को पराजित बता दिया गया था, मतों की आधिकारिक दोबारा गिनती यानी रिकाउंटिंग पूरी होने पर वही प्रत्याशी 44 मतों के अंतर से विजयी घोषित की गई हैं। इस अप्रत्याशित बदलाव ने स्थानीय स्तर पर चुनावी गिनती की पूरी व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।

मई महीने के पहले नतीजे और शुरुआती आंकड़े

ठाकरी मट्टी पंचायत में प्रधान पद के लिए मतदान 26 मई को आयोजित किया गया था। वोटिंग के तुरंत बाद जब शुरुआती मतगणना हुई, तब चुनावी मैदान में मुख्य मुकाबला संतोष कुमारी और भारती ठाकुर के बीच देखा गया था। पहली गिनती के आंकड़ों के अनुसार संतोष कुमारी के पक्ष में कुल 597 वोट दर्ज किए गए थे, जबकि भारती ठाकुर को केवल 561 वोट मिले दिखाए गए। उस समय जारी परिणाम में भारती ठाकुर 36 वोटों से पीछे रह गई थीं। इसके आधार पर चुनाव अधिकारियों ने संतोष कुमारी को विधिवत विजेता घोषित कर दिया था और भारती ठाकुर दूसरे स्थान पर संतोष करने को मजबूर हुई थीं।

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एसडीएम कोर्ट में चुनौती और दोबारा गिनती का आदेश

प्रारंभिक परिणाम सामने आने के बाद भारती ठाकुर ने इस गिनती को स्वीकार नहीं किया। उन्हें मतदान और मतगणना की प्रक्रिया में त्रुटि का अंदेशा था, जिसके चलते उन्होंने तय समय सीमा का पालन करते हुए सलूणी के एसडीएम के समक्ष विधिवत चुनाव याचिका दायर की। याचिका में उन्होंने प्रधान पद के सभी वोटों की निष्पक्ष रूप से दोबारा गिनती करवाने की पुरजोर मांग उठाई थी। एसडीएम सलूणी की अदालत में इस चुनाव याचिका पर विस्तार से सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की दलीलें और रिकॉर्ड परखने के बाद एसडीएम ने निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठाकरी मट्टी पंचायत के मतपत्रों की दोबारा गिनती कराने का औपचारिक आदेश पारित कर दिया।

तीन सदस्यीय कमेटी की निगरानी में हुई रिकाउंटिंग

एसडीएम के निर्देशानुसार पुनर्मतगणना की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए तीन अधिकारियों की एक विशेष कमेटी गठित की गई थी। इस प्रशासनिक टीम में बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ), सामाजिक शिक्षा एवं योजना अधिकारी (एसईपीओ) और कनिष्ठ अभियंता (जेई) को शामिल किया गया। सलूणी के खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) कंवर सिंह ने प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया कि रिकाउंटिंग एसडीएम सलूणी के प्रत्यक्ष दिशा-निर्देशों और मौजूदगी में पूरी की गई। गठित तीन सदस्यीय कमेटी के सामने हर एक मतपत्र को दोबारा खोला गया, मतों की गहन जांच की गई और दोनों प्रत्याशियों के हासिल मतों का अंतिम मिलान संपन्न कराया गया।

रिकाउंटिंग का अंतिम आंकड़ा और 44 वोटों का फैसला

जब कमेटी की मौजूदगी में मतों का अंतिम टैली तैयार हुआ, तो परिणाम पूरी तरह उलट चुका था। दोबारा गिनती में भारती ठाकुर के खाते में कुल 601 वैध मत पाए गए, जबकि पूर्व में विजेता घोषित की गईं संतोष कुमारी के मतों की संख्या घटकर 557 रह गई। इस तरह भारती ठाकुर ने संतोष कुमारी को 44 वोटों के स्पष्ट अंतर से मात दे दी। दोबारा हुई इस जांच के दौरान कुल पांच मतपत्र पूरी तरह अवैध पाए गए और उन्हें खारिज कर दिया गया। इसके अलावा चार मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल करते हुए नोटा विकल्प का चयन किया था। सभी गणनाएं पूरी होने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने भारती ठाकुर को ठाकरी मट्टी पंचायत के प्रधान पद का नया और आधिकारिक विजेता घोषित किया।

न्यायिक प्रक्रिया और अपनी जीत पर बोलीं भारती ठाकुर

नतीजे पक्ष में आने के बाद भारती ठाकुर ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पहली गिनती के तुरंत बाद उन्हें गलत तरीके से पराजित घोषित कर दिया गया था, जिससे वे कतई संतुष्ट नहीं थीं। इसी वजह से उन्होंने नियमों के तहत एसडीएम की अदालत का दरवाजा खटखटाया और अपनी आधिकारिक आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि चार महीने के लंबे इंतजार के बाद अब सच्चाई सामने आई है और वे 44 वोटों से जीतकर प्रधान निर्वाचित हुई हैं। अब वे ठाकरी मट्टी पंचायत में प्रधान का पदभार संभालकर क्षेत्र के विकास कार्यों को आगे बढ़ाएंगी।

सवाल-जवाब

ठाकरी मट्टी पंचायत में दोबारा मतगणना के बाद कौन विजयी घोषित हुआ?
दोबारा मतगणना के बाद भारती ठाकुर को 44 मतों के अंतर से विजेता घोषित किया गया है।
26 मई को हुई पहली गिनती में क्या परिणाम रहा था?
पहली गिनती में संतोष कुमारी को 597 और भारती ठाकुर को 561 वोट मिले थे, जिसके आधार पर संतोष कुमारी को विजेता घोषित किया गया था।
रिकाउंटिंग में दोनों प्रत्याशियों को कितने-कितने वोट मिले?
रिकाउंटिंग में भारती ठाकुर को 601 वोट और संतोष कुमारी को 557 वोट मिले।
दोबारा मतगणना में कितने मत अवैध पाए गए और कितने नोटा रहे?
दोबारा हुई गिनती में कुल पांच मत अवैध पाए गए, जबकि चार मतदाताओं ने नोटा का विकल्प चुना था।
दोबारा गिनती की निगरानी के लिए किस कमेटी का गठन किया गया था?
एसडीएम सलूणी के निर्देश पर सीडीपीओ, एसईपीओ और जेई को शामिल करके एक तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई थी।
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टिप्पणियाँ 5

Vikram Yadav@vikram-yadav·42 दिन पहले

चार महीने बाद नतीजा बदलना वाकई बड़ी लापरवाही है। चुनाव में ऐसा खेल नहीं होना चाहिए।

Ravikash Gupta@ravikash·42 दिन पहले

चार महीने बाद गिनती बदलना थोड़ा अजीब लगता है, पहली बार में इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई?

Arjun Mehta@arjun-mehta·42 दिन पहले

रवि जी, सच कहा आपने। बीडीओ कंवर सिंह और तीन अधिकारियों की कमेटी के सामने दोबारा हुई गिनती में ही तो सारा खेल पलटा है।

Rohan Verma@rohan-verma·42 दिन पहले

चार महीने बाद नतीजा पलटना बड़ी बात है। शुरुआती गिनती में ऐसी लापरवाही कैसे हो जाती है?

Karan Malhotra@karan-malhotra·42 दिन पहले

रोहन भाई, लापरवाही हर बार नहीं होती। कई बार अंतर इतना कम होता है कि मामूली भ्रम या मानवीय चूक से गिनती में फर्क आ जाता है।

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