हिमाचल प्रदेश में पिछले एक सप्ताह से मौसम पूरी तरह साफ बना हुआ है और चटख धूप खिल रही है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की ठंड का असर शुरू हो चुका है, जबकि लाहौल स्पीति और अन्य ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में पारे में गिरावट के साथ सर्दी काफी बढ़ गई है। आने वाले त्योहार और खासकर दिवाली के दिनों में मौसम के शुष्क और सुहाना रहने के पूरे आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार 9 नवंबर तक राज्यभर में धूप खिली रहने की पूरी संभावना है।
मौसम विज्ञान केंद्र की रिपोर्ट और तापमान की स्थिति
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक शोभित कटियार ने जानकारी दी है कि प्रदेश में पिछले कई दिनों से लगातार धूप खिल रही है और इस दौरान बारिश या बर्फबारी की कोई भी गतिविधि दर्ज नहीं की गई है। ऐसा ही साफ और शुष्क मौसम आगामी 9 नवंबर तक लगातार बना रहने का अनुमान जताया गया है। वर्तमान में राज्य के भीतर दिन के तापमान सामान्य से लगभग 2 से 3 डिग्री सेल्सियस ऊपर चल रहे हैं। निचले मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान करीब 28 से 30 डिग्री सेल्सियस, मध्य पहाड़ी क्षेत्रों में 20 से 24 डिग्री सेल्सियस और ऊंचे इलाकों में 15 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है। 9 नवंबर तक तापमान में किसी बड़े बदलाव के आसार नहीं हैं और यह सामान्य से कुछ अधिक ही बने रहेंगे।
पश्चिमी विक्षोभ का असर और पर्वतीय इलाकों में बदलाव
विभाग के अनुसार एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसका आंशिक प्रभाव राज्य के ऊंचाई वाले क्षेत्रों पर 10 और 11 नवंबर को देखने को मिल सकता है। इस विक्षोभ के असर से पर्वतीय तथा ऊंचे इलाकों में बहुत हल्की स्तर पर बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। हालांकि इसका व्यापक असर पूरे प्रदेश पर नहीं पड़ेगा, लेकिन 10 और 11 नवंबर को विशेष तौर पर मध्य और ऊंचाई वाले क्षेत्रों के तापमान में जरूर हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
शिमला में बर्फबारी को लेकर क्या है अपडेट
राजधानी शिमला में बर्फबारी का इंतजार कर रहे लोगों के लिए मौसम विभाग ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक ने बताया कि शिमला शहर में आगामी पांच से सात दिनों के भीतर किसी भी तरह की मौसमी हलचल या बर्फबारी की कोई संभावना नहीं है। शहरवासियों और पर्यटकों को अभी बर्फबारी के लिए थोड़ा और इंतजार करना होगा। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि जब भी शिमला या प्रदेश के किसी अन्य प्रमुख शहर में बर्फबारी की वास्तविक संभावना बनेगी, तो मौसम विभाग की तरफ से चार से पांच दिन पहले ही इसकी पूर्व सूचना साझा कर दी जाएगी।



















