दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में हुए हालिया टारगेटेड आतंकी हमले की जांच कर रही सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों ने हमले की साजिश से पर्दा उठा दिया है। जांच से सामने आई जानकारी के अनुसार, इस कायराना हमले को अंजाम देने वाला मुख्य हमलावर लश्कर-ए-तैयबा का स्थानीय आतंकी लतीफ है। वारदात के वक्त मौके पर करीब 250 लोग मौजूद थे। आतंकियों ने इन लोगों को जबरन रोका, उनका नाम पूछा और उनकी धार्मिक पहचान की पुष्टि की। इसके बाद हिंदू पहचान उजागर होते ही दो लोगों को निशाना बनाकर गोलियां चला दीं। इस गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। हमले के बाद आतंकी लतीफ के इस नए ऑपरेशनल पैटर्न को लेकर सुरक्षा एजेंसियां गहराई से पड़ताल कर रही हैं। लश्कर-ए-तैयबा की इस हमले में संलिप्तता की बाद में आधिकारिक बयान जारी कर पुष्टि भी की जा चुकी है।
AK-47 छोड़कर छोटे हथियार का इस्तेमाल: क्यों बदली रणनीति?
सुरक्षा एजेंसियां आतंकी लतीफ की गतिविधियों और उसकी बदलती रणनीतियों का बारीकी से विश्लेषण कर रही हैं। खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, लतीफ आमतौर पर किसी भी हमले के लिए AK-47 जैसी असॉल्ट राइफल का इस्तेमाल करता रहा है। इससे पहले अनंतनाग में हुए टारगेटेड हमलों में भी उसने इसी भारी हथियार का इस्तेमाल किया था। हालांकि, कुलगाम में हुई इस हालिया घटना के दौरान उसने अपनी स्थापित कार्यशैली से हटकर एक छोटे और आसानी से छिपाए जा सकने वाले हथियार का इस्तेमाल किया। जांच एजेंसियां इस बात की कड़ियां जोड़ रही हैं कि आखिर आतंकी लतीफ ने भारी हथियार छोड़कर छोटा हथियार क्यों चुना। अधिकारियों को अंदेशा है कि सुरक्षा बलों की सख्त नाकेबंदी से बचने और भीड़ वाले इलाके में आसानी से निकल भागने के उद्देश्य से हथियार में यह बदलाव किया गया है।
टॉप कमांडर जाकिर गनई का खात्मा और लतीफ की छटपटाहट
आतंकी लतीफ लश्कर-ए-तैयबा के A++ कैटेगरी के टॉप कमांडर जाकिर गनई का सबसे करीबी फील्ड साथी रहा है। लतीफ ने दक्षिण कश्मीर के कुलगाम, शोपियां और अनंतनाग जिलों में कई आतंकी गतिविधियों और फील्ड ऑपरेशन्स को अंजाम दिया है। हाल ही में शोपियां में सुरक्षा बलों ने एक बड़ा जॉइंट कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन चलाया था, जिसमें लश्कर का शीर्ष कमांडर जाकिर गनई मारा गया था। एनकाउंटर के दो दिन बाद गनई का शव बरामद किया गया था। हालांकि, उस घेराबंदी के दौरान लतीफ सुरक्षा बलों के कड़े घेरे को तोड़कर भाग निकलने में कामयाब रहा था। अपने मुख्य सरगना के मारे जाने के बाद लतीफ पर संगठन में अपनी पकड़ बनाए रखने और अपनी ऑपरेशनल क्षमता साबित करने का भारी दबाव था। खुफिया एजेंसियों का मानना है कि इसी छटपटाहट में उसने अनंतनाग और कुलगाम में निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाकर टारगेटेड हमले शुरू किए।
ISI का दबाव और 'ऑपरेशन सिंदूर' जैसी कार्रवाई का डर
दक्षिण कश्मीर में हाल के दिनों में बढ़े छोटे और टारगेटेड हमलों के पीछे खुफिया एजेंसियों ने दो प्रमुख रणनीतिक वजहों का खुलासा किया है। पहली वजह यह है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI कश्मीर घाटी में किसी न किसी तरह की हिंसक हलचल बनाए रखना चाहती है। इसका मुख्य उद्देश्य बलूचिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में बढ़ रही आंतरिक अशांति और सुरक्षा चिंताओं से अपने घरेलू प्रशासन का ध्यान हटाना और दबाव कम करना है।
दूसरी बड़ी वजह यह है कि आतंकी संगठन जानबूझकर बड़े पैमाने पर तबाही मचाने वाले हमलों से परहेज कर रहे हैं। वे केवल कम तीव्रता वाले और छोटे हमले कर रहे हैं ताकि इलाके में अपनी मौजूदगी भी दर्ज करा सकें और सुरक्षा बलों की किसी बहुत बड़ी जवाबी कार्रवाई से बच सकें। एजेंसियों का मानना है कि अगर आतंकियों का मकसद नरसंहार करना होता, तो वे घटनास्थल पर मौजूद 250 लोगों को अपना निशाना बना सकते थे। लेकिन वे जानते थे कि किसी बड़े हमले का अंजाम 'ऑपरेशन सिंदूर' जैसी भीषण सैन्य कार्रवाई के रूप में सामने आ सकता है। इसी डर के कारण उन्होंने हमले को केवल चुनिंदा लोगों की हत्या तक ही सीमित रखा।
दक्षिण कश्मीर में सिकुड़ता नेटवर्क: अब बचे केवल 5 स्थानीय आतंकी
ताजा खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, दक्षिण कश्मीर में सुरक्षा बलों की मुस्तैदी के कारण स्थानीय आतंकवादियों का नेटवर्क काफी हद तक ध्वस्त हो चुका है। अब पूरे दक्षिण कश्मीर में स्थानीय आतंकियों की कुल संख्या घटकर महज पांच रह गई है। जाकिर गनई के सफाए के बाद लतीफ ही इस इलाके का सबसे सक्रिय स्थानीय आतंकी है जो फिलहाल सुरक्षा बलों की पकड़ से बाहर बना हुआ है। रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि बचे हुए अन्य चार आतंकियों में से दो आतंकी सुरक्षा एजेंसियों के डर से पूरी तरह छिपकर रह रहे हैं और किसी भी गतिविधि से बच रहे हैं। वहीं, एक अन्य सक्रिय आतंकी पर सुरक्षा बलों की खुफिया टीमें लगातार नजर बनाए हुए हैं और उसकी हर हरकत को ट्रैक कर रही हैं।



















