भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपने हालिया कूटनीतिक दौरे के तहत भूटान की राजधानी थिम्पू का दौरा किया। इस यात्रा के दौरान उन्होंने भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक से मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। इस उच्चस्तरीय बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों मित्र देशों के बीच पारंपरिक रूप से चले आ रहे ऐतिहासिक और मजबूत संबंधों को और अधिक ऊंचाइयों पर ले जाना था।
भूटान के राजा से मुलाकात
थिम्पू में आयोजित इस विशेष बैठक के दौरान दोनों नेताओं के बीच कई अहम मुद्दों पर सकारात्मक बातचीत हुई। विदेश मंत्री ने भूटान नरेश से मिलने पर अपना आभार व्यक्त किया और दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास तथा अटूट दोस्ती की सराहना की। भारत और भूटान के बीच कूटनीतिक स्तर पर हमेशा से एक विशेष और पारदर्शी रिश्ता रहा है, जो समय के साथ और अधिक प्रगाढ़ हुआ है।
द्विपक्षीय संबंधों और विकास में सहयोग
भारत और भूटान के बीच का रिश्ता केवल कूटनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सांस्कृतिक और आर्थिक साझेदारी पर भी आधारित है। भारतीय नेतृत्व ने हमेशा से भूटान के विकास और प्रगति के रास्ते में एक मजबूत सहयोगी के रूप में खड़े रहने का संकल्प दोहराया है। इस यात्रा को दोनों पड़ोसी देशों के बीच आपसी सहयोग को और अधिक विस्तार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर इस मुलाकात को लेकर लोगों ने मिली-जुली और सकारात्मक प्रतिक्रियाएं दीं। कई नागरिकों ने इस यात्रा को दोनों देशों के बीच आपसी सौहार्द और भरोसे का एक बेहतरीन उदाहरण बताया।


























