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गाजियाबाद के लोनी में हिंदू रक्षा दल ने पढ़ी हनुमान चालीसा, राशिद अली गेट का नाम बजरंग द्वार करने का किया ऐलानउत्तर प्रदेश
6 सित॰ 2026, 8:55 pm (6 दिन पहले)· 3

गाजियाबाद के लोनी में हिंदू रक्षा दल ने पढ़ी हनुमान चालीसा, राशिद अली गेट का नाम बजरंग द्वार करने का किया ऐलान

गाजियाबाद के लोनी में पुलिस की कड़ी सुरक्षा और बैरिकेडिंग के बीच हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ताओं ने हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस दौरान उन्होंने राशिद अली गेट का नाम बदलकर बजरंग द्वार या हनुमान द्वार करने की घोषणा की और हाजी सलमान पर एक कार्यकर्ता के साथ मारपीट का आरोप लगाया।

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के लोनी इलाके में तनावपूर्ण माहौल के बीच हिंदू रक्षा दल के सदस्यों ने भारी पुलिस बंदोबस्त और नाकेबंदी को दरकिनार करते हुए हनुमान चालीसा का पाठ किया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने तय कार्यक्रम के तहत राशिद अली गेट पर पहुंचने का आह्वान किया था, लेकिन कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात पुलिस बल ने चारों तरफ से रास्तों को सील कर दिया और बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने गेट से लगभग 50 मीटर की दूरी पर स्थित सलाम होटल के पास सड़क पर बैठकर ही हनुमान चालीसा का पाठ संपन्न किया। इसी दौरान हिंदू रक्षा दल की तरफ से यह बड़ा ऐलान किया गया कि अब इस स्थल का नाम 'राशिद अली गेट' नहीं बल्कि 'बजरंग द्वार' या 'हनुमान द्वार' रखा जाएगा।

पुलिस की कड़ी नाकेबंदी और कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रिया

हिंदू रक्षा दल के पदाधिकारियों ने मीडिया को जानकारी दी कि उनका उद्देश्य शांतिपूर्ण तरीके से हनुमान चालीसा पढ़ना था। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात था ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को टाला जा सके। भारी नाकेबंदी के कारण कई कार्यकर्ताओं को मौके पर पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

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हिंदू रक्षा दल के एक पदाधिकारी ने कहा कि पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद उन्होंने बिना किसी प्रकार के विवाद में पड़े निर्धारित स्थल से 50 मीटर पहले ही बैठकर दो बार भव्य तरीके से हनुमान चालीसा का पाठ किया और स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई पुलिस या स्थानीय प्रशासन से बिल्कुल नहीं है।

सुमित नामक कार्यकर्ता के साथ मारपीट का आरोप

संगठन के नेताओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हाजी सलमान नामक व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर कथित तौर पर एक भड़काऊ वीडियो प्रसारित किया था जिसका मकसद सामाजिक माहौल को बिगाड़ना और उन्हें खुली चुनौती देना था। उन्होंने बताया कि सुमित नाम का उनका एक कार्यकर्ता जब वहां अकेला पहुंचा, तो हाजी सलमान और उसके साथियों ने न केवल उसके साथ अभद्र व्यवहार किया बल्कि उसके साथ मारपीट भी की और उसका मोबाइल फोन व सोने की चेन भी लूट ली। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार हाजी सलमान एक वांटेड और शातिर अपराधी है, जिस पर पुलिस प्रशासन द्वारा 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया जा चुका है।

भविष्य में गेट को बजरंग द्वार के नाम से पुकारे जाने का संकल्प

हिंदू रक्षा दल ने कड़े शब्दों में घोषणा की है कि आज से 'राशिद अली गेट' नाम का अस्तित्व उनके लिए समाप्त हो चुका है। उनका कहना है कि यह नाम किसी सरकारी संस्था या प्रशासन द्वारा नहीं रखा गया था बल्कि कुछ खास लोगों ने अपनी मर्जी से इसे यह पहचान दी थी। संगठन का दावा है कि उनके साथ करीब 12 से 13 गांव जुड़े हुए हैं और वे जल्द ही घर-घर और गांव-गांव जाकर पंचायत करेंगे तथा आने वाले समय में इस पूरे इलाके और प्रवेश द्वार को केवल 'हनुमान द्वार' या 'बजरंग द्वार' के नाम से ही पहचाना जाएगा।

विदेशों से मिल रही धमकियों और गिरफ्तारी की मांग

संगठन ने पुलिस प्रशासन के समक्ष यह कड़ी मांग रखी है कि आरोपी हाजी सलमान और उसके सभी साथियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। इसके साथ ही एक नया दावा सामने आया है कि पदाधिकारियों को पाकिस्तान और पुर्तगाल जैसे विदेशी देशों के अज्ञात नंबरों से लगातार धमकियां मिल रही हैं, जिसमें उनके परिवारों को निशाना बनाए जाने की चेतावनी दी जा रही है। हिंदू रक्षा दल ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि ऐसे असामाजिक तत्वों और उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं की गई, तो वे हिंदू समाज के मान-सम्मान की रक्षा के लिए कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होंगे और हर स्थिति का मुंहतोड़ जवाब देंगे।

कैब चालक पर हमले का मामला और एसीपी का बयान

इस पूरे घटनाक्रम पर लोनी के एसीपी राम किशन ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि राशिद अली गेट के पास हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ताओं के जुटने और उनके वहां से चले जाने के बाद एक कैब चालक उस रास्ते से गुजर रहा था। उस चालक का यह कहना है कि कुछ स्थानीय मुस्लिम युवकों ने उसकी गाड़ी को जबरन रोक लिया। युवकों ने जब चालक के हाथ में कलावा बंधा हुआ देखा और उसकी कलाई में कड़ा पाया, तो भड़क उठे और उसकी गाड़ी पर पथराव कर दिया तथा उसके साथ मारपीट भी की। पुलिस इस पूरे प्रकरण की गहनता से जांच कर रही है और कानून हाथ में लेने वालों की पहचान की जा रही है।

सवाल-जवाब

हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ताओं ने हनुमान चालीसा का पाठ कहाँ किया?
कार्यकर्ताओं ने गाजियाबाद के लोनी स्थित राशिद अली गेट से करीब 50 मीटर पहले सलाम होटल के पास हनुमान चालीसा का पाठ किया।
पुलिस ने कार्यकर्ताओं को क्यों रोका था?
कानून व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पुलिस ने चारों तरफ नाकेबंदी कर बैरिकेडिंग की थी।
हिंदू रक्षा दल ने राशिद अली गेट का नाम बदलकर क्या रखने की घोषणा की है?
संगठन ने इस गेट का नाम बदलकर 'बजरंग द्वार' या 'हनुमान द्वार' करने की घोषणा की है।
हाजी सलमान पर पुलिस की क्या कार्रवाई है?
हाजी सलमान एक शातिर अपराधी है जिस पर पुलिस प्रशासन ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।
कैब चालक पर हमले का मामला क्या है?
एसीपी राम किशन के अनुसार, कार्यकर्ताओं के जाने के बाद कुछ मुस्लिम युवकों ने एक कैब चालक की गाड़ी पर पथराव किया क्योंकि उसके हाथ में कलावा और कड़ा था।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·5 दिन पहले

इस घटना में कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर दो गंभीर चिंताएं उभरती हैं। पहला, पच्चीस हजार के इनामी वांटेड आरोपी हाजी सलमान पर पुलिस शिकंजा कसने में कितनी जल्दी कामयाब होती है, यह सांप्रदायिक तनाव को थामने के लिए सबसे अहम होगा। दूसरा, नाम बदलने की घोषणा को लेकर ग्रामीण स्तर पर होने वाली पंचायतें यदि समय पर नियंत्रित नहीं की गईं, तो यह विवाद लोनी से आसपास के गांवों तक फैल सकता है। स्थानीय खुफिया तंत्र की रिपोर्ट और प्रशासन की त्वरित कानूनी कार्रवाई ही इस संवेदनशील प्रकरण में आगे की स्थिति तय करेगी।

Rohan Verma@rohan-verma·5 दिन पहले

यह प्रकरण सिर्फ एक गेट के नामकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे आपराधिक तत्वों और सांप्रदायिक भावनाओं के दोहरे टकराव की एक बड़ी परत जुड़ी है। पच्चीस हजार के इनामी आरोपी हाजी सलमान की गिरफ्तारी में देरी या लापरवाही सीधे तौर पर तनाव को और हवा दे सकती है। साथ ही, बारह से तेरह गांवों में पंचायतें बैठाने की हिंदू रक्षा दल की घोषणा यदि ज़मीन पर उतरी, तो लोनी का यह स्थानीय विवाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश के व्यापक ग्रामीण इलाकों में फैल सकता है। प्रशासन के लिए चुनौती केवल सुरक्षा बल तैनात करने की नहीं, बल्कि खुफिया तंत्र को सक्रिय कर उन तमाम ग्रामीण चेहरों को चिन्हित करने की है जो इस माहौल को पंचायत के जरिए और भड़का सकते हैं।

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