भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला 13 सितंबर को दिल्ली के ऐतिहासिक अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जाना है। इस रोमांचक मुकाबले में भारतीय क्रिकेट फैंस की निगाहें विशेष रूप से देश के 15 वर्षीय युवा और बेहद आक्रामक बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पर टिकी होंगी। अपने अंतरराष्ट्रीय डेब्यू के बाद यह पहला मौका होगा जब वैभव भारतीय सरजमीं पर कोई अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेलते हुए नजर आ सकते हैं। घरेलू दर्शकों के सामने मैदान पर उतरने के साथ ही इस युवा खिलाड़ी के पास भारत के पूर्व दिग्गज सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग को एक बेहद खास मामले में पीछे छोड़ने का सुनहरा अवसर होगा। हालांकि, इस ऐतिहासिक कीर्तिमान को हासिल करने के लिए सबसे पहले वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टीम के अंतिम ग्यारह यानी प्लेइंग-11 में जगह बनानी होगी, क्योंकि टीम प्रबंधन के सामने सलामी बल्लेबाज के चयन को लेकर अभी भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
वीरेंद्र सहवाग का रिकॉर्ड और वैभव की चुनौती
अगर वैभव सूर्यवंशी को दिल्ली टी20 के प्लेइंग-11 में शामिल किया जाता है, तो वह एक बड़ा कीर्तिमान अपने नाम कर सकते हैं। उन्हें भारत की तरफ से सबसे अधिक छक्के लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची में पूर्व विस्फोटक ओपनर वीरेंद्र सहवाग को पछाड़ने के लिए केवल तीन छक्कों की आवश्यकता है। आंकड़े बताते हैं कि वीरेंद्र सहवाग ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान भारत के लिए कुल 19 टी20 मैच खेले थे, जिसमें उन्होंने कुल 16 छक्के लगाए थे। दूसरी तरफ, युवा सनसनी वैभव ने अब तक खेले गए केवल 6 टी20 मैचों में ही 14 शानदार छक्के जड़ दिए हैं। यदि वह दिल्ली के मैदान पर तीन और गगनचुंबी छक्के लगाने में सफल हो जाते हैं, तो वह इस मामले में पूर्व भारतीय दिग्गज से आगे निकल जाएंगे। भारतीय टीम मैनेजमेंट के सामने फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि सलामी बल्लेबाज के रूप में अभिषेक शर्मा के साथ पारी की शुरुआत करने की जिम्मेदारी किसे सौंपी जाए। इस स्लॉट के लिए वैभव सूर्यवंशी और अनुभवी खिलाड़ी संजू सैमसन के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है।
साल 2026 में छक्कों की बारिश
वैभव सूर्यवंशी के लिए यह साल बेहद शानदार रहा है और वह साल 2026 में टी20 प्रारूप में भारत की तरफ से सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन चुके हैं। आईपीएल में अपने बल्ले से तहलका मचाने के बाद उन्होंने इस साल खेले गए 22 टी20 मुकाबलों में अविश्वसनीय रूप से कुल 86 छक्के लगाए हैं। वैश्विक स्तर पर भी वह इस साल सर्वाधिक छक्के लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची में पांचवें स्थान पर काबिज हैं। इस सूची में पहले स्थान पर फिन एलन हैं जिन्होंने 50 मैचों में 100 छक्के लगाए हैं, दूसरे स्थान पर निकोलस पूरन 49 मैचों में 99 छक्कों के साथ हैं, तीसरे स्थान पर रेयान रिकेलटन 42 मैचों में 96 छक्के जड़कर मौजूद हैं और चौथे स्थान पर मिचेल मार्श हैं जिन्होंने 37 मुकाबलों में 95 छक्के लगाए हैं। दिलचस्प बात यह है कि वैभव ने इन सभी अंतरराष्ट्रीय दिग्गजों की तुलना में काफी कम मैच खेले हैं, फिर भी वह उनके बेहद करीब पहुंच चुके हैं।
सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़कर आए हैं चर्चा में
भारतीय सरजमीं पर वैभव सूर्यवंशी के लिए यह पहली अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट सीरीज होगी। इससे पहले उन्होंने इसी साल इंग्लैंड दौरे पर अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था। उस समय वह भारत की तरफ से सबसे कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय डेब्यू करने वाले क्रिकेटर बने थे। वैभव ने महज 15 साल और 99 दिन की उम्र में मैदान पर उतरकर महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का वर्षों पुराना रिकॉर्ड अपने नाम किया था। हालांकि, इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई तीन मैचों की सीरीज में उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था, लेकिन इसके बाद जिम्बाब्वे दौरे पर उन्होंने जोरदार वापसी की। जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्होंने बेहद आक्रामक बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए दो शानदार अर्धशतक जड़े और उस सीरीज में प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार भी हासिल किया। अब वैभव की कोशिश होगी कि वह इस घरेलू सीरीज में भी अपने उसी आक्रामक खेल को जारी रखें और भारतीय दर्शकों का मनोरंजन करें।


















