उत्तर प्रदेश के मऊ से विधायक अब्बास अंसारी को लेकर कानूनी प्रक्रिया तेज हो गई है। बांदा की एक विशेष अदालत में पेशी के सिलसिले में वह अपनी पत्नी निखत बानो के साथ पहुंचे। यह पूरा मामला भ्रष्टाचार निवारण अदालत की कार्रवाई से जुड़ा है। अदालत में सुनवाई के दौरान उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की और कोर्ट से आग्रह किया कि उन्हें भविष्य की पेशियों से व्यक्तिगत छूट प्रदान की जाए। इस दौरान अदालत परिसर के भीतर और बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम देखे गए।
अदालत परिसर में मीडिया से बनाई दूरी
सुनवाई के दौरान अदालत परिसर में मौजूद रहने के बावजूद अब्बास अंसारी ने मीडिया कर्मियों से किसी भी प्रकार की बातचीत करने से पूरी तरह परहेज किया। कोर्ट की कार्यवाही समाप्त होने के बाद वह तुरंत अपने काफिले के साथ मऊ के लिए वापस रवाना हो गए। अदालत में इस पुराने जेल प्रकरण को लेकर आरोप तय किए जाने की प्रक्रिया पूरी होनी थी, लेकिन सभी सह-आरोपियों के एक साथ उपस्थित न हो पाने के कारण इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाना पड़ा। इसके बाद न्यायाधीश ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 18 सितंबर की तारीख तय की है।
चित्रकूट जेल का पुराना और चर्चित मामला
यह पूरा कानूनी विवाद फरवरी 2023 के दौरान चित्रकूट की रगौली जेल में सामने आए एक बड़े प्रकरण से जुड़ा हुआ है। उस वक्त जेल के अंदर बंद अब्बास अंसारी से उनकी पत्नी निखत बानो के गैर-कानूनी तरीके से मिलने का मामला प्रकाश में आया था। इस खुलासे के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था और प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए निखत बानो, उनके निजी ड्राइवर नियाज अंसारी, तत्कालीन जेल अधीक्षक अशोक सागर, डिप्टी जेलर तथा अन्य कई जेल कर्मियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज किए थे।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और अन्य सख्त धाराएं
पुलिस जांच का दायरा बढ़ने पर आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत भी मुकदमे जोड़े गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इस मामले में बाद में गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई गई। पुलिस की शुरुआती छानबीन के दौरान अधिकारियों और अन्य संदिग्धों के पास से लगभग 6 लाख रुपये नकद, एक मोटर कार और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए थे। जांच एजेंसियों का यह दावा रहा है कि जेल के भीतर इस प्रकार की अवैध मुलाकातों और सुविधाओं का नेटवर्क चलाने के लिए भारी मात्रा में पैसों का लेन-देन किया गया था, जिसके आधार पर जेल अधिकारियों की संलिप्तता की भी गहन जांच की गई।


















