तेलंगाना सरकार ने हैदराबाद की ऐतिहासिक मूसी नदी को पुनर्जीवित करने के लिए 58,000 करोड़ रुपए का एक विशाल खाका तैयार किया है। लंबे समय से प्रदूषण की मार झेल रही इस नदी का सौंदर्यीकरण लंदन की टेम्स नदी और अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ्रंट की तर्ज पर किया जाएगा। इस वृहद योजना के जरिए न केवल नदी के तटीय इलाकों को हरा-भरा और आकर्षक बनाया जाएगा, बल्कि शहर के सीवेज और ड्रेनेज सिस्टम में भी व्यापक सुधार किया जाएगा।
दो चरणों में संवरेगा 55 किलोमीटर लंबा नदी तट
इस पूरे कायाकल्प अभियान के अंतर्गत मूसी नदी के लगभग 55 किलोमीटर लंबे तटीय क्षेत्र का विकास किया जाना प्रस्तावित है। योजना के पहले चरण में 21 किलोमीटर लंबे हिस्से के जीर्णोद्धार पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। पहला चरण ऐतिहासिक हिमायत सागर और उस्मान सागर जल निकायों से आरंभ होकर बापू घाट तक विस्तारित होगा। इस चरण का प्राथमिक उद्देश्य गंदे पानी के बहाव को रोकना और नदी के आसपास पर्यावरण-अनुकूल माहौल तैयार करना है।
सीवेज ट्रीटमेंट और बाढ़ नियंत्रण का मजबूत ढांचा
यह परियोजना सिर्फ तटीय सुंदरता तक सीमित नहीं है, बल्कि हैदराबाद के बुनियादी नागरिक ढांचे में सुधार की एक दूरगामी पहल है। मूसी नदी में गिरने वाले गंदे नालों और अपशिष्ट जल को रोकने के लिए अत्याधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए जाएंगे और नई सीवर लाइनें बिछाई जाएंगी। इसके साथ ही, मानसून के दौरान भारी बारिश के समय शहर को जलभराव और बाढ़ के संकट से बचाने के लिए एक पुख्ता जल निकासी और बाढ़ नियंत्रण तंत्र निर्मित किया जाएगा। स्थानीय नागरिकों के स्वास्थ्य और आराम को ध्यान में रखते हुए नदी किनारे वॉकवे, साइकिल ट्रैक, हरित पट्टियां और पब्लिक प्लाजा बनाए जाएंगे।
बापू घाट पर बनेगा 'गांधी सरोवर' और सांस्कृतिक केंद्र
मूसी रिवरफ्रंट परियोजना के केंद्र बिंदु के रूप में बापू घाट को विकसित किया जाएगा। यहां 'गांधी सरोवर' नामक एक विशेष सांस्कृतिक और अनुभवात्मक परिसर का निर्माण होगा। इस परिसर में महात्मा गांधी को समर्पित 'स्टैच्यू ऑफ पीस', एक अत्याधुनिक संग्रहालय, वेलनेस विलेज और तेलंगाना की समृद्ध हस्तशिल्प परंपरा को प्रदर्शित करने वाला हैंडलूम सेंटर बनाया जाएगा। यह स्थल नागरिकों और पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण केंद्र बनेगा।
कनेक्टिविटी और रियल एस्टेट को मिलेगी नई गति
यातायात को सुगम बनाने के उद्देश्य से नरसिंगी से गौरेल्ली तक एक नए कनेक्टिविटी कॉरिडोर का निर्माण प्रस्तावित है। मूसी नदी के इस बदलाव से हैदराबाद में पर्यटन और शहरी बुनियादी ढांचे को एक नया आयाम मिलेगा। जानकारों के अनुसार, इस बुनियादी ढांचे के विकास से नदी के तटीय क्षेत्रों में रियल एस्टेट, वाणिज्यिक गतिविधियों और स्थानीय व्यापार को दीर्घकालिक रूप में बड़ा लाभ पहुंचेगा।





















