देश भर में मानसूनी गतिविधियों का दौर लगातार जारी है और भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 11 अगस्त 2026 के लिए विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया है। 10 अगस्त को पूर्वी राजस्थान और पश्चिम मध्य प्रदेश के इलाकों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई थी, जिसके बाद अब 11 अगस्त को इन क्षेत्रों में स्थिति थोड़ी नियंत्रित हो सकती है। हालांकि मौसम विभाग ने इन इलाकों में भारी से अत्यंत भारी वर्षा को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट बरकरार रखा है। पहाड़ी राज्यों में लगातार हो रही बारिश से भूस्खलन का खतरा बना हुआ है, वहीं मैदानी राज्यों में निचले इलाकों में पानी भरने और नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसके साथ ही हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे रहने और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है।
राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट का साया
मौसम विभाग के अनुसार 11 अगस्त को पूर्वी राजस्थान के जयपुर, कोटा, उदयपुर और अजमेर जैसे जिलों में मुसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। कोटा और जयपुर में जलभराव से आम जनजीवन प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। दूसरी ओर हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय अंचलों में स्थिति काफी संवेदनशील बनी हुई है। शिमला, धर्मशाला, सोलन और मंडी में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। मंडी जिले में अचानक बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड का गंभीर खतरा है, जबकि शिमला और सोलन के पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन के कारण सड़कें बाधित होने का अंदेशा व्यक्त किया गया है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और पड़ोसी राज्यों का हाल
दिल्ली-एनसीआर के क्षेत्र में 11 अगस्त को हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर तेज बारिश का अनुमान जताया गया है। नई दिल्ली, पूर्वी दिल्ली, उत्तर पश्चिम दिल्ली और दक्षिण दिल्ली के विभिन्न इलाकों में गर्जना के साथ बौछारें पड़ने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। हरियाणा के गुरुग्राम में बारिश के चलते यातायात बाधित होने और जलभराव का संकट खड़ा हो सकता है। इसके अलावा अंबाला और करनाल में गर्जन के साथ मध्यम से भारी बारिश की संभावना है, जबकि पानीपत में हल्की से मध्यम वर्षा देखने को मिल सकती है। पंजाब के अमृतसर, जालंधर, लुधियाना और पटियाला में भी रुक-रुक कर बारिश और बादल गरजने का अलर्ट है।
मध्य प्रदेश और उत्तराखंड में मौसम के तेवर
मध्य प्रदेश में 10 अगस्त को हुई भारी तबाही के बाद 11 अगस्त को थोड़ी राहत मिलने के आसार हैं। राज्य की राजधानी भोपाल में बारिश की तीव्रता कम होगी और मध्यम वर्षा दर्ज की जा सकती है। इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर में बादलों की आवाजाही के बीच रुक-रुक कर वर्षा होगी। उज्जैन में बीते दिनों के मुकाबले जलभराव की स्थिति में आंशिक सुधार हो सकता है। वहीं उत्तराखंड में भी बादलों का जमावड़ा बना हुआ है। देहरादून, नैनीताल, पिथौरागढ़ और हरिद्वार में भारी वर्षा और जलभराव की चेतावनी जारी की गई है। पिथौरागढ़ और नैनीताल के पहाड़ी रास्तों पर लैंडस्लाइड का जोखिम काफी अधिक है, जिससे यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
पूर्वी भारत और तटीय इलाकों का मौसम पूर्वानुमान
पूर्वी भारत के पश्चिम बंगाल में गांगेय क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। कोलकाता और हावड़ा में जलभराव की संभावना बनी हुई है, जबकि सिलीगुड़ी और दार्जिलिंग जैसे उत्तरी जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा के साथ धुंध छाई रहेगी। ओडिशा के भुवनेश्वर, कटक, पूरी और बालेश्वर में 11 अगस्त को हल्की से मध्यम बारिश होगी, जिसके बाद 12 अगस्त से भारी बारिश का नया दौर शुरू होने का अनुमान है। बिहार के पटना, मुजफ्फरपुर, गया और पूर्णिया में आंशिक रूप से बादल छाए रहने, गर्जना होने और आकाशीय बिजली चमकने के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।



















