देश भर में मानसून अपनी पूरी रंगत में आ चुका है और कई हिस्सों में बारिश की तीव्रता में भारी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने 5 अगस्त के अपने नवीनतम पूर्वानुमान में देश के 25 राज्यों के लिए भारी से लेकर अत्यंत भारी बारिश का ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर पूर्वोत्तर के पहाड़ियों, मध्य भारत के पठारी क्षेत्रों और प्रायद्वीपीय भारत के तटीय इलाकों तक अगले 24 घंटों के दौरान मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा। विशेष रूप से असम और मेघालय में बेहद गंभीर स्थिति बनने की आशंका जताई गई है, जबकि उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में जनजीवन प्रभावित होने की संभावना है।
मानसून ट्रफ और मौसम प्रणालियों की स्थिति
मौसम के इस तीव्र रुख के पीछे कई बड़ी वायुमंडलीय प्रणालियों का एक साथ सक्रिय होना है। मुख्य मानसून ट्रफ इस समय अपनी सामान्य स्थिति के आसपास बनी हुई है, जो राजस्थान के अनूपगढ़ से शुरू होकर दिल्ली, उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर व बस्ती, बिहार के छपरा से गुजरते हुए सीधे नगालैंड तक फैली हुई है। इसके साथ ही चक्रवाती परिसंचरण की प्रणालियां हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, कर्नाटक और बंगाल की खाड़ी के ऊपर सक्रिय हैं। यह बहु-स्तरीय चक्रवाती स्थितियां मानसून की हवाओं को प्रचुर मात्रा में नमी प्रदान कर रही हैं। इसके अलावा उत्तर-पश्चिम भारत पर एक पश्चिमी विक्षोभ भी प्रभाव डाल रहा है, जिससे मैदानी और पहाड़ी राज्यों में वर्षा की गतिविधियां काफी तेज हो गई हैं।
उत्तर भारत और दिल्ली-एनसीआर में वर्षा की चेतावनी
उत्तर भारत के राज्यों में अगले 24 घंटों के दौरान मानसून अत्यधिक प्रभावी रहेगा। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में मंगलवार को दिनभर घने बादल छाए रहने का अनुमान है। हरियाणा के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण और पास से गुजर रही मानसून ट्रफ के कारण दिल्ली में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर मूसलाधार बारिश हो सकती है। हालांकि बारिश के कारण तापमान में भारी गिरावट की संभावना नहीं है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से जारी उमस भरी गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तेज बारिश के चलते निचले इलाकों में पानी भरने और सडकों पर यातायात बाधित होने की समस्या हो सकती है। पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी गरज-चमक के साथ जोरदार बारिश के आसार हैं।
पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और बादल फटने का खतरा
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम विभाग ने अत्यधिक सतर्कता बरतने की सलाह दी है। इन राज्यों के कई संवेदनशील इलाकों में मूसलाधार बारिश के चलते चट्टानें खिसकने, भूस्खलन होने और पहाड़ी नदियों में अचानक बाढ़ आने का गंभीर जोखिम बना हुआ है। जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में भी तेज बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। उत्तराखंड में स्थिति को देखते हुए चारधाम यात्रा पर निकले तीर्थयात्रियों और वहां पहुंचे पर्यटकों को विशेष सावधानी बरतने तथा मौसम बुलेटिन देखने के बाद ही आगे का सफर तय करने का सुझाव दिया गया है। लगातार बारिश से राज्य के कई ग्रामीण मार्गों के अवरुद्ध होने का अंदेशा है।
पूर्वी और मध्य भारत में मूसलाधार बारिश और वज्रपात की चेतावनी
पूर्वी भारत के राज्यों में बिहार और झारखंड के लिए 5 अगस्त का दिन बेहद महत्वपूर्ण बताया गया है। बिहार के उत्तरी और मध्यवर्ती जिलों में मूसलाधार बारिश के साथ-साथ तेज आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा। मौसम विभाग ने लोगों को आंधी-तूफान के समय खुले स्थानों में न जाने की सलाह दी है। झारखंड में भी बादलों की गड़गड़ाहट और तेज हवाओं के साथ बारिश का क्रम बना रहेगा, जहां पेड़ों के नीचे शरण न लेने की सख्त हिदायत दी गई है। मध्य भारत में मध्य प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में मानसून पूरी तरह मेहरबान रहेगा। इन इलाकों में भारी बारिश से जलभराव और स्थानीय नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की आशंका है।
पूर्वोत्तर राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का संकट
पूर्वोत्तर भारत में बारिश का सबसे प्रचंड रूप देखने को मिल सकता है। असम और मेघालय में अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा रिकॉर्ड की जा सकती है, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने का खतरा है। इसके अतिरिक्त अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में लगातार बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। पहाड़ी ढलानों पर बसे गांवों और बस्तियों को भूस्खलन से बचाव के लिए पूर्व उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं।
पश्चिमी तट और दक्षिण भारत में मौसम का हाल
पश्चिमी भारत के कोंकण-गोवा और मध्य महाराष्ट्र के क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। मुंबई, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों में मूसलाधार बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि मराठवाड़ा में भी गरज-चमक के साथ फुहारें पड़ सकती हैं। दक्षिण भारत के राज्यों में केरल, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में अगले 24 घंटों के दौरान मध्यम से भारी बारिश होगी। तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और रायलसीमा के इलाकों में भी गर्जन के साथ वर्षा दर्ज की जा सकती है।
समुद्र में तेज हवाएं और मछुआरों के लिए विशेष परामर्श
समुद्री क्षेत्रों में भी मौसम का मिजाज काफी बिगड़ा हुआ रहेगा। तटीय कर्नाटक और केरल के किनारे 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान व्यक्त किया गया है। इसके अलावा अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के मध्य एवं उत्तरी हिस्सों में हवाओं का वेग 40 से 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकता है। समुद्र में ऊंची लहरें उठने और स्थिति विकराल होने की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप, अंडमान-निकोबार और श्रीलंका के तटीय इलाकों में मछुआरों को समुद्र में न उतरने की सख्त सलाह दी है।



















