तमिलनाडु में महिला कर्मचारियों को तीसरे बच्चे पर मिलेगी 365 दिन की छुट्टी, थलापति विजय प्रशासन ने बदला नियमएपीजे अब्दुल कलाम और राजा रामन्ना के नेतृत्व में कैसे तैयार हुआ भारत का स्वदेशी मिसाइल ढालकरौली में थाई एप्पल की खेती से किसानों की चांदी, कम पानी और सह-फसली चक्र से बढ़ा मुनाफाकश्मीर को भारत का हिस्सा बताने पर अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के बयान की पूर्व डीजीपी एसपी वैद्य ने की सराहना, पाकिस्तान को दिया कड़ा जवाबसूर्य केतु और बुध का सिंह राशि में गोचर इन 4 राशियों के लिए अगले 17 दिन लाएगा विशेष लाभलंदन के रोलेक्स स्टोर में बेझिझक घुसा 500 डॉलर का नकली रोलेक्स, सर्विसिंग के दौरान कंपनी के अपने कारीगर भी धोखा खा गएश्रीनगर दौरे पर अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कश्मीर की सुरक्षा व्यवस्था को सराहा, उमर अब्दुल्ला से बातचीत के बाद ट्रैवल एडवाइजरी में ढील देने के संकेतस्वादिष्ट और पोषक तत्वों से भरपूर ड्रैगन फ्रूट खाने से पहले जानें किन स्थितियों में यह पहुंचा सकता है नुकसानचाय का बर्तन चढ़ाते ही पानी डालें या दूध, जानिए कड़क स्वाद पाने का असली नियमजापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी पहुंचे भारत, नई दिल्ली में राजनाथ सिंह संग सुरक्षा और तकनीक पर करेंगे अहम बैठक
मानसून सत्र के पहले दिन नारेबाजी से थमी संसद, NEET पेपर लीक पर भड़का विपक्षभारत
21 जुल॰ 2026, 10:15 am (29 दिन पहले)· 0

मानसून सत्र के पहले दिन नारेबाजी से थमी संसद, NEET पेपर लीक पर भड़का विपक्ष

संसद के मानसून सत्र के पहले दिन विपक्ष के हंगामे से लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई. सांसदों ने NEET-UG 2026 पेपर लीक, छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई, जबकि संसद के बाहर भी प्रदर्शनकारियों और पुलिस में टकराव हुआ.

संसद के मानसून सत्र का पहला दिन ही हंगामे की भेंट चढ़ गया. सोमवार को जैसे ही दोनों सदनों की कार्यवाही शुरू हुई, NEET-UG 2026 परीक्षा में पेपर लीक की खबरों ने लोकसभा और राज्यसभा को पूरी तरह अपनी गिरफ्त में ले लिया. विपक्षी सांसद परीक्षा में गड़बड़ियों, आंदोलन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिसिया कार्रवाई और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग को लेकर पूरे दिन आक्रामक नजर आए. इसका असर संसद के भीतर ही नहीं, बाहर भी साफ दिखा, जहां प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच लगातार तनाव की स्थिति बनी रही. पहले ही दिन की यह अफरातफरी बता रही थी कि इस बार का सत्र आसानी से नहीं चलने वाला.

लोकसभा में सुबह से ही टकराव, छह बार टली कार्यवाही

निचले सदन में कामकाज सुबह 11 बजे शुरू हुआ, लेकिन विपक्षी सदस्यों ने बैठते ही नारेबाजी शुरू कर दी. प्रश्नकाल के दौरान शोर इतना बढ़ गया कि स्पीकर ओम बिरला को मजबूरन कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक टालनी पड़ी. सदन दोबारा जुटा तो हंगामा फिर उसी तेजी से शुरू हो गया, और नतीजा यह रहा कि पूरे दिन में सदन को कुल छह बार स्थगित करना पड़ा. आखिरकार दोपहर करीब तीन बजे उस दिन के लिए पूरा कामकाज रोक दिया गया, बिना किसी ठोस बहस के.

ये भी पढ़ें

राज्यसभा में खरगे ने सरकार पर साधा निशाना

ऊपरी सदन का हाल भी लोकसभा से जुदा नहीं था. नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पेपर लीक का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इससे लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है. उनका आरोप था कि जंतर-मंतर पर धरना दे रहे छात्रों पर लाठियां बरसाई गईं और सरकार पूरे मामले को दबाने और टालने की कोशिश में लगी है. छात्रों के समर्थन के अलावा विपक्षी सदस्यों ने अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े कथित दान घोटाले पर भी सदन में जोरदार नारेबाजी की. उपसभापति हरिवंश ने बार-बार सदस्यों से अपील की कि वे चर्चा का रास्ता अपनाएं और सदन की मर्यादा का ध्यान रखें, मगर शोर थमने का नाम नहीं ले रहा था. नतीजतन राज्यसभा को भी पांच बार स्थगित करने के बाद पूरे दिन के लिए बंद कर दिया गया.

हंगामे के बीच एक विधेयक पास, दूसरा अटका

इतने हंगामे के बीच भी सरकार ने अपना विधायी एजेंडा पूरी तरह नहीं छोड़ा. केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या 34 से बढ़ाकर 38 करने के लिए पहले लाए गए अध्यादेश की जगह अब एक विधेयक सदन में पेश कर दिया, जिससे शीर्ष अदालत में लंबित मामलों की सुनवाई तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है. इसके विपरीत, वंदे मातरम् के अपमान को दंडनीय अपराध घोषित करने वाला प्रस्तावित विधेयक हंगामे की वजह से राज्यसभा में पेश ही नहीं हो सका और अगले दिन के लिए टल गया.

संसद भवन के बाहर भी घमासान, बैरिकेड और आंसू गैस

संसद के भीतर जो तस्वीर थी, बाहर उससे कम तनावपूर्ण नहीं थी. हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी संसद की तरफ मार्च करने की कोशिश में जुटे, लेकिन पुलिस ने रास्ते में बैरिकेड लगाकर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया. जब स्थिति बिगड़ने लगी तो सुरक्षा बलों ने भीड़ को हटाने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े. एहतियात के तौर पर संसद के कुछ प्रवेश द्वार भी कुछ देर के लिए पूरी तरह बंद रखे गए.

सवाल-जवाब

संसद के मानसून सत्र के पहले दिन हंगामा किस मुद्दे पर हुआ?
विपक्ष ने NEET-UG 2026 परीक्षा के पेपर लीक, छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हंगामा किया.
लोकसभा की कार्यवाही कितनी बार स्थगित हुई?
पूरे दिन में लोकसभा की कार्यवाही छह बार स्थगित हुई और आखिरकार करीब तीन बजे दिन भर के लिए कामकाज खत्म कर दिया गया.
राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खरगे ने क्या आरोप लगाया?
उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया और सरकार इस मुद्दे को दबाने की कोशिश कर रही है.
हंगामे के बीच कौन सा विधेयक पेश किया गया?
कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 34 से 38 करने संबंधी अध्यादेश के स्थान पर विधेयक पेश किया.
वंदे मातरम् से जुड़े विधेयक का क्या हुआ?
हंगामे की वजह से वंदे मातरम् के अपमान को दंडनीय अपराध बनाने वाला प्रस्तावित विधेयक राज्यसभा में पेश नहीं हो सका.
संसद परिसर के बाहर क्या हुआ?
हजारों प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की, जिसे पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोका और बाद में लाठीचार्ज व आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया.
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR