नवी मुंबई के तलोजा फेज-2 स्थित शिवाजी चौक इलाके में लिफ्ट मेंटेनेंस के ठेके और पुराने वित्तीय लेन-देन को लेकर दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष का मामला सामने आया है। इस सनसनीखेज वारदात के दौरान हमलावरों ने लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से पीड़ितों की बेरहमी से पिटाई की और इसके बाद ताबड़तोड़ गोलियां भी चलाई गईं। इस हिंसक झड़प में विशाल शिंदे और सचिन डांगे गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए कामोठे के MGM अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार किया जा रहा है।
पुरानी साझेदारी और ठेकों का विवाद
पुलिस से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस घटना में शामिल लोग पहले आपस में पार्टनरशिप कर के लिफ्ट मेंटेनेंस के ठेके लिया करते थे। हालांकि, समय के साथ पुराने आर्थिक लेन-देन को लेकर उनके बीच आपसी मतभेद पैदा हो गए, जिसके बाद वे अलग हो गए थे। आपसी अलगाव के बाद से ही क्षेत्र में लिफ्ट मेंटेनेंस के नए ठेके हासिल करने को लेकर दोनों पक्षों के बीच लगातार तनाव और विवाद चल रहा था, जो अंततः इस हिंसक घटना के रूप में सामने आया।
शुक्रवार आधी रात को हुआ हमला
यह पूरी वारदात शुक्रवार की आधी रात को घटित हुई जब विशाल शिंदे, सचिन डांगे और सौरभ डुंबरे तलोजा फेज-2 के शिवाजी चौक पर स्थित मारवा बिल्डिंग के नीचे खड़े हुए थे। उसी दौरान पुरानी साझेदारी के हिसाब-किताब और लिफ्ट मेंटेनेंस का काम हासिल करने के मुद्दे पर तीखी बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से तीनों युवकों को घेर लिया और उनके साथ बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी।
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस विवरण के मुताबिक, मारपीट के दौरान हमलावरों ने लोहे की रॉड और लकड़ी के डंडों का खुलकर इस्तेमाल किया। बात जब इतने पर भी नहीं रुकी तो आरोपियों ने पिस्तौल निकालकर गोलियां चलानी शुरू कर दीं, जिसकी चपेट में आने से विशाल शिंदे और सचिन डांगे गंभीर रूप से जख्मी हो गए।
आठ लोगों के खिलाफ नामजद और अज्ञात मामला दर्ज
इस गंभीर मामले में कार्रवाई करते हुए तलोजा पुलिस ने कुल आठ लोगों के खिलाफ आपराधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने पांच नामजद आरोपियों में सागर डांगे, आकाश डांगे, गणेश लावरे, अनिकेत नरवाडे और रुद्र बारवकर को शामिल किया है, जबकि तीन अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है। घटना के बाद से सभी आरोपी फरार चल रहे हैं और पुलिस उनकी धरपकड़ के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
हथियारों और साजिश की गहराई से जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले की हर पहलू से गहनता से जांच की जा रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्तौल और अन्य हथियार कहां से आए थे और क्या यह हमला पूरी तरह से पूर्व नियोजित था। फिलहाल पुलिस के पास मुख्य वजह के रूप में लिफ्ट मेंटेनेंस का ठेका और पुराना पैसों का विवाद ही सामने आया है, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
























