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ओवरक्राउडिंग से बेहाल जौनपुर जिला कारागार, 320 क्षमता वाले परिसर में रखे गए 751 कैदीभारत
1 अग॰ 2026, 7:35 pm (2 दिन पहले)· 0

ओवरक्राउडिंग से बेहाल जौनपुर जिला कारागार, 320 क्षमता वाले परिसर में रखे गए 751 कैदी

जौनपुर जिला जेल में 320 की जगह 751 कैदी बंद हैं। नई जेल का निर्माण फरवरी 2026 की डेडलाइन बीतने के बाद भी अधूरा है, जिसे अब अक्टूबर-नवंबर तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिला कारागार में कैदियों की संख्या क्षमता से दोगुनी से भी अधिक होने के कारण बुनियादी व्यवस्थाएं चरमरा रही हैं। महज 320 बंदियों को रखने के लिए बनाए गए इस पुराने जेल परिसर में मौजूदा समय में 751 कैदियों को रखा गया है। बैरकों में सीमित जगह के चलते आवास, स्वास्थ्य सेवाओं, सुरक्षा व्यवस्था और दैनिक सुविधाओं पर जबरदस्त प्रशासनिक दबाव बना हुआ है। इस बीच बढ़ती भीड़ से राहत दिलाने के मकसद से बन रही नई जिला जेल की इमारत का निर्माण तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी अधूरा पड़ा है, जिससे जेल प्रशासन के लिए व्यवस्था संभालना एक बड़ी चुनौती बन गया है।

पुराने परिसर पर बढ़ता दबाव और सुविधाएं

जौनपुर जिला जेल में निर्धारित क्षमता 320 बंदियों की है, लेकिन वर्तमान में यहां 751 कैदी निरुद्ध हैं। क्षमता से दोगुने से भी अधिक संख्या होने के कारण बैरकों के अंदर कैदियों के रहने की जगह कम पड़ गई है। इसका सीधा असर वहां की सुरक्षा, सफाई, चिकित्सकीय देखभाल और दैनिक व्यवस्थाओं पर देखने को मिल रहा है। अत्यधिक भीड़ होने की वजह से जेल कर्मियों को सुरक्षा मानकों का पालन कराने और नियमित निगरानी बनाए रखने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। आवासीय संकट गहराने से कैदियों के स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी जरूरतों की पूर्ति करना भी चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।

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फरवरी 2026 की समय सीमा छूटी, बारिश बनी बाधा

ओवरक्राउडिंग की इस गंभीर समस्या से स्थाई छुटकारा दिलाने के लिए नई जिला जेल के निर्माण की योजना बनाई गई थी। नई जेल भवन का निर्माण कार्य फरवरी 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। हालांकि, तय डेडलाइन निकल जाने के बावजूद निर्माण कार्य अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। इस देरी के पीछे एक प्रमुख कारण मानसून के दौरान हुई भारी बारिश को बताया जा रहा है, जिसकी वजह से निर्माण गतिविधियों की गति सुस्त पड़ गई। समय सीमा बीत जाने के कारण जेल प्रशासन को अब भी पुराने और संकरे परिसर में ही क्षमता से अधिक बंदियों को समायोजित करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

अक्टूबर-नवंबर तक काम पूरा करने का नया निर्देश

निर्माण की स्थिति पर जिलाधिकारी सैमुअल पॉल ने बताया कि नई जेल का काम अब अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर चुका है, हालांकि कुछ प्रमुख कार्य अभी बाकी हैं। जिलाधिकारी के अनुसार, पूर्व निर्धारित फरवरी 2026 की डेडलाइन के बाद अब नवंबर या दिसंबर से पहले काम समेटना मुश्किल दिख रहा था। उन्होंने कहा, "साइट पर पर्याप्त संख्या में श्रमिक और आवश्यक निर्माण सामग्री उपलब्ध है।" स्थिति की समीक्षा के बाद कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के निर्माण खंड को काम में तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं, ताकि अक्टूबर या नवंबर तक निर्माण हर हाल में पूरा कराया जा सके।

नई जेल बनने से सुधरेगी सुरक्षा और व्यवस्था

नई जिला जेल का निर्माण पूरा होकर हस्तांतरित होने के बाद जौनपुर जिला कारागार पर बना भीड़भाड़ का भारी दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा। आधुनिक मानकों के अनुसार बन रही नई इमारत से कैदियों को बेहतर आवासीय माहौल, सुव्यवस्थित बैरकें और उचित स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। इसके साथ ही, जेल प्रशासन के लिए परिसर के भीतर सुरक्षा तंत्र को मजबूत करना और दैनिक प्रबंधन को सुचारू रूप से संचालित करना अधिक आसान हो जाएगा। जिला प्रशासन का दावा है कि निर्माण कार्य की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि बचे हुए काम को जल्द से जल्द पूरा किया जा सके।

सवाल-जवाब

जौनपुर जिला जेल की निर्धारित क्षमता कितनी है और वहां कितने कैदी हैं?
जौनपुर जिला जेल की स्वीकृत क्षमता 320 बंदियों की है, जबकि वर्तमान में वहां 751 कैदी निरुद्ध हैं।
नई जेल के निर्माण की मूल समय सीमा क्या थी?
नई जेल भवन का निर्माण कार्य फरवरी 2026 तक पूरा किया जाना तय था, लेकिन यह समय सीमा पर पूरा नहीं हो सका।
नई जेल के निर्माण में देरी का मुख्य कारण क्या बताया गया है?
जिलाधिकारी के अनुसार, मानसून के दौरान हुई भारी बारिश की वजह से निर्माण कार्य प्रभावित हुआ, जिससे प्रोजेक्ट पिछड़ गया।
नई जेल का निर्माण कार्य कब तक पूरा होने की उम्मीद है?
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को निर्माण कार्य में तेजी लाकर अक्टूबर या नवंबर तक काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
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