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पीलीभीत में पुराना बकाया मांगने पर परचून कारोबारी की जान ली, पुलिस ने तीन अभियुक्तों को दबोचाउत्तर प्रदेश
20 अग॰ 2026, 12:17 am (24 दिन पहले)· 2

पीलीभीत में पुराना बकाया मांगने पर परचून कारोबारी की जान ली, पुलिस ने तीन अभियुक्तों को दबोचा

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में पुराना उधार न चुकाने पर हुई बहस के बाद 70 वर्षीय दुकानदार की हत्या कर दी गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर पिता और उनके दोनों बेटों को गिरफ्तार कर लिया है।

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले से एक हृदयविदारक वारदात सामने आई है, जहां महज कुछ रुपयों के उधार सामान को लेकर हुआ मामूली विवाद एक बुजुर्ग की हत्या का कारण बन गया। बरखेड़ा थाना क्षेत्र के नारायणपुर गांव में किराने की दुकान चलाने वाले 70 वर्षीय वृद्ध श्रीपाल की कुदाल से काट कर हत्या कर दी गई। आरोपी ग्राहक ने पहले दुकान पर जमकर बहस की और फिर अपने परिजनों के साथ लौटकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने शिकायत मिलते ही कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी, उसके भाई और पिता को दबोच लिया है।

पुराना बकाया मांगने पर भड़की बहसबाजी

पुलिस से प्राप्त विवरण के अनुसार यह वारदात मंगलवार की रात नारायणपुर गांव में घटी। गांव का ही रहने वाला सुनील कुमार नामक युवक गांव में स्थित श्रीपाल की परचून दुकान पर सामान खरीदने पहुंचा था। सुनील ने सामान उधार देने की मांग रखी, लेकिन बुजुर्ग दुकानदार श्रीपाल ने स्पष्ट रूप से मना कर दिया। श्रीपाल ने सुनील को उसका पिछला उधार बकाया होने की याद दिलाई और कहा कि जब तक पुराना हिसाब चुकता नहीं होता, तब तक नया सामान उधार नहीं दिया जाएगा। इसी बात से नाराज होकर सुनील दुकानदार से उलझ गया और दोनों के बीच काफी देर तक तीखी बहसबाजी होती रही।

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घर से हथियार लेकर पहुंचे पिता और दोनों बेटे

दुकान पर हुई बहस के बाद आरोपी सुनील वहां से गुस्से में अपने घर लौट गया। कुछ ही समय के भीतर वह शांत होने के बजाय और अधिक आक्रामक हो गया। वह अपने भाई सुशील और पिता महेंद्रपाल गंगवार को साथ लेकर दोबारा दुकान पर आ धमका। तीनों के हाथों में कुदाल जैसा खतरनाक कृषि औजार था। दुकान पर पहुंचते ही तीनों ने एक बार फिर 70 वर्षीय श्रीपाल को घेर लिया और गाली-गलौज करने लगे। बहस के बीच ही आपा खो चुके सुनील ने भारी-भरकम कुदाल से बुजुर्ग दुकानदार पर सीधा वार कर दिया।

इलाज के दौरान बरेली में तोड़ा दम, तीनों अभियुक्त गिरफ्तार

आरोपी द्वारा किया गया कुदाल का प्रहार सीधे श्रीपाल की जांघ पर लगा। वार इतना भयानक था कि जांघ की मुख्य नस कट गई और काफी मात्रा में खून बहने लगा, जिससे श्रीपाल मौके पर ही अचेत होकर गिर पड़े। आसपास के लोगों और स्वजनों की सूचना पर तत्काल मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने खून से लथपथ बुजुर्ग को इलाज के लिए नजदीकी बरखेड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। वहां डॉक्टरों ने उनकी प्राथमिक जांच की, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव और नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के लिए बरेली के उच्च केंद्र में रेफर कर दिया गया। बरेली अस्पताल में डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उपचार के दौरान बुजुर्ग श्रीपाल ने दम तोड़ दिया।

बरखेड़ा थाना प्रभारी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मृतक के परिजनों की तहरीर पर सुसंगत कानूनी धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली। इसके बाद पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए नामजद तीनों आरोपियों सुनील कुमार उर्फ भोला, उसके भाई सुशील और उनके पिता महेंद्रपाल गंगवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस फिलहाल तीनों अभियुक्तों को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ कर रही है और मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है।

राजधानी दिल्ली में पारिवारिक रंजिश में नाबालिग की हत्या

इसके अलावा अपराध से जुड़ी एक अन्य रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना देश की राजधानी दिल्ली से सामने आई है। वहां एक 17 वर्षीय किशोरी की उसके ही चचेरे भाई ने पारिवारिक रंजिश के चलते गला दबाकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने नाबालिग बहन के शव को एक सूटकेस में बंद किया और बुराड़ी के सुनसान क्षेत्र में फेंक दिया। दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी को दबोच लिया। पकड़ा गया आरोपी मूल रूप से बिहार का निवासी है और दिल्ली के मुकुंदपुर इलाके में रहकर राजमिस्त्री का काम करता था।

सवाल-जवाब

पीलीभीत में 70 वर्षीय दुकानदार की हत्या क्यों की गई?
सामान उधार देने से इनकार करने और पिछला बकाया चुकाने को कहने पर हुए विवाद के बाद बुजुर्ग दुकानदार पर कुदाल से जानलेवा हमला किया गया।
पुलिस ने इस मामले में किन आरोपियों को गिरफ्तार किया है?
पुलिस ने मुख्य आरोपी सुनील कुमार उर्फ भोला, उसके भाई सुशील और उनके पिता महेंद्रपाल गंगवार को गिरफ्तार किया है।
यह घटना उत्तर प्रदेश के किस जिले और थाने के अंतर्गत हुई?
यह वारदात उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के बरखेड़ा थाना क्षेत्र में स्थित नारायणपुर गांव में हुई।
घायल दुकानदार की इलाज के दौरान कहां मौत हुई?
बरखेड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से गंभीर अवस्था में रेफर किए जाने के बाद बरेली के उच्च चिकित्सा केंद्र में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
दिल्ली के बुराड़ी इलाके में हुई दूसरी हत्या का क्या मामला है?
दिल्ली में एक 17 वर्षीय लड़की की उसके चचेरे भाई ने पारिवारिक विवाद में हत्या कर शव सूटकेस में भरकर फेंक दिया था, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Omar AL Mansoori@omar-mansoori·23 दिन पहले

यह घटना दर्शाती है कि समाज में आर्थिक तनाव और सहनशीलता की कमी किस हद तक बढ़ चुकी है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था और छोटे खुदरा व्यापारियों के लिए उधार का कारोबार अब जानलेवा साबित हो रहा है। अगर समय रहते अनौपचारिक ऋण और स्थानीय विवादों के तंत्र को नियंत्रित नहीं किया गया, तो सामाजिक ताना-बाना और अधिक प्रभावित होगा।

Arjun Mehta@arjun-mehta·23 दिन पहले

यह घटना ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बढ़ते तनाव और सामाजिक ताने-बाने के क्षरण को दर्शाती है। महज कुछ रुपयों के उधार और छोटी सी बात पर इस तरह की नृशंस हिंसा कानून-व्यवस्था और सामाजिक सहनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। इस तरह के मामलों से निपटने के लिए जमीनी स्तर पर पुलिस गश्त बढ़ाने और सामाजिक स्तर पर विवाद समाधान तंत्र को मजबूत करने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी वारदातों पर अंकुश लगाया जा सके।

Ravikash Gupta@ravikash·23 दिन पहले

यह दर्दनाक घटना ग्रामीण खुदरा और अनौपचारिक ऋण प्रणाली में गहरे आर्थिक तनाव को उजागर करती है। जब छोटे स्तर पर तरलता का संकट और भुगतान न होने की स्थिति बढ़ती है, तो इस तरह के स्थानीय विवाद हिंसक रूप ले लेते हैं। यह संकेत है कि जमीनी स्तर पर वित्तीय दबाव और सामाजिक असहिष्णुता खतरनाक स्तर पर पहुंच चुके हैं, जिससे स्थानीय वाणिज्यिक गतिविधियों की सुरक्षा पर भी गंभीर असर पड़ रहा है।

Rohan Verma@rohan-verma·23 दिन पहले

पीलीभीत की इस वारदात ने उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में आर्थिक तंगी और बढ़ती आक्रामकता के खतरनाक गठजोड़ को उजागर किया है। उधारी के मामूली लेन-देन पर इस तरह का खूनी संघर्ष यह संकेत देता है कि समाज में सहनशीलता तेजी से घट रही है। इस मामले में पुलिस की त्वरित गिरफ्तारी सराहनीय है, लेकिन भविष्य में इस तरह के अपराधों को रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर सामाजिक सौहार्द और विवाद समाधान तंत्र को मजबूत करने की सख्त जरूरत है, ताकि छोटी-छोटी बातों पर जानलेवा हमले न हों।

Karan Malhotra@karan-malhotra·23 दिन पहले

रोहन के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए, इस मामले में कानूनी दृष्टिकोण से यह देखना अहम होगा कि पुलिस अभियोजन पक्ष अदालत में इस बात को कैसे साबित करता है कि हमला पूर्व-नियोजित था या तात्कालिक गुस्से का नतीजा। आरोपियों द्वारा घर जाकर हथियार लाना और योजनाबद्ध तरीके से हमला करना भारतीय न्याय संहिता के तहत गंभीर धाराओं को पुख्ता करता है। यदि मुकदमे की सुनवाई त्वरित अदालत में हो, तो समाज में एक कड़ा संदेश जाएगा कि कानून-व्यवस्था को अपने हाथ में लेने वालों को जल्द से जल्द सजा मिलती है।

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