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पूर्वी समंदर से उठा दबाव अब उत्तर और पूर्वी भारत में मचाएगा आंधी-बारिश का कहर, पहाड़ों में भूस्खलन का डरबिहार
4 जुल॰ 2026, 6:12 am (38 दिन पहले)· 2

पूर्वी समंदर से उठा दबाव अब उत्तर और पूर्वी भारत में मचाएगा आंधी-बारिश का कहर, पहाड़ों में भूस्खलन का डर

बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र लगातार मजबूत हो रहा है, जिससे मौसम विभाग ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और राजस्थान समेत कई राज्यों में भारी बारिश, 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक तेज हवाओं और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है, वहीं पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है।

देश के बड़े हिस्से में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है और मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए कड़ी चेतावनी जारी की है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र लगातार ताकत पकड़ रहा है, जिसके असर से मैदानी इलाकों में तेज बारिश और आंधी तो पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। उत्तर भारत में छाए काले बादलों ने भीषण गर्मी से जरूर राहत दी है, लेकिन दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में मौसम अचानक करवट लेने वाला है। मौसम विभाग ने किसानों, यात्रियों और मछुआरों से इन चेतावनियों को हल्के में न लेने की अपील की है।

बंगाल की खाड़ी में मजबूत हो रहा दबाव का क्षेत्र

मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र धीरे-धीरे और मजबूत होता जा रहा है। इसके असर से मध्य भारत, पूर्वी भारत और उत्तर भारत में मानसून की गतिविधियां आने वाले दिनों में तेज हो सकती हैं। इसके अलावा पश्चिम राजस्थान के ऊपर हवा का एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी सक्रिय बना हुआ है, जो बारिश की तीव्रता को और बढ़ा सकता है। स्काईमेट के अनुसार दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भी भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने वाला है। पहाड़ी राज्यों में लगातार हो रही बारिश ने भूस्खलन, सड़कें बंद होने और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका खड़ी कर दी है। मौसम विभाग ने 4 जुलाई के लिए कई राज्यों में भारी बारिश, 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली तेज हवाओं और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश भी अब चिंता का बड़ा कारण बनती जा रही है।

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मैदानी इलाकों में गर्मी से राहत, लेकिन नुकसान का खतरा भी बरकरार

देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। उत्तर भारत में दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में बादलों की लगातार आवाजाही बनी हुई है। पूर्वी भारत में बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी बारिश का दौर तेज होता जा रहा है। दक्षिण-पश्चिम मानसून के असर से तापमान में गिरावट दर्ज हो रही है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और लू से बड़ी राहत मिली है। हालांकि लगातार बारिश की वजह से शहरी इलाकों में जलभराव और ग्रामीण क्षेत्रों में फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी उतनी ही तेजी से बढ़ गई है। पंजाब और हरियाणा में भी मानसून के सक्रिय होते ही मौसम का पूरा मिजाज बदल गया है।

समुद्र में हलचल, मछुआरों को समुद्र से दूर रहने की सलाह

समुद्री इलाकों में भी हालात सामान्य नहीं हैं। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुए इस वेदर सिस्टम के कारण समुद्र में ऊंची लहरें उठने की आशंका है। मौसम विभाग ने मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में न जाने की सलाह दी है। तेज हवाओं के चलते तटीय इलाकों में पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की भी आशंका जताई गई है। वहीं पहाड़ी राज्यों की यात्रा पर निकलने वाले पर्यटकों को मौसम का ताजा अपडेट देखकर ही सफर करने की सलाह दी गई है।

दिल्ली-एनसीआर में आंधी के साथ बारिश, गर्मी से मिलेगी राहत

दिल्ली-एनसीआर में 4 जुलाई को भारी बारिश और तेज आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार यहां 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश होगी, जिससे तापमान में गिरावट आएगी। अधिकतम तापमान करीब 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। हालांकि तेज हवाओं के चलते पेड़ गिरने और ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है।

उत्तर प्रदेश में 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाओं का खतरा

उत्तर प्रदेश में मानसून सबसे आक्रामक रूप में दिखाई दे सकता है। मेरठ, गाजियाबाद, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, आगरा, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर और देवरिया समेत कई जिलों में भारी बारिश और 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में बिजली गिरने और जलभराव की आशंका भी बनी हुई है। लखनऊ में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है, हालांकि बारिश के बाद मौसम काफी सुहावना होने की उम्मीद है।

बिहार में बारिश के साथ वज्रपात का भी खतरा

बिहार के पश्चिमी और उत्तरी जिलों में अगले तीन दिनों तक भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। पटना, गया, वैशाली, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया, किशनगंज, कटिहार और भागलपुर सहित कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश होगी। मौसम विभाग ने यहां 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली हवा और वज्रपात की चेतावनी भी दी है। किसानों और खुले मैदान में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

झारखंड में तेज हवा और मूसलाधार बारिश की दोहरी मार

झारखंड में मानसून पूरी ताकत से सक्रिय हो चुका है। रांची, बोकारो, दुमका, साहेबगंज, गिरिडीह, देवघर, जमशेदपुर और हजारीबाग समेत कई जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। कुछ स्थानों पर 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। मौसम विभाग ने निचले इलाकों में जलभराव और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

पश्चिम बंगाल में बंगाल की खाड़ी का सबसे ज्यादा असर

उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र का सबसे ज्यादा असर पश्चिम बंगाल पर ही देखने को मिलेगा। कोलकाता, हावड़ा, मुर्शिदाबाद, जलपाईगुड़ी, कालिम्पोंग, कूचबिहार, मालदा और बीरभूम में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। यहां 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और मछुआरों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

राजस्थान में मानसून की मजबूत होती पकड़

राजस्थान में मानसून अब धीरे-धीरे पूरे प्रदेश पर अपनी पकड़ मजबूत करता दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग ने जयपुर, भरतपुर, अजमेर, जोधपुर, नागौर, पाली, सीकर, झुंझुनूं और करौली जैसे जिलों में बारिश की गतिविधि बढ़ने का अलर्ट जारी किया है।

सवाल-जवाब

बंगाल की खाड़ी में बना मौसमी सिस्टम क्या है?
यह उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र है, जो लगातार मजबूत हो रहा है और मध्य, पूर्वी व उत्तर भारत में मानसून की गतिविधियां तेज कर सकता है.
मौसम विभाग ने 4 जुलाई के लिए क्या चेतावनी दी है?
आईएमडी ने कई राज्यों में भारी बारिश, 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाओं और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है.
दिल्ली-एनसीआर में कितनी तेज हवाएं चलने की आशंका है?
दिल्ली-एनसीआर में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है, साथ ही गरज-चमक के साथ बारिश भी होगी और अधिकतम तापमान करीब 36 डिग्री सेल्सियस रह सकता है.
उत्तर प्रदेश के किन जिलों में सबसे ज्यादा अलर्ट है?
मेरठ, गाजियाबाद, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, आगरा, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर और देवरिया समेत कई जिलों में भारी बारिश और 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाओं का अलर्ट है.
मछुआरों को क्या सलाह दी गई है?
मौसम विभाग ने मछुआरों को बंगाल की खाड़ी में ऊंची लहरों के खतरे के चलते अगले कुछ दिन समुद्र में न जाने की सलाह दी है.
बिहार में कौन-कौन से जिले प्रभावित होंगे?
पटना, गया, वैशाली, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया, किशनगंज, कटिहार और भागलपुर समेत पश्चिमी व उत्तरी जिलों में अगले तीन दिन भारी बारिश, तेज हवाओं और वज्रपात की आशंका है.
पश्चिम बंगाल में हवाओं की रफ्तार कितनी रह सकती है?
पश्चिम बंगाल में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है, खासकर कोलकाता, हावड़ा, मुर्शिदाबाद और तटीय जिलों में.
राजस्थान में किन जिलों पर मौसम विभाग की नजर है?
जयपुर, भरतपुर, अजमेर, जोधपुर, नागौर, पाली, सीकर, झुंझुनूं और करौली जैसे जिलों में मानसून की गतिविधि बढ़ने का अलर्ट है.
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