देश के विशाल भूभाग में पिछले 24 घंटों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ओर से जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार आगामी दिनों में देश के कई हिस्सों में वर्षा का यह दौर थमने वाला नहीं है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर पूर्वोत्तर के पहाड़ियों तक तेज़ आंधी, वज्रपात और अत्यधिक भारी बारिश की गंभीर चेतावनी दी गई है। विशेष रूप से अरुणाचल प्रदेश और मेघालय के कुछ इलाकों में अत्यधिक मूसलाधार बारिश का अंदेशा जताया गया है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की समस्या और अधिक विकराल रूप ले सकती है।
केरल के आठ जिलों में रेड अलर्ट और भारी तबाही
दक्षिण भारत के राज्य केरल में कुदरत का कहर सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। मौसम विभाग ने राज्य के आठ प्रमुख जिलों के लिए अगले 24 घंटों का रेड अलर्ट घोषित किया है। पथानामथिट्टा, इडुक्की, कोट्टायम, एर्नाकुलम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड में 204 मिलीमीटर से अधिक बारिश होने का अनुमान व्यक्त किया गया है। इसके अतिरिक्त मलप्पुरम, पलक्कड़, त्रिशूर और अलाप्पुझा जिलों को दिनभर के लिए ऑरेंज अलर्ट पर रखा गया है। 1 अगस्त से शुरू हुई इस विनाशकारी बारिश के चलते अब तक 25 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 4 व्यक्ति लापता हैं और 10 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। 1 से 4 अगस्त की अवधि में 52 मकान पूरी तरह से ध्वस्त हो गए और 565 मकानों को आंशिक क्षति पहुंची है। हजारों प्रभावित नागरिकों को अपना घर छोड़कर राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है।
उत्तर और मध्य भारत में वर्षा का पूर्वानुमान
देश की राजधानी दिल्ली समेत हरियाणा, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और ओडिशा में आज दिन के समय मध्यम से भारी स्तर की बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा 5 से 6 अगस्त के बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश, पंजाब, पूर्वी राजस्थान और दिल्ली-एनसीआर के क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा होने के संकेत हैं। मध्य भारत के छत्तीसगढ़ राज्य में 5 से 10 अगस्त के दौरान तेज बारिश का सिलसिला बना रहेगा। वहीं बिहार और झारखंड के जिलों में 8 अगस्त तक रुक-रुक कर वर्षा जारी रहने का अनुमान है। तटीय क्षेत्रों की बात करें तो अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक, माहे, लक्षद्वीप और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में आंधी-तूफान के साथ बारिश की स्थिति बनी रहने की संभावना व्यक्त की गई है।
ओडिशा, गुजरात और असम में बाढ़ से बिगड़े हालात
लगातार वर्षा के कारण देश के कई राज्यों में नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है, जिससे बाढ़ जैसी विकट परिस्थितियां उत्पन्न हो गई हैं। ओडिशा के पूर्वी तटीय जिलों जाजपुर, भद्रक और जगतसिंहपुर के दर्जनों गांवों से बाढ़ का पानी अब तक बाहर नहीं निकल सका है, जिसके कारण बड़ी संख्या में ग्रामीण राहत शिविरों में दिन काटने को विवश हैं। ऊपर से 5 और 6 अगस्त को ओडिशा के अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की नई चेतावनी ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। गुजरात राज्य के भी कई हिस्से जलमग्न हो चुके हैं और बस्तियों में पानी भर गया है। पूर्वोत्तर राज्य असम में भी बाढ़ का पानी बस्तियों में प्रवेश कर जाने से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, जहां रेल पटरियों पर पानी भरने और भूस्खलन के चलते रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है।



















