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साहिबगंज में गंगा नदी से गुजरे पहाड़ जैसे रिएक्टर, देखने वालों की लगी कतारझारखंड
7 जुल॰ 2026, 12:05 am (45 दिन पहले)· 2

साहिबगंज में गंगा नदी से गुजरे पहाड़ जैसे रिएक्टर, देखने वालों की लगी कतार

झारखंड के साहिबगंज और बिहार के मनिहारी घाट के बीच गंगा नदी से तीन विशालकाय जहाज गुजरे, जिन पर पहाड़ जैसे रिएक्टर और वैक्यूम टावर लदे थे, इस नजारे को देखने घाटों पर भीड़ उमड़ पड़ी.

झारखंड के साहिबगंज और बिहार के मनिहारी घाट के बीच गंगा नदी में सोमवार को कुछ ऐसा नजारा दिखा जिसे देखकर घाट पर मौजूद लोग हैरान रह गए. नदी के बीचोंबीच से तीन विशालकाय मालवाहक जहाज गुजरे, जिन पर पहाड़ जैसे दिखने वाले भारी-भरकम रिएक्टर और वैक्यूम टावर लदे हुए थे. जहाजों का आकार और उन पर रखे औद्योगिक उपकरणों का वजन इतना ज्यादा था कि लोग पहली नजर में यकीन नहीं कर पाए कि इतनी बड़ी मशीनें पानी के रास्ते ले जाई जा सकती हैं.

कैमरों में कैद हुआ नजारा, सोशल मीडिया पर वायरल

जैसे ही जहाजों का यह बेड़ा घाटों के करीब से गुजरा, आसपास के गांवों से लोग दौड़कर नदी किनारे जमा हो गए. युवाओं और स्थानीय ग्रामीणों ने अपने मोबाइल फोन निकालकर इस पल की तस्वीरें और वीडियो बनाने शुरू कर दिए. देखते ही देखते यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने लगा. नदी किनारे खड़े लोग इन विशाल रिएक्टरों की बनावट और आकार को लेकर आपस में तरह-तरह की बातें करते और अंदाजा लगाते देखे गए. साहिबगंज और मनिहारी जैसे इलाकों में आमतौर पर इतने बड़े जहाज नहीं दिखते, इसलिए स्थानीय लोगों के लिए यह बिल्कुल नया और यादगार अनुभव साबित हुआ.

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रिफाइनरी प्लांट के लिए भेजे जा रहे हैं विशाल रिएक्टर

जानकारों के मुताबिक जहाजों पर लदे ये विशाल वैक्यूम टावर और रिएक्टर पेट्रोलियम या दूसरे बड़े औद्योगिक रिफाइनरी संयंत्रों में इस्तेमाल होने वाले उपकरण हैं. इनका वजन और आकार इतना ज्यादा है कि इन्हें सामान्य ट्रकों या सड़क मार्ग से ले जाना न सिर्फ मुश्किल है बल्कि जोखिम भरा भी हो सकता है. यही वजह है कि इन्हें गंगा नदी के जलमार्ग के जरिए सावधानी से उनके तय गंतव्य तक पहुंचाया जा रहा है. पानी के रास्ते ऐसे भारी उपकरणों को ले जाना ज्यादा सुरक्षित तरीका माना जाता है, क्योंकि इससे रास्ते में झटके या नुकसान की आशंका कम रहती है.

जलमार्ग बनता जा रहा है माल ढुलाई का बड़ा सहारा

गंगा नदी के रास्ते इतने भारी औद्योगिक उपकरणों का इस तरह गुजरना यह भी बताता है कि देश में अब आंतरिक जलमार्गों को व्यापार और माल ढुलाई के लिए गंभीरता से इस्तेमाल किया जाने लगा है. भारी-भरकम मशीनरी जिसे सड़क से भेजना मुश्किल होता है, अब नदी के रास्ते आसानी से एक राज्य से दूसरे राज्य तक पहुंचाई जा रही है. फिलहाल साहिबगंज और आसपास के इलाकों में इन तीन बाहुबली जहाजों की यह यात्रा ही चर्चा का सबसे बड़ा विषय बनी हुई है, और लोग अब भी इससे जुड़े वीडियो और तस्वीरें एक-दूसरे के साथ साझा कर रहे हैं.

सवाल-जवाब

ये विशालकाय जहाज कहां देखे गए?
झारखंड के साहिबगंज और बिहार के मनिहारी घाट के बीच गंगा नदी में.
जहाजों पर क्या लदा हुआ था?
पहाड़ जैसे दिखने वाले विशालकाय रिएक्टर और वैक्यूम टावर, जो भारी औद्योगिक उपकरण हैं.
यह नजारा कब देखने को मिला?
सोमवार को.
कुल कितने जहाज गंगा से गुजरे?
तीन विशालकाय मालवाहक जहाज.
इतने भारी उपकरण सड़क की बजाय जलमार्ग से क्यों भेजे जा रहे हैं?
इनका वजन और आकार बहुत ज्यादा होने के कारण इन्हें सड़क मार्ग से ले जाना जोखिम भरा है, इसलिए जलमार्ग से सुरक्षित तरीके से पहुंचाया जा रहा है.
ये रिएक्टर किस काम के लिए इस्तेमाल होंगे?
जानकारों के मुताबिक ये पेट्रोलियम या बड़े औद्योगिक रिफाइनरी संयंत्रों में इस्तेमाल होते हैं.
स्थानीय लोगों ने इस पर कैसी प्रतिक्रिया दी?
बड़ी संख्या में लोग घाटों पर जमा हो गए और मोबाइल कैमरों से तस्वीरें व वीडियो बनाए, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए.
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