जैसलमेर के रामदेवरा में दीपावली पर अनूठी सजावट, 500 किलो फूलों से महका बाबा रामदेव का दरबारसिरमौर के सराहां में धनतेरस पर दर्दनाक हादसा, खाई में बोलेरो गिरने से बड़े भाई की मौत और नौ घायलहिमाचल के सम्मू गांव में दिवाली पर क्यों पसरा रहता है सन्नाटा, जानिए सात पीढ़ियों से चली आ रही अनूठी परंपराबेंगलुरु में दामाद ने सिलबट्टे से की सात लोगों की हत्या, नंदी हिल्स से चिकबल्लापुर तक फेंके गए शवसुप्रीम कोर्ट में हिमाचल प्रदेश की बड़ी जीत, बीबीएमबी विवाद सुलझा, सालाना 1000 करोड़ तक का होगा फायदातकनीकी दबाव में फिसला यूरो, अमेरिकी डॉलर के सामने 1.1200 का अहम स्तर टूटाडायमंड स्टेट समिट 2026: राजस्थान की सियासत में जेनेरेशन जेड की एंट्री, कम उम्र के पार्षदों ने रखा विजनपलामू के किसान संतरे की बागवानी से कमा सकते हैं लाखों रुपये, जानिए एक एकड़ की लागत और कमाई का पूरा गणितमहज 100 रुपये से शुरू किया कारोबार, अब लाखों की कमाई कर रहे हैं मुरादाबाद के मोहम्मद फिरोजओबीसी क्रीमी लेयर मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, केंद्र सरकार की अर्जी खारिज
ऋषिकेश और मुनिकीरेती के आस्था पथ जल्द जुड़ेंगे, चंद्रभागा पर मंजूर हुआ 32 करोड़ का पुलउत्तराखंड
31 अक्तू॰ 2026, 11:23 am (6 दिन पहले)· 1

ऋषिकेश और मुनिकीरेती के आस्था पथ जल्द जुड़ेंगे, चंद्रभागा पर मंजूर हुआ 32 करोड़ का पुल

चंद्रभागा नदी पर 32 करोड़ रुपये की लागत से 150 मीटर लंबा बो-स्ट्रिंग पुल बनने जा रहा है, जिससे गंगा किनारे टहलने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सीधा पैदल मार्ग मिलेगा।

गंगा किनारे टहलने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों के लिए एक बड़ी और बहुप्रतीक्षित राहत सामने आई है। चंद्रभागा नदी के बहाव की वजह से अलग-थलग पड़े दो प्रमुख पैदल रास्तों को आपस में जोड़ने के लिए प्रशासनिक स्तर पर 32 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत कर दिया गया है। इस वित्तीय मंजूरी के साथ ही लगभग 150 मीटर लंबे आधुनिक बो-स्ट्रिंग सेतु के धरातल पर उतरने का रास्ता साफ हो गया है। निर्माण एजेंसी का लक्ष्य अगले एक माह के भीतर मौके पर काम शुरू कराने का है, ताकि लोगों को एक छोर से दूसरे छोर जाने के लिए लगने वाले लंबे चक्कर से मुक्ति मिल सके।

पुल का ढांचा और निर्माण एजेंसी की तैयारी

प्रस्तावित पुल की इंजीनियरिंग योजना के तहत इसमें 75-75 मीटर लंबाई के दो बड़े स्पैन तैयार किए जाएंगे। निर्माण कार्य के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी उत्तराखंड प्रोजेक्ट डेवलपमेंट एंड कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन लिमिटेड को सौंपी गई है, जिसे यह दायित्व उत्तराखंड इंफ्रास्ट्रक्चर एंड इन्वेस्टमेंट डेवलपमेंट बोर्ड के माध्यम से मिला है। कार्यदायी इकाई के परियोजना प्रबंधक संजीव कुमार ने स्पष्ट किया है कि बजट की औपचारिक संस्तुति हासिल हो चुकी है और तय समयसीमा के भीतर मैदानी स्तर पर काम शुरू करने की पूरी तैयारी कर ली गई है।

ये भी पढ़ें

देहरादून और टिहरी सीमा पर खत्म होगी पैदल दूरी

चंद्रभागा नदी दरअसल देहरादून और टिहरी जनपद की सीमा पर बहते हुए दोनों किनारों के रास्तों को बांट देती है। एक तरफ त्रिवेणी घाट का आस्था पथ है, तो दूसरी तरफ मुनिकीरेती क्षेत्र का पूर्णानंद आस्था पथ स्थित है। जलधारा के बीच में आने के कारण अब तक दोनों मार्गों के बीच कोई सीधा जमीनी जुड़ाव नहीं था। नया पुल बन जाने के बाद गंगा दर्शन के लिए आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों और नियमित रूप से घूमने वाले स्थानीय निवासियों को दोनों नगर निकायों के बीच सीधा व सुरक्षित पैदल गलियारा मिल जाएगा।

चार साल के लंबे इंतजार के बाद मिली वित्तीय हरी झंडी

इस संपर्क मार्ग की आवश्यकता स्थानीय लोग कई वर्षों से महसूस कर रहे थे और इसके लिए लगातार आवाज भी उठाई जा रही थी। पूर्व में सिंचाई महकमे ने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट बनाकर कई मर्तबा शासन को प्रेषित की, मगर तकनीकी व प्रशासनिक कारणों से फाइलें अटकती रहीं। बाद में वर्ष 2022 के दौरान श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के पं. ललित मोहन शर्मा परिसर में एक जनसभा हुई थी। उस मंच से तत्कालीन शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समक्ष मांगपत्र सौंपकर इस पुल के निर्माण की पैरवी की थी। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने सेतु निर्माण की सार्वजनिक घोषणा की थी। ऋषिकेश नगर निगम के मेयर शंभू पासवान ने भी इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह परियोजना समूचे इलाके के विकास और आवागमन को सुगम बनाने में बेहद मददगार साबित होगी।

सवाल-जवाब

चंद्रभागा नदी पर बनने वाले पुल की कुल लागत कितनी है?
इस पुल के निर्माण के लिए सरकार की ओर से 32 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
प्रस्तावित पुल की लंबाई और संरचना कैसी होगी?
यह लगभग 150 मीटर लंबा बो-स्ट्रिंग पुल होगा, जिसमें 75-75 मीटर लंबाई के दो स्पैन शामिल रहेंगे।
पुल किन दो स्थानों को आपस में जोड़ेगा?
यह पुल त्रिवेणी घाट के आस्था पथ और मुनिकीरेती के पूर्णानंद आस्था पथ को आपस में सीधे जोड़ेगा।
पुल का निर्माण कार्य कब तक शुरू होने की संभावना है?
कार्यदायी संस्था के अनुसार वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद एक महीने के भीतर मौके पर निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Laxmi Gupta@laxmi-gupta·5 दिन पहले

चार साल सिर्फ़ फ़ाइलें ही टहलती रहीं, शुक्र है अब पुल पर भी लोग टहल सकेंगे।

Arjun Mehta@arjun-mehta·5 दिन पहले

चार साल सिर्फ फाइलें घुमाने में लग गए, गनीमत है कि अब जाकर 32 करोड़ का बजट पास हुआ है।

Ravikash Gupta@ravikash·5 दिन पहले

अर्जुन जी, चार साल भले लगे हों, पर सरकारी काम में इतनी देर तो हो ही जाती है। कम से कम अब काम शुरू तो हो रहा है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·6 दिन पहले

चार साल लग गए सिर्फ बजट पास होने में! इतनी धीमी रफ्तार देखकर तो लगता नहीं कि एक महीने में काम सच में शुरू हो पाएगा।

Rohan Verma@rohan-verma·6 दिन पहले

करण भाई, बात तो सही है आपकी। सरकारी फाइलों का सफर ऐसा ही लंबा होता है, कम से कम अब बजट मिल गया है तो उम्मीद है काम जल्दी शुरू होगा।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp