ओडिशा के तटीय और अन्य इलाकों में चक्रवात अर्नब के कारण भारी तबाही देखने को मिली थी। इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हुए परिवारों को तात्कालिक राहत प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़े आर्थिक पैकेज का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के निर्देशों के बाद प्रशासन ने राहत कार्यों को गति दी है, जिसके तहत पात्र परिवारों के बैंक खातों या अन्य माध्यमों से सीधे आर्थिक सहायता पहुंचाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। प्रभावित लोग इस मदद से अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा कर सकेंगे।
4,30,833 परिवारों को मिलेगा इस राहत का सीधा लाभ
राज्य सरकार की ओर से 4 नवंबर को आधिकारिक आंकड़े साझा किए गए थे। इन आंकड़ों के अनुसार, चक्रवात अर्नब की मार झेलने वाले गंजाम और कोरापुट जिलों के कुल 4,30,833 प्रभावित परिवारों को इस योजना का लाभ मिलेगा। सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए संबंधित जिला प्रशासनों को पहले ही फंड जारी कर दिया है कि सहायता राशि बिना किसी देरी के सीधे जरूरतमंदों तक पहुंचे। आपदा के इस दौर में इतनी बड़ी संख्या में लोगों को वित्तीय संबल मिलना सरकार की प्राथमिकता सूची में शामिल रहा है ताकि सामान्य जनजीवन को जल्द से जल्द पटरी पर लाया जा सके।
107.70 करोड़ रुपये से अधिक की कुल राशि मंजूर
इस पूरे राहत अभियान के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष से 107.70 करोड़ रुपये से अधिक की भारी-भरकम राशि मंजूर की गई है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा गंजाम जिले के लिए तय किया गया है, जहां 4,29,782 परिवारों को प्रति परिवार 2,500 रुपये की दर से कुल 107 करोड़ 44 लाख 55 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, कोरापुट जिले के 1,051 प्रभावित परिवारों के लिए 2,500 रुपये प्रति परिवार के हिसाब से 26 लाख 27 हजार 500 रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। दोनों जिलों को मिलाकर कुल 107 करोड़ 70 लाख 82 हजार 500 रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई है। चक्रवात अर्नब की भीषण तबाही के कारण आंध्र प्रदेश में भी 5 लोगों की जान चली गई थी और बड़े पैमाने पर पेड़ व बिजली के खंभे उखड़ गए थे, जिससे इस तूफान की भयंकर प्रकृति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
जिला कलेक्टरों को भेजी गई पूरी राशि
वित्तीय प्रबंधन और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए सरकार ने स्वीकृत की गई पूरी राशि संबंधित जिलों के कलेक्टरों के पास भेज दी है। अब जमीनी स्तर पर जिला प्रशासन की देखरेख में तय किए गए नियमों और दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए पात्र परिवारों के बीच इस नकद सहायता का वितरण किया जाएगा। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आपदा के इस मुश्किल वक्त में कोई भी प्रभावित परिवार अछूता न रहे और उन्हें समय पर आर्थिक संबल मिल सके।
आपदा के बाद पुनर्वास और राहत की दिशा में बड़ा कदम
यह वित्तीय सहायता मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की तरफ से घोषित व्यापक राहत पैकेज का एक अहम हिस्सा है। चक्रवात अर्नब के प्रकोप से जूझ रहे नागरिकों को फौरी राहत देने के लिए यह राशि राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष से निकाली गई है। प्रशासन का लक्ष्य इन परिवारों को इस कठिन परिस्थिति से उबारना और उन्हें फिर से सामान्य जीवन जीने के योग्य बनाना है। हालांकि यह पूरी प्रक्रिया निर्धारित प्रशासनिक नियमों के तहत ही पूरी की जाएगी और वितरण की पूरी जिम्मेदारी स्थानीय जिला प्रशासन के कंधों पर होगी।



















