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सत्य निकेतन इलाके में दिल्ली की एक बिल्डिंग भरभराकर ढही, मलबे में कई लोग फंसने की आशंका, बचाव कार्य शुरूदिल्ली
6 सित॰ 2026, 2:57 pm (8 दिन पहले)· 3

सत्य निकेतन इलाके में दिल्ली की एक बिल्डिंग भरभराकर ढही, मलबे में कई लोग फंसने की आशंका, बचाव कार्य शुरू

दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके के पास एक पांच मंजिला इमारत गिर गई, जिसमें कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है और दमकल टीमें बचाव कार्य में जुटी हैं।

राजधानी दिल्ली से एक बड़ा हादसा सामने आया है। दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके के पास एक पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई, जिसके बाद मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। हादसे की खबर मिलते ही आसपास अफरातफरी मच गई और मौके पर बचाव अभियान शुरू कर दिया गया।

दोपहर 1:30 बजे मिली हादसे की सूचना

फायर डिपार्टमेंट को आज दोपहर करीब 1:30 बजे इस हादसे की जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां और टीमें तुरंत मौके के लिए रवाना हुईं। जो जगह हादसे का शिकार बनी, वह दिल्ली के मोतीबाग इलाके से सटा हुआ हिस्सा बताई जा रही है, जहां आसपास कई रिहायशी और कोचिंग से जुड़ी इमारतें मौजूद हैं।

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मलबे में दब सकते हैं कई छात्र

बताया जा रहा है कि जो पांच मंजिला इमारत गिरी है, वह छात्रों के हॉस्टल के तौर पर इस्तेमाल हो रही थी, इसलिए मलबे में कई छात्रों के भी दबे होने की आशंका जताई जा रही है। इस वजह से रेस्क्यू टीमें बेहद सावधानी से मलबा हटाने में जुटी हैं ताकि किसी और को चोट न पहुंचे। अब तक न तो घायलों की पक्की संख्या सामने आई है और न ही यह साफ हो सका है कि अंदर असल में कितने लोग मौजूद थे।

दिल्ली में पहले भी हो चुके ऐसे हादसे

यह पहला मौका नहीं जब राजधानी में इमारत गिरने की खबर आई हो। इससे पहले दिल्ली के साकेत मेट्रो स्टेशन के पास भी एक बिल्डिंग गिरने से स्टूडेंट्स के दबने की आशंका जताई गई थी, जिसने पुरानी और घनी बसी इमारतों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए थे।

सवाल-जवाब

यह हादसा कहां हुआ?
यह हादसा दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके के पास हुआ, जो दिल्ली के मोतीबाग इलाके से सटा हुआ बताया जा रहा है।
इमारत कब गिरी?
फायर डिपार्टमेंट को इस हादसे की सूचना आज दोपहर करीब 1:30 बजे मिली थी।
इमारत कितनी मंजिला थी?
जो इमारत गिरी है, वह पांच मंजिला बताई जा रही है।
क्या मलबे में लोग फंसे हैं?
हां, आशंका है कि मलबे में कई लोग फंसे हो सकते हैं, जिनमें छात्र भी शामिल हो सकते हैं।
क्या रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है?
हां, फायर डिपार्टमेंट की टीमें मौके पर मौजूद हैं और मलबा हटाकर बचाव कार्य कर रही हैं।
क्या पहले भी दिल्ली में ऐसा हादसा हुआ है?
हां, इससे पहले दिल्ली के साकेत मेट्रो स्टेशन के पास भी एक बिल्डिंग गिरने से स्टूडेंट्स के दबने की आशंका जताई गई थी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·8 दिन पहले

सत्य निकेतन जैसी घनी बस्तियों में छात्र हॉस्टल के रूप में इस्तेमाल होने वाली इमारतों का इस तरह गिरना कमजोर निर्माण और नियमों की अनदेखी को उजागर करता है। यह मामला सिर्फ लापरवाही का नहीं, बल्कि संभावित आपराधिक उपेक्षा का है जिसके लिए भवन मालिकों और स्थानीय प्रशासन की जवाबदेही तय होनी चाहिए। जांच एजेंसियों को यह खंगालना होगा कि क्या अवैध निर्माण या अनधिकृत बदलाव किए गए थे, और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई जरूरी है ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोका जा सके।

Rohan Verma@rohan-verma·8 दिन पहले

सत्य निकेतन और मोती बाग जैसे घनी आबादी वाले छात्र बहुल क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी एक गंभीर शहरी संकट है। इस तरह के मामलों में केवल शुरुआती राहत कार्य और अस्थायी जांच से काम नहीं चलेगा, बल्कि स्थानीय नगर निकायों और भवन स्वामियों के बीच सांठगांठ की तह तक जाना होगा। यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि आवासीय क्षेत्रों में चल रहे हॉस्टल और कोचिंग हब तय नियमों का पालन करें, अन्यथा प्रशासनिक लापरवाही से ऐसी त्रासदियों की पुनरावृत्ति को रोकना असंभव होगा।

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