दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आज मौसम का मिजाज काफी रंग बदलने वाला है। दिन की शुरुआत में जहां तेज धूप देखने को मिलेगी, वहीं कुछ ही घंटों के भीतर आसमान में बादलों का डेरा लग सकता है और हल्की बारिश भी दर्ज की जा सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि सुबह की धूप के कारण मौसम में थोड़ी गर्मी महसूस होगी, लेकिन उसके तुरंत बाद चलने वाली ठंडी हवाएं और बादलों की आवाजाही तापमान को नियंत्रित रखेगी।
मौसम विभाग का 14 सितंबर का अनुमान
भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में आज आमतौर पर आसमान बादलों से घिरा रहेगा। इस दौरान न्यूनतम तापमान करीब 24 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान लगभग 33°C के आसपास रहने की उम्मीद है, जो कि सामान्य से कम माना जा रहा है। हालांकि बारिश को लेकर किसी तरह की गंभीर चेतावनी जारी नहीं की गई है, लेकिन शहर के कुछ हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी की पूरी संभावना बनी हुई है।
दोपहर के वक्त बादलों के घिरने और हल्की फुहारें पड़ने के संकेत मिल रहे हैं। यदि पिछले चौबीस घंटों के मौसम पर नजर डालें, तो 13 सितंबर को दिल्ली में अधिकतम तापमान 35.1°C और न्यूनतम तापमान 26.2°C दर्ज किया गया था। इस अवधि में छिटपुट जगहों पर मामूली बारिश भी हुई थी। आज बादलों की मौजूदगी और तापमान में गिरावट की वजह से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद का हाल
राजधानी से सटे इलाकों जैसे नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद में भी मौसम का हाल दिल्ली से मिलता-जुलता ही रहने वाला है। इन सभी क्षेत्रों में पूरे दिन धूप और छांव का खेल चलता रहेगा और बीच-बीच में हल्की बारिश भी हो सकती है। यहाँ न्यूनतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किए जाने की संभावना है।
आसपास के राज्यों में मॉनसून का असर
भारत मौसम विभाग का यह भी आकलन है कि भले ही दिल्ली-एनसीआर में बारिश हल्की हो या कुछ इलाकों में पानी न भी बरसे, लेकिन देश के पड़ोसी राज्यों में मॉनसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। इन आसपास के राज्यों में आज मध्यम से लेकर अच्छी बारिश होने के पूरे आसार हैं।
सितंबर में बारिश की स्थिति और अल-नीनो का प्रभाव
आईएमडी ने पहले ही यह साफ कर दिया था कि अल-नीनो के प्रभाव के कारण सितंबर महीने में औसत से कम बारिश दर्ज की जा सकती है। इससे पहले के महीनों में भी वर्षा की कमी ने पिछले 125 सालों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है, खासकर जून और अगस्त के महीनों में सामान्य से बहुत कम पानी बरसा है।


















