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श्रीनगर में धूमधाम से मनाया गया दशहरा, शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में जला 35 फुट ऊंचा रावण का पुतलाजम्मू-कश्मीर
20 अक्तू॰ 2026, 8:37 pm (17 दिन पहले)· 7

श्रीनगर में धूमधाम से मनाया गया दशहरा, शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में जला 35 फुट ऊंचा रावण का पुतला

श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में हर्षोल्लास के साथ दशहरा पर्व मनाया गया। कश्मीरी पंडित संघर्ष समिति के आयोजन में सुरक्षा बलों और स्थानीय नागरिकों ने मिलकर बुराई पर अच्छाई की जीत का जश्न मनाया।

श्रीनगर में 'जय श्री राम' के गगनभेदी नारों के बीच इस बार का दशहरा पर्व बेहद उत्साह और सांस्कृतिक सद्भाव के साथ मनाया गया। वादी में आयोजित इस मुख्य समारोह के दौरान रावण का 35 फुट ऊंचा विशाल पुतला दहन किया गया। इसके साथ ही मेघनाद और कुंभकर्ण के 30 फुट ऊंचे पुतले भी आग के हवाले किए गए, जिन्होंने उपस्थित जनसमूह को बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया। इस भव्य आयोजन ने एक बार फिर घाटी की साझा संस्कृति और आपसी भाईचारे की मजबूत तस्वीर पेश की।

शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में उमड़ी भीड़

श्रीनगर के ऐतिहासिक शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में आयोजित इस मुख्य कार्यक्रम को देखने के लिए विभिन्न समुदायों के लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा। कश्मीरी पंडितों और स्थानीय निवासियों के अलावा घाटी में तैनात सुरक्षाकर्मियों और देश-विदेश से पहुंचे पर्यटकों ने भी इसमें बड़े पैमाने पर शिरकत की। कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, ताकि यह पूरा उत्सव शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न हो सके। रंग-बिरंगी आतिशबाजी ने श्रीनगर के आसमान को रोशन कर दिया, जिससे त्योहार का उल्लास और अधिक बढ़ गया।

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युवाओं का जोश और डिजिटल उत्साह

इस ऐतिहासिक उत्सव में युवा पीढ़ी ने भी खासी दिलचस्पी दिखाई और बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कई युवा अपने मोबाइल फोन पर इस पूरे रावण दहन कार्यक्रम को रिकॉर्ड करते हुए नजर आए, ताकि वे सोशल मीडिया के लिए रील्स और शॉर्ट वीडियो तैयार कर सकें। समाज के हर वर्ग के लोगों की मौजूदगी ने इस आयोजन को और अधिक खास बना दिया। अल्पसंख्यकों के रूप में रह रहे कश्मीरी पंडितों ने भी पूरी निष्ठा के साथ अपनी सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाया और पर्व का आनंद लिया।

कश्मीरी पंडित संघर्ष समिति की मुख्य भूमिका

इस भव्य आयोजन की मुख्य जिम्मेदारी 'कश्मीरी पंडित संघर्ष समिति' ने उठाई थी, जिसे जिला प्रशासन और सीआरपीएफ (CRPF) का पूरा सहयोग मिला। समिति के सदस्यों ने इस दौरान प्रशासन, पुलिस के साथ-साथ अपने स्थानीय मुस्लिम और सिख भाइयों का भी आभार जताया। आयोजकों का कहना है कि हर साल मिलने वाला यह साझा सहयोग कश्मीर की धरती पर आपसी भाईचारे के ताने-बाने को और अधिक मजबूत करता है।

सुरक्षा बलों ने भी मनाया उत्सव

अपने घरों और परिवारों से कोसों दूर सुरक्षा कर्तव्यों में तैनात सीआरपीएफ (CRPF) के जवानों ने भी अपने साथियों के साथ इस पर्व का भरपूर आनंद लिया। जवानों ने रावण दहन की इस परंपरा में हिस्सा लेकर ड्यूटी के तनाव को पीछे छोड़ते हुए त्योहार की खुशियां बांटी। श्रीनगर में निकाले गए विभिन्न जुलूसों में भी स्थानीय नागरिकों और सुरक्षाकर्मियों ने कंधे से कंधा मिलाकर हिस्सा लिया, जो यहां की बदलती और सकारात्मक सामाजिक स्थिति को दर्शाता है।

सवाल-जवाब

श्रीनगर में मुख्य दशहरा कार्यक्रम कहां आयोजित किया गया?
श्रीनगर में मुख्य दशहरा कार्यक्रम शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में आयोजित किया गया था।
श्रीनगर में रावण के पुतले की ऊंचाई कितनी थी?
श्रीनगर में जलाए गए रावण के मुख्य पुतले की ऊंचाई 35 फुट थी।
रावण के अलावा और किनके पुतले जलाए गए?
रावण के साथ-साथ मेघनाद और कुंभकर्ण के 30 फुट ऊंचे पुतले भी जलाए गए।
इस कार्यक्रम का आयोजन किसने किया था?
इस कार्यक्रम का आयोजन कश्मीरी पंडित संघर्ष समिति द्वारा किया गया था।
कार्यक्रम के आयोजन में किन सुरक्षा बलों ने सहयोग दिया?
इस आयोजन में जिला प्रशासन और सीआरपीएफ (CRPF) ने कड़ा सहयोग प्रदान किया।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Carlos Mendoza@carlos-mendoza·16 दिन पहले

इतनी भीड़ और आतिशबाजी के बीच सुरक्षा का दावा थोड़ा बढ़ा-चढ़ाकर लगता है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·16 दिन पहले

35 फुट ऊंचे रावण का जलना और मोबाइल से रील्स बनाना, वक्त कितनी तेजी से बदल रहा है!

Ravikash Gupta@ravikash·16 दिन पहले

अर्जुन, बात तो सही है पर मुझे लगता है कैमरे में सब कैद करने के चक्कर में लोग असली पल जीना भूल जाते हैं।

Karan Malhotra@karan-malhotra·16 दिन पहले

घाटी में सुरक्षा के ऐसे कड़े इंतजाम के बीच लोग इतने खुलकर कैसे जश्न मना रहे थे, थोड़ा अजीब लगता है।

Rohan Verma@rohan-verma·16 दिन पहले

करन भाई, यूपी के इलाकों में भी प्रशासन सख्त होता है तो त्योहार शांति से ही मनते हैं, इसमें अजीब क्या है?

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