राजस्थान के सीकर जिले से एक चौंकाने वाला धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसमें कुछ लोगों पर एक मानसिक रूप से कमजोर युवक की जमीन और बैंक खाते पर कब्जा जमाने का आरोप लगा है। आरोपियों ने युवक के सरकारी दस्तावेजों में हेरफेर कर उसके बैंक खाते से लाखों रुपये निकाल लिए, जिसके बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
दुर्गापुरा निवासी ने दर्ज कराई शिकायत
कोतवाली थाना क्षेत्र में दर्ज शिकायत के अनुसार दुर्गापुरा गांव के रहने वाले रणवीर सिंह ने पुलिस को बताया कि उनका भाई मदन सिंह मानसिक रूप से कमजोर है और पिछले कई सालों से उसका इलाज चल रहा है। मदन सिंह के नाम गांव में तीन बीघा से ज्यादा जमीन दर्ज है। रणवीर सिंह ने आरोप लगाया कि गांव के ही गजसिंह, भंवरलाल और सुरेश कुमार नाम के तीन लोगों ने मदन की मानसिक कमजोरी का नाजायज फायदा उठाया।
आधार कार्ड में नंबर बदलकर बनाई रणनीति
शिकायत में कहा गया है कि आरोपी गजसिंह ने मदन सिंह के आधार कार्ड में दर्ज मोबाइल नंबर की जगह अपना खुद का मोबाइल नंबर जुड़वा दिया, ताकि किसी भी लेनदेन या बदलाव की जानकारी मदन तक न पहुंच सके। इसके बाद आरोपियों ने बैंक के कर्मचारियों की मिलीभगत से मदन के नाम पर कोटक महिंद्रा बैंक में एक नया खाता खुलवा दिया। इस नए खाते में भी गजसिंह ने अपना ही मोबाइल नंबर दर्ज करा दिया, जिससे खाते से जुड़ा हर मैसेज और अलर्ट सीधे उसके पास पहुंचने लगा।
3 अप्रैल को खाते से उड़ाए 3.50 लाख रुपये
पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक 3 अप्रैल को मदन सिंह के इसी खाते में डीएलसी का 3.50 लाख रुपये का चेक जमा हुआ। रकम खाते में आते ही आरोपी गजसिंह ने चार अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए पूरी राशि अपने निजी खाते में ट्रांसफर कर ली। इससे पहले 18 मार्च को आरोपियों ने मदन की मानसिक कमजोरी का फायदा उठाकर उसकी जमीन की रजिस्ट्री भी अपने नाम करवा ली थी, यानी जमीन हड़पने की साजिश बैंक खाते वाली धोखाधड़ी से करीब दो हफ्ते पहले ही रची जा चुकी थी।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच जारी
रणवीर सिंह की शिकायत पर कोतवाली पुलिस थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस पूरे प्रकरण की गहनता से जांच कर रही है, जिसमें यह भी देखा जा रहा है कि बैंक खाता खुलवाने में किन कर्मचारियों की मिलीभगत रही और आधार से जुड़े दस्तावेजों में बदलाव किस तरह किया गया।











