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सोनीपत के भविष्य की लखनऊ अग्निकांड में मौत: 16 दिन की नौकरी, मां को रोते हुए कहा था 'शायद अब जिंदा नहीं बचूंगा'हरियाणा
23 जून 2026, 3:02 pm (81 दिन पहले)· 2

सोनीपत के भविष्य की लखनऊ अग्निकांड में मौत: 16 दिन की नौकरी, मां को रोते हुए कहा था 'शायद अब जिंदा नहीं बचूंगा'

लखनऊ के अलीगंज में एनिमेशन कोचिंग सेंटर में लगी भयानक आग में सोनीपत के महिपुर गांव के युवक भविष्य की जान चली गई, जिसे इस सेंटर में नौकरी मिले सिर्फ 16 दिन हुए थे. मरने से पहले उसने मां को वीडियो कॉल पर बताया था कि चारों तरफ धुआं है और शायद अब वह जिंदा नहीं बचेगा.

लखनऊ के अलीगंज इलाके में एनिमेशन कोचिंग सेंटर में भड़की भयानक आग ने हरियाणा के सोनीपत जिले के महिपुर गांव में एक परिवार की सारी खुशियां छीन लीं. गांव के युवक भविष्य को उस सेंटर में नौकरी मिले सिर्फ 16 दिन ही हुए थे. जो घर कुछ ही दिन पहले नई नौकरी की खबर से खुशहाल था, वह आज गहरे मातम और सन्नाटे में डूबा है.

आग में फंसे भविष्य की मां से आखिरी वीडियो कॉल

भविष्य 6 जून को अपने घर से लखनऊ के लिए रवाना हुआ था. जैसे ही कोचिंग सेंटर में आग भड़की, उसने अपनी मां को वीडियो कॉल किया. रोते-बिलखते हुए उसने कहा, "चारों तरफ धुआं ही धुआं है, शायद अब जिंदा नहीं बचूंगा." कुछ ही पलों में कॉल कट गई और उसके बाद परिवार का उससे कभी संपर्क नहीं हो सका. वह आखिरी बातचीत थी जो एक मां अपने बेटे के साथ कर सकी.

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बहन की शादी का सपना अधूरा छोड़ गया भविष्य

भविष्य के मन में अपनी बहन के हाथ पीले करने का एक बड़ा सपना था और इसी सपने को पूरा करने के लिए वह नौकरी पर गया था. उसकी चाची ने बताया कि वह बेहद होशियार था और हर काम में अव्वल रहता था. परिवार का वह इकलौता बेटा था. उसके पिता एक प्राइवेट स्कूल में टीचर हैं और पूरे परिवार का खर्च वही उठाते हैं. इकलौते बेटे के जाने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. महिपुर गांव में मातम पसरा हुआ है, परिजन रो-रो कर बेहाल हैं और पूरे गांव में सन्नाटा छाया है.

दादा का दर्द और परिजनों की मांग

भविष्य के दादा ने बताया कि उनके दूसरे पोते ने ही भविष्य को गाड़ी में बिठाकर विदा किया था. दादा ने सरकार से मांग की है कि उनकी पोती को सरकारी नौकरी दी जाए. उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में दो-चार दिन तक सख्ती रहती है, फिर ढील दे दी जाती है और अधिकारियों को या तो सस्पेंड किया जाता है या ट्रांसफर कर दिया जाता है. परिजन सोमबीर ने बताया कि मंगलवार को भविष्य का अंतिम संस्कार गमगीन माहौल में कर दिया गया और परिवार ने आर्थिक मदद की मांग भी की है. परिवार की मुख्य मांग है कि भविष्य की बहन या उसके पिता को सरकारी नौकरी दी जाए ताकि उन्हें कोई सहारा मिल सके.

अब तक 15 मौतें, 2 अभी भी अस्पताल में भर्ती

अलीगंज के इस एनिमेशन कोचिंग सेंटर में अब तक कुल 15 बच्चों की मौत हो चुकी है. घायलों का इलाज जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में चल रहा है. मेडिकल कॉलेज के प्रवक्ता प्रोफेसर केके सिंह के अनुसार सभी बच्चों की मौत दम घुटने से हुई. केजीएमयू में अभी भी दो घायल भर्ती हैं. कुल 22 बच्चे अस्पताल लाए गए थे, जिनमें से पांच की पहले ही मौत हो चुकी थी और पांच को मामूली चोटें थीं. सेंटर के मालिक के खिलाफ मामला दर्ज किया जा चुका है और इस पूरे हादसे में कई चौंकाने वाले खुलासे भी सामने आ रहे हैं.

सिस्टम पर उठ रहे गंभीर सवाल

इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही की पोल खोल दी है. भविष्य का परिवार यह जानना चाहता है कि बड़े हादसे के बाद ही प्रशासनिक अधिकारी जमीन पर क्यों उतरते हैं. परिवार का साफ कहना है कि चाहे संस्थान सरकारी हो या प्राइवेट, आगे ऐसे हादसे न हों इसके लिए कड़े कदम उठाने जरूरी हैं. लापरवाह पाए जाने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों को केवल सस्पेंड या ट्रांसफर करके नहीं छोड़ा जाना चाहिए, उन्हें सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए. महिपुर गांव आज एक गहरे दर्द में डूबा है और एक परिवार इस इंतजार में बैठा है कि उनके बेटे की मौत का हिसाब किसी से तो मांगा जाएगा.

सवाल-जवाब

भविष्य कौन था और वह लखनऊ में क्यों था?
भविष्य हरियाणा के सोनीपत जिले के महिपुर गांव का रहने वाला था. वह लखनऊ के अलीगंज स्थित एनिमेशन कोचिंग सेंटर में नौकरी करता था, जो उसने सिर्फ 16 दिन पहले ही जॉइन की थी.
आग के दौरान भविष्य ने अपनी मां को क्या कहा?
उसने मां को वीडियो कॉल करके रोते हुए बताया कि चारों तरफ धुआं है और कहा 'शायद अब जिंदा नहीं बचूंगा', इसके तुरंत बाद फोन कट गया.
लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड में अब तक कितनों की मौत हुई है?
एनिमेशन कोचिंग सेंटर में अब तक 15 बच्चों की मौत हो चुकी है और केजीएमयू में 2 घायल अभी भी भर्ती हैं.
मौत का कारण क्या बताया गया?
मेडिकल कॉलेज के प्रवक्ता प्रोफेसर केके सिंह ने बताया कि सभी बच्चों की मौत दम घुटने से हुई है.
भविष्य के परिवार ने सरकार से क्या मांगें रखी हैं?
परिवार ने मांग की है कि भविष्य की बहन या उसके पिता को सरकारी नौकरी दी जाए, दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और परिवार को आर्थिक मदद मिले.
भविष्य के पिता क्या करते हैं?
भविष्य के पिता एक प्राइवेट स्कूल में टीचर हैं और वही पूरे परिवार का खर्च उठाते हैं.
कुल कितने लोग अस्पताल लाए गए और उनकी स्थिति क्या थी?
कुल 22 बच्चे अस्पताल लाए गए, जिनमें से 5 पहले ही मृत थे और 5 को मामूली चोटें आई थीं.
सेंटर के मालिक के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई है?
सेंटर के मालिक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है.
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