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सुल्तानपुर में घर पर खड़े ट्रैक्टर के नाम आया हेलमेट न पहनने का जुर्मानाउत्तर प्रदेश
19 जुल॰ 2026, 1:57 am (56 दिन पहले)· 2

सुल्तानपुर में घर पर खड़े ट्रैक्टर के नाम आया हेलमेट न पहनने का जुर्माना

सुल्तानपुर के इसहाकपुर गांव में किसान बृजेश वर्मा के घर पर खड़े ट्रैक्टर का बिना हेलमेट गाड़ी चलाने के नाम पर ई-चालान कट गया, जांच में पता चला कि गलती पड़ोसी जिले अंबेडकरनगर की बेवाना थाना पुलिस की थी।

उत्तर प्रदेश में ट्रैफिक पुलिस के अजीबोगरीब चालान अक्सर सुर्खियां बटोरते हैं, लेकिन सुल्तानपुर से सामने आया एक मामला हैरान करने वाला है, जहां घर में खड़े एक ट्रैक्टर पर बिना हेलमेट गाड़ी चलाने का ई-चालान काट दिया गया। यह पूरा मामला जिले के गोसाईंगंज थाना क्षेत्र के इसहाकपुर गांव का है, जहां रहने वाले किसान बृजेश वर्मा खेती-किसानी के लिए ट्रैक्टर का इस्तेमाल करते हैं। हाल ही में बृजेश के मोबाइल पर एक ई-चालान का मैसेज आया, जिसे देखकर वे चौंक गए। मैसेज में साफ लिखा था कि उनके ट्रैक्टर का चालान हेलमेट न पहनने की वजह से काटा गया है, जबकि ट्रैक्टर चलाने के लिए हेलमेट पहनने का कोई नियम ही नहीं है और वह वाहन उस वक्त उनके घर के बाहर ही खड़ा था।

तस्वीर बाइक की, नंबर ट्रैक्टर का

माजरा समझने के लिए जब बृजेश ने ई-चालान पोर्टल खोलकर सबूत के तौर पर लगी फोटो देखी, तो उसमें एक युवक बिना हेलमेट के बाइक चलाता दिखा, ट्रैक्टर कहीं नजर नहीं आया। हैरानी की बात यह रही कि ट्रैफिक पुलिस ने उसी फोटो के आधार पर काटे गए चालान में जो रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज किया, वह हूबहू बृजेश के ट्रैक्टर का निकला। इतना ही नहीं, चालान में जो जगह दर्ज की गई थी, वह भी असल घटनास्थल से मेल नहीं खा रही थी। यानी न फोटो सही, न वाहन सही और न ही स्थान सही, फिर भी चालान जारी हो गया।

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जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत से खुली पोल

इस बेतुके चालान से परेशान बृजेश वर्मा ने चुप बैठने के बजाय मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत संख्या 92617900029137 के तहत अपनी बात दर्ज कराई। शिकायत की जांच में खुलासा हुआ कि यह गलती सुल्तानपुर पुलिस की नहीं, बल्कि पड़ोसी जिले अंबेडकरनगर की बेवाना थाना पुलिस की है। आईजीआरएस पोर्टल पर दी गई आख्या रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि चालान बेवाना थाना क्षेत्र से जुड़े सिस्टम की खामी के चलते गलत वाहन नंबर पर दर्ज हो गया था।

गलती सुधारने के बजाय किसान को थमाई गई नई सलाह

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जांच में अपनी गलती साबित होने के बावजूद पुलिस ने खुद इसे सुधारने के बजाय पल्ला झाड़ लिया। आख्या रिपोर्ट में पीड़ित किसान को सलाह दी गई कि वह बेवाना थाने या संबंधित एआरटीओ कार्यालय जाकर खुद इस चालान को निरस्त कराए। नतीजा यह है कि बिना किसी गलती के बृजेश वर्मा अब दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं, जबकि इलाके में यूपी पुलिस के इस हेलमेट पहनने वाले ट्रैक्टर के चालान की खूब चर्चा हो रही है।

सवाल-जवाब

चालान किसके नाम पर कटा था?
सुल्तानपुर के इसहाकपुर गांव के किसान बृजेश वर्मा के ट्रैक्टर के नाम पर बिना हेलमेट गाड़ी चलाने का चालान कटा था।
चालान में असल में क्या गड़बड़ी थी?
चालान की फोटो में बिना हेलमेट बाइक चलाता युवक दिख रहा था, लेकिन रजिस्ट्रेशन नंबर बृजेश के ट्रैक्टर का दर्ज था और घटनास्थल भी गलत बताया गया था।
गलती के लिए असल में कौन जिम्मेदार निकला?
जांच में पता चला कि यह गलती सुल्तानपुर पुलिस की नहीं बल्कि पड़ोसी जिले अंबेडकरनगर की बेवाना थाना पुलिस की थी।
बृजेश वर्मा ने शिकायत कहां दर्ज कराई?
उन्होंने मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत संख्या 92617900029137 के तहत शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के बाद पुलिस ने क्या जवाब दिया?
पुलिस ने अपनी गलती सुधारने के बजाय बृजेश को सलाह दी कि वह बेवाना थाने या संबंधित एआरटीओ कार्यालय से संपर्क कर खुद चालान निरस्त कराए।
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