15 अगस्त से ठीक पहले भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने एक विशाल राष्ट्रव्यापी आतंकवाद रोधी अभियान चलाकर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI द्वारा संचालित शहजाद भट्टी नेटवर्क को करारा झटका दिया है। देश के 14 राज्यों में एक साथ की गई समन्वित छापेमारी में इस संदिग्ध नेटवर्क से जुड़े 200 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। इस त्वरित और समन्वित कार्रवाई से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश को दहलाने की संभावित आतंकवादी साजिशों को समय रहते विफल कर दिया गया है।
भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार बरामद
छापेमारी के दौरान सुरक्षा बलों को संदिग्ध ठिकानों से हथियारों और घातक विस्फोटकों का बड़ा जखीरा मिला है। एजेंसियों ने तलाशी अभियान के दौरान कई IED, पिस्तौल, बड़ी संख्या में जिंदा कारतूस और हैंड ग्रेनेड बरामद किए हैं। इनमें से कई ग्रेनेड पर Pakistan Ordnance Factories की मुहर पाई गई है, जो इस बात का स्पष्ट और ठोस प्रमाण है कि इस नेटवर्क के तार सीमा पार से जुड़े हुए थे। इसके अलावा, संदिग्धों के पास से जासूसी गतिविधियों में इस्तेमाल किए जाने वाले CCTV कैमरे भी जब्त किए गए हैं, जिनका उपयोग महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की निगरानी के लिए किया जा रहा था।
राज्यवार गिरफ्तारियों और कार्रवाइयों का आंकड़ा
इस अखिल भारतीय अभियान के तहत 14 राज्यों में सुरक्षा बलों ने एक साथ दबिश दी। अलग-अलग राज्यों में की गई कार्रवाइयों और गिरफ्तारियों का ब्योरा इस प्रकार है
- उत्तर प्रदेश: 62 संदिग्ध
- हरियाणा: 52 संदिग्ध
- दिल्ली: 51 संदिग्ध
- पंजाब: 44 संदिग्ध
- राजस्थान: 15 संदिग्ध
- महाराष्ट्र: 8 संदिग्ध
- उत्तराखंड: 5 संदिग्ध
- कर्नाटक, गुजरात और बिहार: प्रत्येक राज्य में 3-3 संदिग्ध
- तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और केरल: प्रत्येक राज्य में 2-2 संदिग्ध
कानूनी कार्रवाई और कड़े कानूनों के तहत मामले दर्ज
इस नेटवर्क के खिलाफ देश भर में अब तक 80 से अधिक FIR दर्ज की जा चुकी हैं, जबकि हालिया कार्रवाई के दौरान दिल्ली और कर्नाटक में नई FIR दर्ज की गईं। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ कड़े कानूनों के तहत मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें UAPA (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम), BNS (भारतीय न्याय संहिता), आर्म्स एक्ट, NDPS एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम शामिल हैं। इससे पूर्व, जुलाई के महीने में महाराष्ट्र ATS ने शहजाद भट्टी के संपर्क में आए 102 व्यक्तियों से गहन पूछताछ की थी, जिससे इस सिंडिकेट की कार्यप्रणाली के बारे में अहम सुराग हासिल हुए थे।
ऐतिहासिक मंदिर और भीड़भाड़ वाले स्थान थे निशाने पर
जांच में यह बात भी सामने आई है कि शहजाद भट्टी मॉड्यूल के निशाने पर देश के कई ऐतिहासिक मंदिर और प्रसिद्ध ढाबे थे। सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता के कारण इन सार्वजनिक और धार्मिक स्थलों पर हमला करने के मंसूबों को नाकाम कर दिया गया है। गृह मंत्री अमित शाह ने इस सफलता पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय सुरक्षा बलों का 14 राज्यों में एक साथ चला यह ऑपरेशन आतंकवाद के प्रति भारत की जीरो-टॉलरेंस नीति को दर्शाता है। स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर SBN से जुड़े संदिग्धों और उनके स्थानीय संपर्कों पर सुरक्षा बलों की कड़ी निगरानी लगातार जारी है।





















