कर्नाटक के कलबुर्गी जिले में आतंकवाद रोधी दस्ते (ATS) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के रहने वाले दो युवकों को हिरासत में लिया है। केंद्रीय खुफिया एजेंसी से मिले एक महत्वपूर्ण इनपुट के आधार पर की गई इस छापेमारी में दोनों संदिग्धों के तार सीमा पार पाकिस्तान और आतंकी संगठन ISIS से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। एटीएस की टीम ने यह पूरी कार्रवाई कलबुर्गी तालुक स्थित उपलम गांव के बाहरी इलाके में अंजाम दी, जहां से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की पूछताछ शुरू कर दी गई है।
बीफ प्रोसेसिंग यूनिट में करते थे काम
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मोहम्मद समीर और सलमान के रूप में हुई है, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के निवासी हैं। कलबुर्गी में रहकर दोनों 'फेयर एक्सपोर्ट्स' नामक बीफ फैक्ट्री में काम कर रहे थे। गुप्त सूचना के आधार पर उत्तर प्रदेश एटीएस की टीम ने स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के सहयोग से यह संयुक्त अभियान चलाया। फिलहाल दोनों संदिग्धों को कलबुर्गी में ही किसी अज्ञात स्थान पर रखकर सुरक्षा एजेंसियां उनसे सघन पूछताछ कर रही हैं, ताकि उनके संभावित नेटवर्क और भारत में उनके इरादों का पता लगाया जा सके।
कमरे से संदिग्ध नक्शे और दस्तावेज बरामद
कार्रवाई के दौरान उत्तर प्रदेश एटीएस की टीम ने आरोपियों के ठिकाने पर व्यापक तलाशी अभियान भी चलाया। इस दौरान आरोपी मोहम्मद समीर जिस कमरे में रह रहा था, वहां से कुछ संवेदनशील नक्शे बरामद किए गए हैं। इन नक्शों की मौजूदगी ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं, और यह जांच की जा रही है कि क्या इन नक्शों का इस्तेमाल किसी स्थान की रेकी करने या किसी बड़े षड्यंत्र को अंजाम देने के लिए किया जाना था। इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय यूनिवर्सिटी पुलिस स्टेशन में आधिकारिक तौर पर मामला दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
कर्नाटक में अवैध प्रवास और घुसपैठ पर लगातार शिकंजा
कर्नाटक के इस क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों द्वारा संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखे जाने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले 11 जुलाई को राज्य के चिक्कबल्लापुर जिले में भी एक बड़ी कार्रवाई देखने को मिली थी, जहां बागेपल्ली पुलिस ने एक पाकिस्तानी महिला और उसके बेटे को गिरफ्तार किया था। दासागरेपल्ली गांव में रह रही इस महिला की पहचान फरहा नाज और उसके बेटे की पहचान मोहम्मद फरदीन खान के रूप में हुई थी। यह महिला दासागरेपल्ली के एक स्थानीय निवासी से शादी करके वहीं रह रही थी।
जांच में सामने आया था कि दोनों वीजा की वैध अवधि समाप्त हो जाने के बावजूद अवैध रूप से भारत में बने हुए थे। पुलिस ने उनके पास से कई भारतीय पहचान पत्र और दस्तावेज भी जब्त किए थे, जिनकी सत्यता की जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां राज्य में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों और संदिग्ध सीमा पार संपर्कों पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।



















